Faiz-e-Ilahi Mosque Demolition Drive LIVE: राजधानी के रामलीला मैदान के पास स्थित तुर्कमान गेट इलाके में बुधवार तड़के अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान भारी हिंसा भड़क गई. नगर निगम दिल्ली (MCD) द्वारा हाईकोर्ट के निर्देश पर सैयद फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया जा रहा था. सुबह करीब 12:40 बजे 30-35 लोगों की हिंसक भीड़ ने बैरिकेड्स तोड़कर पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. इस हमले में दिल्ली पुलिस के कम से कम पांच जवान घायल हुए हैं. चांदनी महल थाने के सिपाही विक्रम के सिर पर गंभीर चोट आई है, जहां डॉक्टरों को तीन टांके लगाने पड़े. हेड कांस्टेबल जल सिंह और सिपाही रविंदर के शरीर पर भी कई जगह चोटें हैं. उपद्रवियों ने सरकारी लाउड-हेलर छीनकर तोड़ दिया और पुलिस की ड्यूटी में बाधा डाली. पुलिस ने आत्मरक्षा में आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया. फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है.
इस हिंसा पर मुरादाबाद के पूर्व सपा सांसद डॉ. एस.टी. हसन ने प्रशासन को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है. उन्होंने पथराव को ‘एक्शन का रिएक्शन’ बताते हुए कहा कि आधी रात को कार्रवाई करने से अफवाहें फैलीं. डॉ. हसन ने रामपुर सांसद मौलाना नदवी का बचाव करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें मुसलमान और सपा नेता होने के कारण निशाना बनाया जा रहा है. वहीं, भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने पलटवार करते हुए कहा कि सपा वोट बैंक के लिए पत्थरबाजों को ‘कवर फायर’ दे रही है.
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भी इस कार्रवाई को शर्मनाक बताया है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब मामला अदालत में लंबित है, तो आधी रात को बुलडोजर क्यों चलाया गया? विपक्ष ने इसे संविधान की मूल भावना के खिलाफ और एक समुदाय को प्रताड़ित करने की साजिश करार दिया है.
पत्थरबाजों की जांच के लिए दिल्ली पुलिस ने बनाई अलग टीम, सोशल मीडिया पर पैनी नजर, SP नेता की भूमिका की भी हो रही जांच
दिल्ली तुर्कमान गेट मामले की जांच के लिए दिल्ली पुलिस ने स्पेशल टीम गठन की है. 50 लोगों की पहचान की है जिनकी भूमिका साजिश से जुड़ी है. स्पेशल टीम को अगल अलग टास्क दिया गया है. 1 टीम पत्थर फेंकने वालों पर काम कर रही है. 1 टीम सोशल मीडिया पर काम कर रही है. समाजवादी पार्टी के नेता स्पॉट पर थे. उसका वीडियो दिल्ली पुलिस के कब्जे में है उसको वैरिफाई किया जा रहा है. उनकी भूमिका की जांच की जाएगी वो यहां क्या कर रहे थे. देखा जा रहा है उसके बाद आगे एक्शन लिया जाएगा पूछताछ भी सम्भव है. साजिश और हर एंगल पर जांच की जा रही है.
तुर्कमान गेट पर एक्शन: पत्थरबाजों की खैर नहीं, पुलिस ने 5 को दबोचा, अब रडार पर सियासी चेहरे!
तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हुई हिंसक झड़प के मामले में दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपना लिया है. एडिशनल सीपी निधि वत्सन के मुताबिक, पुलिस ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर जांच के लिए एक स्पेशल टीम का गठन किया है. इस पूरे मामले को ऑपरेशन यूनिट को ट्रांसफर कर दिया गया है ताकि गहनता से तफ्तीश की जा सके. पुलिस ने अब तक इस हिंसा में शामिल पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्हें कोर्ट में पेश किया जा रहा है. जांच में सामने आया है कि इस पत्थरबाजी में न केवल स्थानीय बल्कि बाहरी लोग और कुछ राजनीतिक चेहरे भी सक्रिय रूप से शामिल थे. पुलिस ने अलग-अलग टीमों को विशिष्ट कार्य सौंपे हैं ताकि हर पहलू की बारीकी से जांच हो सके.
एमसीडी, डीडीए, पीडब्ल्यूडी का तुर्कमान गेट मस्जिद पर ज्वाइंट सर्वेक्षण, जानें क्या कुछ निकलकर आया सामने?
याचिका के संबंध में संयुक्त सर्वेक्षण दिल्ली नगर निगम (MCD), दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO – शहरी विकास एवं गरीबी उन्मूलन मंत्रालय), राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD) तथा पुलिस अधिकारियों द्वारा किया गया. संयुक्त सर्वेक्षण रिपोर्ट (JSR) में निम्नलिखित निष्कर्ष दर्ज किए गए हैं:
(i) 2512 वर्ग फुट क्षेत्र में PWD की सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण पाया गया है.
