90% छूट के लालच में खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, शॉपिंग से पहले रहें अलर्ट

1 hour ago
90% छूट के लालच में खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, शॉपिंग से पहले रहें अलर्ट

By: Aditi Shukla | Updated Date: Tue, 03 Nov 2026 16:41:44 (IST)

अगर आप भी इस फेस्टिव सीजन ऑनलाइन शॉपिंग करने जा रहे हैं तो पेमेंट करने से पहले इन फैक्ट्स को जरूर जान लें।

दिवाली का सीजन आ चुका है और इंटरनेट पर हर तरफ 'मेगा सेल' और 'बम्पर डिस्काउंट' के बैनर्स नजर आ रहे हैं। लेकिन आपके स्मार्टफोन की स्क्रीन पर दिखने वाला हर ऑफर असली नहीं है। साइबर क्रिमिनल्स अब इतने स्मार्ट हो गए हैं कि वे हूबहू असली जैसी दिखने वाली फेक वेबसाइट्स और AI-जेनरेटेड ऐड्स से आपको अपना शिकार बना रहे हैं। अगर आप भी इस फेस्टिव सीजन ऑनलाइन शॉपिंग करने जा रहे हैं तो पेमेंट करने से पहले इन फैक्ट्स को जरूर जान लें।


डेटा जो आपको डरा देगा

GSMA की 'इंडिया कंज्यूमर स्कैम रिपोर्ट 2026' के आंकड़े आंखें खोलने वाले हैं। सर्वे में रिपोर्ट किए गए स्कैम्स में सबसे आम 'ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड' (33%) था। पिछले 12 महीनों में 12% रिस्पॉन्डेंट्स ने किसी न किसी स्कैम का शिकार होने की बात मानी। सबसे डराने वाली बात यह है कि जिन लोगों के पैसे डूबे उनमें से 67% को कुछ भी वापस नहीं मिला। वहीं ग्लोबल ई-कॉमर्स फ्रॉड की बात करें तो एक और रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में दुनिया भर के बिजनेसेस को इसकी वजह से 56।1 बिलियन डॉलर (करीब 4।7 लाख करोड़ रुपये) का भारी नुकसान हो चुका है।

स्कैमर्स के 3 बड़े जाल: ऐसे करें पहचान

फेक और 'लुक-अलाईक' डोमेन: स्कैमर्स बड़ी कंपनियों की स्पेलिंग में हल्का बदलाव करके फेक वेबसाइट बनाते हैं (जैसे Amazon की जगह Amzon या flipkart-sale।xyz)। अब सिर्फ वेबसाइट का 'पैडलॉक' (ताले का निशान) देखना काफी नहीं है क्योंकि फेक साइट्स भी सिक्योर सर्टिफिकेट्स खरीद लेती हैं। इसलिए हमेशा URL की स्पेलिंग ध्यान से पढ़ें।

'खतरनाक' डिस्काउंट्स: अगर किसी 50 हजार के प्रीमियम स्मार्टफोन पर 'Flat 90% Off' लिखा है तो समझ जाइए कि यह जाल है। स्कैमर्स 'Only 2 items left' या स्क्रीन पर टाइमर चलाकर आप पर जल्दबाजी में पेमेंट करने का दबाव बनाते हैं।

AI-जेनरेटेड फेक रिव्यूज: GSMA रिपोर्ट के मुताबिक 89% भारतीय रिस्पॉन्डेंट्स ने स्कैम्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल होते देखा है। फेक वेबसाइट्स पर दिखने वाले परफेक्ट रिव्यूज, डीपफेक वीडियोज और फेक ऐड्स पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।


अगर फ्रॉड हो जाए तो तुरंत क्या करें

अगर गलती से आपने किसी फेक साइट पर पेमेंट कर दिया है तो पैनिक न करें। शुरुआती घंटे बहुत क्रिटिकल होते हैं:

1.कॉल 1930: सबसे पहले 'साइबर क्राइम हेल्पलाइन' 1930 पर कॉल करें और अपने बैंक या पेमेंट ऐप को सूचित करें। तुरंत रिपोर्टिंग से स्कैमर के अकाउंट में फंड फ्रीज होने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

2.पोर्टल पर शिकायत: cybercrime।gov।in पर जाकर स्क्रीनशॉट्स, ट्रांजैक्शन ID और बैंक स्टेटमेंट के साथ अपनी फॉर्मल शिकायत दर्ज करें।

3.कंज्यूमर हेल्पलाइन: प्रोडक्ट की डिलीवरी या फेक आइटम से जुड़े विवाद के लिए 'नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन' (NCH) 1915 पर कॉल करें या उनके व्हाट्सएप नंबर (8800001915) पर कॉन्टेक्ट करें।

4.संदिग्ध लिंक्स की रिपोर्ट: किसी भी संदिग्ध मैसेज या कॉल को सरकार के 'संचार साथी' के चक्षु पोर्टल पर रिपोर्ट करें।

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