भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद MCX पर चांदी 6 फीसदी टूटी, निवेशक हैरान

1 hour ago

Last Updated:March 03, 2026, 18:49 IST

चांदी की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट से बाजार में हलचल मच गई है. MCX पर चांदी करीब 6 फीसदी टूट गई, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में 10 फीसदी की गिरावट दिखी. डॉलर की मजबूती और बढ़ती बॉन्ड यील्ड ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है. अब निवेशकों की नजर फेड की नीति और वैश्विक हालात पर टिकी है.

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MCX पर चांदी 6% लुढ़की, सोने में भी आई गिरावट. (Image:AI)

नई दिल्ली. घरेलू वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है. MCX पर चांदी करीब 6 फीसदी टूटकर 2,61,773 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करती दिखी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी लगभग 10 फीसदी फिसलकर 80 डॉलर के आसपास पहुंच गई. आमतौर पर वैश्विक तनाव के समय कीमती धातुओं में तेजी देखी जाती है, लेकिन इस बार उलटा रुख देखने को मिला. निवेशक सुरक्षित निवेश की बजाय डॉलर और बॉन्ड की ओर झुकते नजर आ रहे हैं, जिससे चांदी पर दबाव बढ़ा है.

डॉलर इंडेक्स की मजबूती बना बड़ी वजह
चांदी और सोने में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती मानी जा रही है. डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत मापता है, पिछले पांच दिनों में करीब 1.4 फीसदी चढ़ चुका है. यह 100 के स्तर के करीब पहुंच गया है, जो पिछले साल मई के बाद पहली बार देखने को मिल सकता है डॉलर मजबूत होने पर निवेशक आमतौर पर डॉलर आधारित परिसंपत्तियों को प्राथमिकता देते हैं. चांदी और सोना ब्याज नहीं देते, इसलिए जब बॉन्ड यील्ड बढ़ती है और डॉलर मजबूत होता है, तो इन धातुओं की मांग घट जाती है. इसी कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना भी करीब 4 फीसदी फिसल गया.

तेल की तेजी और फेड की नीति का असर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 9 फीसदी की उछाल आई और ब्रेंट 85 डॉलर के आसपास पहुंच गया. ऊर्जा कीमतों में तेजी से महंगाई की चिंता बढ़ी है. इससे अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड ऊपर गई है और बाजार फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर सतर्क हो गया है. पहले जहां जुलाई में दर कटौती की उम्मीद थी, अब इसे सितंबर तक टलने की संभावना जताई जा रही है. लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों का माहौल कीमती धातुओं के लिए नकारात्मक माना जाता है. यही वजह है कि भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ने के बावजूद चांदी में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है.

चांदी में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक डॉलर कमजोर नहीं होता या ब्याज दरों में कटौती के संकेत स्पष्ट नहीं मिलते, तब तक चांदी में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. निवेशकों को फिलहाल सतर्क रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है. हालांकि बाजार बंद रहने के कारण स्पॉट रेट्स अगले कारोबारी दिन जारी होंगे, लेकिन संकेत साफ हैं कि घरेलू बाजार में भी चांदी और सोना कमजोरी के साथ खुल सकते हैं. विश्लेषकों का मानना है कि अगर डॉलर इंडेक्स 100 के पार निकल जाता है और बॉन्ड यील्ड ऊंची बनी रहती है, तो कीमती धातुओं पर दबाव और बढ़ सकता है. वहीं मध्य पूर्व में तनाव और होरमुज जलडमरूमध्य से जुड़ी अनिश्चितता बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव भी ला सकती है. ऐसे में छोटे निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए लंबी अवधि के नजरिये से फैसला लेने की सलाह दी जा रही है.

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Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in ...और पढ़ें

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New Delhi,Delhi

First Published :

March 03, 2026, 18:49 IST

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