(ii) 36,428 वर्ग फुट क्षेत्र में अतिक्रमण पाया गया है. यह भूमि MCD की बताई गई है, जहां JSR के अनुसार वर्तमान में बारात-घर एवं अन्य व्यावसायिक गतिविधियां, जिनमें पार्किंग और निजी डायग्नोस्टिक सेंटर शामिल हैं, अवैध रूप से संचालित की जा रही हैं.
(iii) 7,343 वर्ग फुट क्षेत्र में एक मस्जिद और कब्रिस्तान स्थित हैं. रिपोर्ट के अनुसार यह भूमि L&DO द्वारा अब तक MCD को हस्तांतरित नहीं की गई है.
तुर्कमान गेट में स्पेश्ल सीपी का पैदल मार्च, तनाव के बाद इलाके में शांति
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में हुई हिंसा और तनाव के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए खुद स्पेशल कमिश्नर रविन्द्र यादव मैदान में उतर आए हैं. बुधवार को सेंट्रल दिल्ली जोन के स्पेशल सीपी ने पुलिस अधिकारियों के साथ हिंसा प्रभावित क्षेत्र और मस्जिद के आसपास के अतिक्रमण वाली लोकेशन का गहन मुआयना किया. उनके साथ इलाके के डीसीपी और कई अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे.
Delhi Demolition Drive: तुर्कमान गेट मस्जिद कार्रवाई पर एमसीडी का आधिकारिक बयान
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) भूमि एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ), भारत सरकार के अधीन रामलीला ग्राउंड का लाइसेंसी है। एक शिकायत के आधार पर, एमसीडी द्वारा एलएंडडीओ एवं दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के अधिकारियों के समन्वय से रामलीला ग्राउंड में अतिक्रमण का सर्वेक्षण किया गया। सर्वेक्षण में यह पाया गया कि लगभग 36,428 वर्ग फुट क्षेत्रफल पर रामलीला ग्राउंड में एक बैंक्वेट हॉल एवं अन्य व्यावसायिक गतिविधियों, जिनमें एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर भी शामिल है, के माध्यम से अतिक्रमण किया गया था। सर्वेक्षण में सड़क एवं फुटपाथ पर अतिक्रमण होना भी पाया गया था।
इसी बीच, रामलीला ग्राउंड से लगभग 36,428 वर्ग फुट अतिक्रमण हटाने के संबंध में एक संगठन द्वारा माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय में रिट याचिका (सिविल) संख्या 17153/2025 दायर की गई थी। माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिनांक 12.11.2025 को आदेश पारित करते हुए एमसीडी को निर्देशित किया कि वह संयुक्त सर्वेक्षण रिपोर्ट में उल्लिखित अतिक्रमण एवं अवैध व्यावसायिक गतिविधियों को हटाने हेतु प्रभावित पक्षों/व्यक्तियों को सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए आदेश की तिथि से तीन माह की अवधि के भीतर उपयुक्त कार्रवाई करे।
माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में एमसीडी द्वारा प्रभावित पक्षों को दिनांक 24.11.2025 एवं 16.12.2025 को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया। उक्त सुनवाई में प्रबंध समिति मस्जिद सैयद फ़ैज़ इलाही, दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड, डीडीए, एल&डीओ तथा राजस्व विभाग, दिल्ली सरकार के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सुनवाई के दौरान प्रस्तुत अभिलेखों एवं बयानों पर सावधानीपूर्वक विचार करने के उपरांत, एमसीडी द्वारा माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में दिनांक 22.12.2025 को आदेश पारित किया गया। सुनवाई एवं प्रस्तुत दस्तावेज़ी साक्ष्यों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि वर्ष 1940 में (एलएंडडीओ) द्वारा केवल 0.195 एकड़ भूमि के लिए पट्टा विलेख निष्पादित किया गया था, जिसमें एक टिन शेड, चबूतरा, हुजरा एवं कब्रिस्तान स्थित थे। दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड अथवा प्रबंध समिति सैयद फ़ैज़ इलाही द्वारा उक्त पट्टा विलेख में सम्मिलित भूमि से अधिक किसी भी प्रकार के स्वामित्व अथवा अधिकार से संबंधित कोई दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं किया गया।
