Last Updated:March 03, 2026, 17:29 IST
Iran-Israel War News: इजरायल ने ईरान की राजधानी से लेकर हर इलाके को बारूद से पाट दिया है, बावजूद इसके ईरान युद्ध रोकने को तैयार नहीं है. इसी बीच इजरायल ने एक बार फिर से ईरान के उस इलाके को निशाना बनाया है, जो इसका पावर सेंटर माना जाता है. ईरान की सारी नीतियां यहीं से तय होती हैं और टॉप लीडरशिप का ये अड्डा है.

ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध में अब हालात गंभीर होते जा रहे हैं. ईरानी मिसाइलें यरुशलम तक तबाही मचा रही हैं, तो आईडीएफ सीधे तेहरान के पावर सेंटर को खत्म करने में जुटी है. ये वही इलाका है, जहां से ईरान की नीतियां तय होती हैं और यहीं खामेनेई का दफ्तर भी हुआ करता था. इजरायल का ये हमला ईरान की उन मिसाइलों के जवाब में देखा जा रहा है, जो उन्होंने इजरायली पीएमओ के पास सोमवार को छोड़ी थीं. इसमें इजरायल ने कोई भी नुकसान नहीं होने की बात कही थी.
इजरायल की वायुसेना की ओर से जानकारी दी गई कि हमने तेहरान में राष्ट्रपति भवन और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की इमारतों को निशाना बनाया. इजरायली सेना ने एक बयान में कहा कि उसने रात के समय चलाए गए एक अभियान में तेहरान में ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद भवन को निशाना बनाया. एएफपी के मुताबिक बयान में कहा गया है कि हमले में इजरायली वायु सेना ने राष्ट्रपति भवन और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद भवन पर कई गोले बरसाए.
क्यों इजरायल ने पावर सेंटर को बनाया निशाना?
जिस जगह पर इजरायल ने हमला किया है, वो अपने आपमें बड़े मायने रखती है. ईरान की टॉप लीडरशिप यहीं रहती है. यहां तक कि अयातुल्लाह अली खामेनेई का मुख्य बंकर, घर और कार्यालय यहीं स्थित था. ईरान के राष्ट्रपति का आधिकारिक कामकाज भी इसी परिसर के अहम हिस्से से होता था. ईरान के सबसे बड़े सुरक्षा फैसले लेने वाली इस परिषद का मुख्यालय भी इसी परिसर में था. इजरायल ने इस हमले के बाद ये दावा भी किया है कि उन्होंन ईरान के नए रक्षा मंत्री जनरल माजिद इब्न अल-रेजा को मार गिराया है. हालांकि ईरान की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है.ईरान के न्यूक्लियर सेंटर पर भी हमला
इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच इस्लामी गणराज्य के खिलाफ युद्ध चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है और सुबह से ही भयानक विस्फोटों की आवाज ने ईरानी राजधानी और अन्य शहरों को हिलाकर रख दिया है. इसी बीच
इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी ने पुष्टि की है कि ईरान के नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी में एंट्रेंस बिल्डिंग्स को थोड़ा नुकसान पहुंचा है. इजरायल की ओर से जारी सैटेलाइट तस्वीरों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह बयान आया है.
सैटेलाइट तस्वीरों में यूएस-इजरायली बमबारी अभियान के दौरान हुए नुकसान को साफ तौर पर दिखाया गया था. परमाणु कार्यक्रमों पर नजर रखने वाली अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी ने ईरान के नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी कॉम्प्लेक्स को हुए नए नुकसान की पुष्टि की.
क्या है नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी?
नतांज फैसिलिटी जून में इजरायल और ईरान के बीच पिछले 12-दिन के युद्ध में मुख्य टारगेट में से एक थी, जिसमें यूएस भी आखिरकार शामिल हो गया था. नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी ईरान का प्रमुख परमाणु केंद्र है, जहां मुख्य रूप से यूरेनियम संवर्धन किया जाता है, जो विवाद का विषय रहा है. यह सुविधा ईरान के इस्फहान प्रांत में स्थित है और इसकी कई इकाइयां भूमिगत बनाई गई हैं. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) भी इस जगह का निरीक्षण करती रही है. यह केंद्र ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय विवाद और निगरानी का प्रमुख विषय रहा है.About the Author
News18 में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर...और पढ़ें
First Published :
March 03, 2026, 17:29 IST

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