Last Updated:January 06, 2026, 13:51 IST
India Chenab River Projects: सिंधु समझौते को ठंडे बस्ते में डालने के बाद अब भारत ने चिनाब नदी पर काम तेज कर दिए हैं. चिनाब नदी सिंधु बेसिन का हिस्सा है, जो पाकिस्तान की लाइफलाइन मानी जाती है. दस में से नौ पाकिस्तानी इस पानी पर निर्भर हैं. ऐसे में भारत के इस कदम से शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की दिल की धुकधुकी बढ़नी लाजमी है.
सरकार ने चिनाब नदी पर चार बड़े हाईड्रोपॉवर प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं.पाकिस्तान की पानी पर भारत की पकड़ अब कोई दूर की रणनीतिक सोच नहीं रही है, बल्कि यह जम्मू-कश्मीर के पहाड़ों में जमीनी हकीकत बनती जा रही है. केंद्र सरकार ने अपने इरादे साफ़ तौर पर दिखाते हुए चिनाब नदी प्रणाली पर चार बड़े हाईड्रोपॉवर प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों से कहा गया है कि पाकल डुल और किरू परियोजनाओं को दिसंबर 2026 तक चालू किया जाए, क्वार परियोजना को मार्च 2028 तक पूरा किया जाए और रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील रतले डैम के निर्माण की रफ्तार और बढ़ाई जाए. यह फैसला बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर के जम्मू-कश्मीर में दो दिन के जमीनी निरीक्षण के बाद आया है, जहां उन्होंने कई डैम साइट्स की प्रगति की समीक्षा की और साफ़ कर दिया कि अब समयसीमा सख्ती से लागू की जाएगी.
यह मामला सिर्फ बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है. चिनाब नदी सिंधु बेसिन का हिस्सा है, जो पाकिस्तान की जीवनरेखा मानी जाती है. पाकिस्तान के करीब तीन-चौथाई जल स्रोत उन पश्चिमी नदियों से आते हैं, जो भारत से होकर पाकिस्तान में प्रवेश करती हैं. पाकिस्तान की 90 प्रतिशत से ज्यादा खेती इसी बेसिन पर निर्भर है और उसके लगभग पूरे बांध और नहरों का नेटवर्क इसी पानी पर आधारित है. सीधे शब्दों में कहें तो पाकिस्तान के दस में से नौ लोग उस पानी पर निर्भर हैं, जो पहले भारत की जमीन से होकर बहता है. यही वजह है कि चिनाब पर भारत का हर कदम पाकिस्तान में बेहद बारीकी से देखा जाता है.
इसी साल शुरू हो जाएगा पाकुल डुल डैम
इन परियोजनाओं में सबसे अहम किश्तवाड़ में बन रही पाकल डुल जलविद्युत परियोजना है. यह 1,000 मेगावाट की क्षमता के साथ चिनाब बेसिन की सबसे बड़ी परियोजना है और 167 मीटर ऊंचाई के साथ भारत का सबसे ऊंचा डैम भी है. सबसे अहम बात यह है कि यह पश्चिमी नदियों पर भारत की पहली स्टोरेज परियोजना है, जो आगे चलकर पाकिस्तान की ओर बहती हैं. चिनाब की एक सहायक नदी पर बनी इस परियोजना का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई 2018 में किया था. सिंधु जल संधि के व्यावहारिक रूप से निष्क्रिय होने के बाद केंद्र सरकार ने इसे दिसंबर 2026 तक चालू करने का आदेश दिया है. इसके शुरू होते ही भारत को न सिर्फ बिजली बनाने, बल्कि पानी के बहाव के समय को नियंत्रित करने की क्षमता भी मिल जाएगी, जिसे लेकर पाकिस्तान लंबे समय से चिंतित रहा है.
किरू भी बढ़ाएगा पाकिस्तान की टेंशन
इसके साथ ही किश्तवाड़ जिले में ही स्थित किरू परियोजना पर भी तेजी से काम चल रहा है. चिनाब पर 135 मीटर ऊंचा किरू डैम एक रन-ऑफ-द-रिवर परियोजना है, लेकिन इसकी रणनीतिक अहमियत इस बात में है कि यह नदी के ऊपर और नीचे बन रही अन्य परियोजनाओं की श्रृंखला का हिस्सा है. केंद्र सरकार ने किरू के लिए भी दिसंबर 2026 की समय-सीमा तय की है, जिससे साफ़ है कि दोनों परियोजनाओं को एक साथ चालू करने की योजना है.
इस रणनीति का तीसरा बड़ा हिस्सा है क्वार परियोजना. यह भी चिनाब पर बनी 109 मीटर ऊंची रन-ऑफ-द-रिवर परियोजना है. जनवरी 2024 में एक अहम इंजीनियरिंग उपलब्धि हासिल की गई थी, जब निर्माण के लिए चिनाब नदी का सफलतापूर्वक डायवर्जन किया गया. इस कदम पर पाकिस्तान ने कड़ी नजर रखी थी. अब केंद्र सरकार ने क्वार परियोजना को मार्च 2028 तक चालू करने के निर्देश देकर इसकी समय-सीमा भी तय कर दी है.
2028 तक बन जाएगा रतले डैम
इसके बाद आता है रतले प्रोजेक्ट, जो शायद सबसे ज्यादा विवादित परियोजना है. 850 मेगावाट की इस परियोजना में चिनाब पर 133 मीटर ऊंचा डैम बनाया जा रहा है, जिसका पाकिस्तान लंबे समय से विरोध करता रहा है, खासतौर पर इसके स्पिलवे डिजाइन को लेकर. हाल ही में बिजली मंत्री के दौरे के दौरान इस डैम के कंक्रीट कार्य की आधारशिला रखी गई, जिससे संकेत मिला कि अब रतले परियोजना भी तेजी से आगे बढ़ेगी. इस परियोजना के लिए 2024 में चिनाब को सुरंगों के जरिये मोड़ा गया था और डैम के 2028 तक तैयार होने की उम्मीद है.
इन प्रमुख परियोजनाओं के अलावा भारत चिनाब पर दुलहस्ती स्टेज-2 परियोजना को भी आगे बढ़ा रहा है. इस परियोजना को पिछले साल दिसंबर में पर्यावरण मंत्रालय की समिति से मंजूरी मिली थी. यह दुलहस्ती-1 के बाद बनाई जाएगी, जो पहले से ही चालू है. पाकिस्तान ने हाल ही में इस मंजूरी पर भी आपत्ति जताई है और कहा है कि उसे इसकी जानकारी नहीं दी गई, लेकिन भारत ने इस आपत्ति को सिरे से खारिज कर दिया है.
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अमन शर्मासीनियर एडिटर (पॉलिटिक्स)
CNN News18 में सीनियर एडिटर (पॉलिटिक्स) अमन शर्मा News18.com के ब्यूरो चीफ है. इन्हें PMO समेत देश की बड़ी राजनीतिक गतिविधियों की कवरेज का दो दशक से ज्यादा का अनुभव है. राजनीतिक घटनाक्रमों पर पैनी पकड़ रखते हैं...और पढ़ें
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New Delhi,Delhi
First Published :
January 06, 2026, 13:51 IST

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