दशहरा आने को है और अब करवाचौथ, दिवाली और छठ पूजा से लेकर क्रिसमस तक त्योहारों की लंबी लाइन लगी है। लेकिन इन खुशियों के बीच एक 'साइलेंट किलर' भी हमारे घरों में दस्तक दे रहा है। पॉल्यूशन और फॉग का खतरनाक कॉम्बिनेशन यानी 'स्मॉग' । सर्दियों की शुरुआत और धुएं के कारण आने वाले कुछ हफ्ते हमारी सेहत के लिए भारी पड़ने वाले हैं। अगर आपको लगता है कि आप यंग और फिट हैं इसलिए आप पर इस जहरीली हवा का असर नहीं होगा तो यह आपकी गलतफहमी हो सकती है। ऐसे मौसम में अवेयर रहने की जरूरत है।
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सिर्फ फेफड़े नहीं दिल पर भी होता है अटैक
- अक्सर लोग मानते हैं कि एयर पॉल्यूशन का असर सिर्फ खांसी, गले में खराश या अस्थमा तक ही होता है लेकिन इसका असर दिल की सेहत पर भी पड़ सकता है। हवा में मौजूद PM2.5 के बेहद छोटे कण सांस के जरिए फेफड़ों के अंदर तक पहुंच सकते हैं। इन कणों के संपर्क में आने से शरीर में सूजन बढ़ सकती है और दिल व ब्लड वेसेल्स पर बुरा असर पड़ सकता है।
- WHO और अमेरिकन एनवायरनमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी के मुताबिक हवा में मौजूद महीन कणों के कॉन्टेक्ट में रहने से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और दिल से जुड़ी दूसरी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसका जोखिम बुजुर्गों, पहले से हृदय रोग से जूझ रहे लोगों और अन्य गंभीर बीमारियों से प्रभावित लोगों में ज्यादा हो सकता है। पॉल्यूशन के कारण ब्लड प्रेशर और ब्लड वेसेल्स के काम करने का प्रोसेस भी प्रभावित हो सकता है।
- लंबे समय तक पॉल्यूटेड हवा में सांस लेने से फेफड़ों और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए पॉल्यूशन के लेवल पर ध्यान देना, ज्यादा पॉल्यूशन के समय बाहर की मेहनत वाली एक्टिविटीज कम करना और जरूरत पड़ने पर सही फिटिंग वाला मास्क पहनना फायदेमंद हो सकता है। खासकर पहले से बीमार लोगों को पॉल्यूशन के दिनों में एक्स्ट्रा सावधानी बरतनी चाहिए।
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इन लोगों को होता है ज्यादा रिस्क
- बुजुर्ग और अस्थमा पेशेंट्स: सांस और दिल के मरीजों के लिए यह समय नाजुक है। इनहेलर पास रखें और सीने में भारीपन होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें।
- बच्चे: बच्चों के फेफड़े विकसित हो रहे होते हैं और वे तेजी से सांस लेते हैं (हाई रेस्पिरेटरी रेट) जिससे उनके शरीर में ज्यादा जहरीली हवा जाती है. हाई AQI में उन्हें आउटडोर गेम्स से रोकें।
- यंग और फिट लोग यह जहरीला धुआं आपके रेस्पिरेटरी ट्रैक की बाहरी परत को डैमेज कर देता है जिससे आप आसानी से वायरल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन का शिकार हो जाते हैं।
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पॉल्यूशन से बचने के जरूरी टिप्स
- मास्क में कंजूसी न करें: नॉर्मल कपड़े या सर्जिकल मास्क जहरीले धुएं (PM2.5) को नहीं रोक सकते। जब भी बाहर निकलें एकदम सही फिटिंग वाला N95 या N99 मास्क ही पहनें।
- सुबह की सैर से बचें: सुबह हवा भारी होती है और स्मॉग बिल्कुल नीचे होता है। इसलिए बाहर दौड़ने या टहलने की बजाय घर के अंदर ही वर्कआउट करें।
- गुनगुना पानी पिएं: दिनभर थोड़ा-थोड़ा गुनगुना पानी पीते रहें। इससे सांस की नली में नमी बनी रहती है और धूल के कण फेफड़ों तक नहीं पहुंच पाते।
- घर की हवा साफ रखें: बाहर धुआं ज्यादा हो तो खिड़कियां बंद रखें। घर के अंदर अगरबत्ती, कॉइल या कपूर जलाने से बचें। हो सके तो HEPA फिल्टर वाला एयर प्यूरिफायर चलाएं।
- मरीज एक्स्ट्रा ध्यान रखें: अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या हार्ट पेशेंट्स अपना इनहेलर और जरूरी दवाएं हमेशा साथ रखें। थोड़ी सी भी परेशानी होने पर डॉक्टर से मिलें।
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स्मॉग से लड़ने के लिए ऐसे बढ़ाएं इम्यूनिटी
पॉल्यूशन हमारे शरीर की बीमारियों से लड़ने की ताकत को कमजोर कर देता है। इसे मजबूत बनाने के लिए अपनी डाइट में इन चीजों को शामिल करें:
ब्रोकली और गोभी : 'पबमेड' और 'न्यूट्रिशन फैक्ट्स' में छपी रिसर्च के मुताबिक ब्रोकली, पत्तागोभी और फूलगोभी में 'सल्फोराफेन' नाम का खास तत्व होता है। यह तत्व सांस के जरिए शरीर में गए जहरीले धुएं और कैंसर पैदा करने वाले कचरे को साफ करके बाहर निकाल देता है।
विटामिन E और C का कॉम्बो: 'साइंस डायरेक्ट' जर्नल की 12 साल लंबी एक स्टडी के मुताबिक बादाम और कद्दू के बीज (विटामिन E) पॉल्यूशन के कारण होने वाले डैमेज से आपके फेफड़ों को बचाते हैं। वहीं आंवला, अमरूद और नींबू (विटामिन C) शरीर की सूजन को कम करके इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं।
हरी पत्तेदार सब्जियां: प्लांट-बेस्ड डाइट पर हुई रिसर्च बताती है कि बाहर का तला-भुना खाने के बजाय हरी सब्जियां (पालक, मेथी) और दालें खाएं. इनमें मौजूद फोलेट और एंटीऑक्सीडेंट्स खतरनाक PM2.5 कणों से शरीर में होने वाली सूजन और न्यूरोलॉजिकल नुकसान को रोकते हैं.
विटामिन D का रखें ध्यान: 'क्लिनिकल एंड एक्सपेरिमेंटल इम्यूनोलॉजी' की रिपोर्ट के मुताबिक सर्दियों और स्मॉग की वजह से धूप नहीं मिल पाती है जिससे विटामिन D का स्तर गिर जाता है। हमारे इम्यून सिस्टम का 70% हिस्सा हमारी आंत में होता है जिसे बाहरी वायरस और पॉल्यूशन से लड़ने के लिए विटामिन D3 की सख्त जरूरत होती है।

1 hour ago
