डॉगी के साथ बेड शेयर करने की झिझक छोड़ें ये आपकी नींद के लिए है फायदेमंद

1 hour ago
डॉगी के साथ बेड शेयर करने की झिझक छोड़ें ये आपकी नींद के लिए है फायदेमंद

By: Aditi Shukla | Updated Date: Sun, 18 Oct 2026 19:25:09 (IST)

'PLOS One' जर्नल में पब्लिश हुई इस पीयर-रिव्यूड रिसर्च के मुताबिक रात में इंसान अपने डॉगी की नींद खराब नहीं करते बल्कि कई बार इंसान ही अनजाने में अपने पेट्स की नींद में खलल डाल देते हैं।

अगर आप भी अपने फरी फ्रेंड यानी डॉगी के साथ रात में सोते हैं और इस बात से परेशान रहते हैं कि उसकी हलचल से आपकी स्लीप साइकिल डिस्टर्ब हो सकती है तो आपके लिए एक नई रिसर्च दिलचस्प साबित हो सकती है। अक्सर लोग इसी डर से अपने पेट्स को बिस्तर पर साथ सुलाने से बचते हैं लेकिन कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो मिसिसॉगा के रिसर्चर्स की स्टडी कुछ अलग ही कहानी बताती है। 'PLOS One' जर्नल में पब्लिश हुई इस पीयर-रिव्यूड रिसर्च के मुताबिक रात में इंसान अपने डॉगी की नींद खराब नहीं करते बल्कि कई बार इंसान ही अनजाने में अपने पेट्स की नींद में खलल डाल देते हैं।


यह था स्लीप टेस्ट

इस स्टडी में 25 इंसानों (जिनमें से 21 विमेंस थीं) और उनके 38 डॉग्स को शामिल किया गया। ये सभी डॉग्स हस्की या मैलाम्यूट ब्रीड के थे। पूरी सच्चाई जानने के लिए रिसर्चर्स ने सिर्फ इंसानों के कहे पर भरोसा नहीं किया। उन्होंने इंसानों की कलाई पर और कुत्तों के कॉलर पर 'फिटबिट' जैसे स्मार्ट एक्टिविटी ट्रैकर्स बांध दिए और चार हफ्ते तक उनके सोने के पैटर्न को रिकॉर्ड किया।


रिसर्च में हुए ये 4 बड़े और हैरान करने वाले खुलासे

1. इंसान हैं ज्यादा 'बेड हॉग्स'

ट्रैकर से मिले डेटा ने साबित कर दिया कि रात में सोते समय दोनों की हरकतें एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं। लेकिन चौंकाने वाली बात यह थी कि जब भी दोनों एक साथ हिले तो 45% मामलों में सबसे पहले इंसान हिला था जिसके बाद डॉग भी डिस्टर्ब होकर हिलने लगा। इसके उलट केवल 18% मामलों में ही डॉग्स ने पहले हिलकर इंसान को जगाया। आसान शब्दों में कहें तो- हम इंसान करवटें बदलकर अपने डॉग्स की नींद ज्यादा खराब करते हैं।


2. डॉग्स सेट करते हैं आपकी 'बॉडी क्लॉक'

डॉग्स एक सख्त रूटीन फॉलो करना पसंद करते हैं। रिसर्चर मिंग फी ली और लवानिया नागेंद्रन ने बताया कि कुत्ते 'जाइटगेबर्स' यानी टाइम-गिवर्स की तरह काम करते हैं। इसका मतलब है कि वे आपको हर रात एक तय समय पर सोने के लिए मजबूर करते हैं जिससे आपकी सर्कैडियन रिदम (बॉडी क्लॉक) सेट होती है और लंबे समय में नींद की क्वालिटी सुधरती है।


3. आपके भ्रम और सच्चाई में है बड़ा फर्क

रिसर्च में शामिल लगभग आधे इंसानों (48%) ने यह रिपोर्ट किया कि उनके डॉग्स की वजह से उनकी नींद खराब होती है। खासकर उन लोगों ने जिनके पास एक से ज्यादा कुत्ते थे। लेकिन स्मार्ट ट्रैकर का डेटा कुछ और ही बता रहा था। मशीन के मुताबिक डॉग के साथ बेड शेयर करने से इंसानों की नींद की क्वालिटी या समय में कोई भी गिरावट दर्ज नहीं की गई।


4. मेंटल हेल्थ के लिए फायदेमंद हैं डॉग्स

कुत्ते रात में चाहे जितना भी हिलें-डुलें 72% लोगों ने माना कि डॉग के पास होने से उन्हें मेंटल पीस और सेफ्टी का अहसास होता है। यह एक गहरा साइकोलॉजिकल असर है जो हमारी रात की एंग्जायटी (घबराहट) को कम करता है और सुकून की नींद देता है।


पेट पेरेंट्स के लिए कुछ खास टिप्स

स्पेस का रखें ध्यान: अगर आप करवटें ज्यादा बदलते हैं तो अपने बेड का साइज बड़ा रखें ताकि आपका डॉगी आराम से एक कोने में सो सके।

रूटीन बनाएं: डॉग्स रूटीन पसंद करते हैं। उन्हें उनके सोने के समय से कुछ देर पहले एक्टिविटी कराएं ताकि वे थक कर गहरी नींद सो जाएं।

अलग बेड का ऑप्शन: अगर आपके पास एक से ज्यादा डॉग्स हैं और आपको सच में नींद में परेशानी महसूस हो रही है तो आप अपने कमरे में ही उनके लिए एक अलग आरामदायक डॉग बेड लगा सकते हैं।

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