एक बार पहनकर कपड़े कर देते हैं रिटर्न दिवाली शॉपिंग से पहले जान लें ये रूल्स

1 hour ago

ऑनलाइन शॉपिंग ने त्योहारों की तैयारियां आसान कर दी हैं। घर बैठे पसंद के कपड़े मंगवाना, ट्राई करना और पसंद न आने पर वापस कर देना अब आम बात है। लेकिन क्या हो जब एक रात पहनने के लिए मंगाया गया आउटफिट त्योहार खत्म होते ही रिटर्न कर दिया जाए। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &एक्स&य पर निशांत चंत नाम के यूजर ने एक वीडियो शेयर किया जिसमें डिलीवरी हब पर रिटर्न पार्सल का ढेर नजर आया। दावा किया गया कि ये कपड़े डांडिया नाइट के लिए मंगाए गए थे और त्योहार खत्म होने के बाद लौटा दिए गए। हालांकि वीडियो और पार्सल के बारे में इन दावों की पक्की जानकारी नहीं मिली लेकिन इसने ऑनलाइन शॉपिंग में रिटर्न पॉलिसी के गलत इस्तेमाल और छोटे कारोबारियों को होने वाले नुकसान पर बहस छेड़ दी है। ऐसे में दिवाली की सेल से पहले जानना जरूरी है कि बार-बार रिटर्न करने पर आपको किन रूल्स और चार्जेज का सामना करना पड़ सकता है।


एक रिटर्न से छोटे सेलर्स को लगता है बड़ा फटका

सेलर गाइड्स जैसे Swcybernetics और Robnu की 2026 की रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में फैशन और कपड़ों की कैटेगरी में रिटर्न रेट सबसे ज्यादा (30% से 40% तक) होता है। जब कोई ग्राहक कपड़ा पहनकर या बिना वजह रिटर्न करता है तो छोटे बिजनेस ओनर्स को पांच तरह से नुकसान उठाना पड़ता है:

1. दोतरफा शिपिंग : सामान भेजने और वापस मंगवाने दोनों का खर्च सेलर की जेब से जाता है।

2. क्लीनिंग और पैकेजिंग: अगर कपड़ों में पसीने, परफ्यूम या मेकअप के निशान हैं तो सेलर को उसे ड्राई-क्लीन करवाना पड़ता है।

3. नई जैसी वैल्यू खत्म होना: टैग टूटने या पैकेजिंग खराब होने पर उस महंगे लहंगे या कुर्ते को 'नए' के तौर पर दोबारा नहीं बेचा जा सकता।

4. सीजनल स्टॉक का रिस्क: फेस्टिव कपड़ों की डिमांड कुछ ही दिनों की होती है। नवरात्रि के बाद लौटाया गया डांडिया आउटफिट सेलर के लिए डेड-स्टॉक बन जाता है।

5. नो रिफंड ऑन क्लोजिंग फीस: अमेजन इंडिया के नए नियमों के मुताबिक रिटर्न ऑर्डर्स पर सेलर्स को 'क्लोजिंग फीस' (6 से 21 रुपये पर यूनिट) भी वापस नहीं मिलती।


अब रिटर्न करने पर आपको भी नहीं मिलेगा पूरा पैसा

सिर्फ सेलर्स को बचाना ही नहीं बल्कि बढ़ते लॉजिस्टिक्स खर्च को देखते हुए अब ई-कॉमर्स कंपनियों ने ग्राहकों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अगर आप भी बात-बात पर सामान ऑर्डर करके रिटर्न करते हैं तो अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स के ये रूल्स जान लें:

- Amazon India : लेटेस्ट मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर आप अमेजन से कोई सामान मंगवाते हैं और डिलीवरी के बाद उसे रिटर्न करते हैं तो कंपनी आपको पूरा रिफंड नहीं देगी। अमेजन हर ऑर्डर पर लगने वाली अपनी 'मार्केटप्लेस/प्रोसेसिंग फीस' (₹5) काटकर ही बाकी पैसा लौटाएगा।

- Myntra : मिंत्रा अपने ऑर्डर्स पर 10 से 20 रुपये की नॉन-रिफंडेबल 'प्लेटफॉर्म/कन्वीनियंस फीस' लेता है। मिंत्रा के ऑफिशियल ब्लॉग और बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक जिन यूजर्स का 'रिटर्न रेट' बहुत ज्यादा होता है कंपनी उन पर हर ऑर्डर के हिसाब से 199 से 299 रुपये तक का भारी चार्ज लगा देती है या उनके लिए फ्री-रिटर्न का ऑप्शन ही ब्लॉक कर देती है।

- Ajio : रिलायंस के प्लेटफॉर्म आजियो पर 19 रुपये की कन्वीनियंस फीस रिटर्न करने पर वापस नहीं मिलती। इसके अलावा, बार-बार रिटर्न या कैंसिलेशन करने वाले ग्राहकों से कंपनी 100 रुपये प्रति ऑर्डर की 'फुलफिलमेंट फीस' भी वसूलती है।

Flipkart : मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक फ्लिपकार्ट और अमेजन के रूल्स साफ कहते हैं कि बिना ओरिजिनल टैग, धुले हुए या इस्तेमाल किए गए कपड़े रिटर्न नहीं हो सकते। अब डिलीवरी एजेंट दरवाजे पर ही सख्त 'क्वालिटी चेक' (टैग, बारकोड और स्टेन चेक) करते हैं और गड़बड़ी मिलने पर पिकअप तुरंत कैंसिल कर देते हैं।


दिवाली में स्मार्ट और जिम्मेदार शॉपर ऐसे बनें

1. 'ट्रायल रूम' की तरह न करें शॉपिंग: तीन अलग-अलग साइज या रंग के कुर्ते यह सोचकर ऑर्डर न करें कि एक रखकर बाकी दो लौटा देंगे। इससे आपका रिटर्न रेशियो खराब होगा और फ्यूचर में आपको एक्स्ट्रा फीस देनी पड़ेगी। ऑर्डर करने से पहले ब्रांड का 'साइज चार्ट' इंच-टेप से नापकर जरूर चेक करें।

2. रिव्यूज में असली फोटोज देखें: मॉडल की फोटो देखकर कपड़े न खरीदें। नीचे कस्टमर रिव्यूज में जाकर लोगों द्वारा अपलोड की गई असली फोटोज देखें ताकि कपड़े की क्वालिटी और रंग का सही अंदाजा हो सके।

3. टैग्स और पैकेजिंग रखें: अगर साइज गलत आ ही गया है तो कपड़े को ट्राई करते वक्त उसका प्राइस टैग न तोड़ें और परफ्यूम या मेकअप न लगाएं। वरना क्वालिटी चेक फेल हो जाएगा और आपका रिफंड अटक जाएगा।

4. छोटे बिजनेस की कद्र करें: गलत या डैमेज सामान लौटाना आपका कानूनी हक है। लेकिन सिर्फ एक रात की पार्टी के लिए कपड़े मंगाकर लौटाना ठीक नहीं है। इस दिवाली स्मार्ट शॉपिंग करें ताकि त्योहार की खुशी आपके और उस छोटे दुकानदार दोनों के घर में बनी रहे।

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