एमसीडी द्वारा दिनांक 22.12.2025 को पारित आदेश, जो कि माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा डब्ल्यू.पी. (सिविल) संख्या 17153/2025 में दिनांक 12.11.2025 को पारित आदेश के अनुपालन में था, के अनुसरण में दिनांक 07.01.2026 को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। उक्त कार्रवाई के दौरान पट्टा विलेख में सम्मिलित 0.195 एकड़ भूमि क्षेत्र को छोड़ते हुए शेष अतिक्रमण को हटा दिया गया।
Delhi Demolition Drive: एक्शन का रिएक्शन तो होगा ही, पत्थरबाजी पर पूर्व सांसद का विवादित बयान
मुरादाबाद के पूर्व सांसद डॉ. एस.टी. हसन ने तुर्कमान गेट हिंसा मामले में एक चौंकाने वाला बयान दिया. उन्होंने दिल्ली में हुई पथराव की घटना को ‘एक्शन का रिएक्शन’ करार देते हुए प्रशासन को ही कटघरे में खड़ा किया. डॉ. हसन ने कहा कि भारतीय लोग अफवाहों पर जल्दी विश्वास कर लेते हैं. जब आधी रात को मस्जिद गिराने की अफवाह उड़ी, तो जनता की ओर से प्रतिक्रिया होना स्वाभाविक था. उन्होंने तर्क दिया कि प्रशासन की गलत टाइमिंग ने ही माहौल को बिगाड़ने का काम किया. पूर्व सांसद ने रामपुर सांसद मौलाना नदवी का बचाव करते हुए इसे सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया. डॉ. हसन के मुताबिक, नदवी को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे एक मुसलमान और समाजवादी पार्टी के सांसद हैं. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि किसी स्थान पर फोटो आ जाने मात्र से कोई अपराधी नहीं हो जाता. डॉ. हसन ने इस पूरी कार्रवाई को एकतरफा और बदले की भावना से प्रेरित बताया है. इसपर शहजाद पूनावाला ने कहा वोट बैंक के नाम पर समाजवादी पार्टी पत्थरबाजों को बचाने पर उतर चुकी है ST हसन ने पहले भी विवादित बयान दिए हैं उच्च को लेकर का को लेकर वह कहते हैं यह एक्शन का रिएक्शन है पत्थरबाजों को कवर फायर दे रही है समाजवादी पार्टी.
Delhi Demolition Drive: अतिक्रमण हो रहा था तब लोग कहां थे, मुरादाबाद में बुलडोजर एक्शन की गूंज
तुर्कमान गेट मामले में मुरादाबाद से सपा के पूर्व सांसद डॉ. एस.टी. हसन ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए हैं. उन्होंने अतिक्रमण हटाने की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए पूछा कि रात दो बजे कार्रवाई करने की क्या जरूरत थी. डॉ. हसन के अनुसार, यदि दिन के उजाले में पारदर्शी तरीके से एक्शन होता, तो तनाव की स्थिति पैदा नहीं होती. पूर्व सांसद ने रामपुर के सांसद मौलाना नदवी का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें केवल मुस्लिम और सपा नेता होने के कारण निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने तर्क दिया कि किसी स्थान पर मौजूदगी मात्र से कोई अपराधी नहीं हो जाता. डॉ. हसन ने अधिकारियों की लापरवाही पर भी सवाल उठाया कि जब अतिक्रमण हो रहा था, तब वे क्या कर रहे थे.
घायल सिपाहियों की FIR में आपबीती, 35 लोगों की भीड़ ने किया था हमला
तुर्कमान गेट इलाके में अवैध निर्माण हटाने के दौरान हुई हिंसा में पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला हुआ है. चांदनी महल थाने में तैनात सिपाही संदीप के बयान के आधार पर FIR दर्ज की गई है, जिसमें कहा गया 7 जनवरी 2026 की रात करीब 12:40 बजे 30-35 लोगों की भीड़ ने बैरिकेड्स तोड़कर पत्थरबाजी शुरू कर दी. इस हमले में सिपाही विक्रम के सिर पर गंभीर चोट आई है, जिनके घाव पर डॉक्टरों ने तीन टांके लगाए हैं. वहीं हेड कांस्टेबल जल सिंह और सिपाही रविंदर भी इस पथराव में घायल हुए हैं.
Delhi Demolition Drive: भीड़ ने लाउडस्पीकर छीन कर तोड़ दिया, बुलडोजर एक्शन के बीच पत्थरबाजी पर दिल्ली पुलिस का दावा
सिपाही संदीप ने न्यूज18 इंडिया को बताया कि उपद्रवियों ने सरकारी लाउड-हेलर छीनकर तोड़ दिया और पुलिस की ड्यूटी में बाधा डाली. घायल जवानों को तत्काल LNJP अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने इस मामले में BNS की धाराओं और PDPP एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. विक्रम ने भावुक होते हुए बताया कि उनकी चोट की खबर सुनकर घर पर परिजन काफी परेशान हो गए थे. फिलहाल पुलिस आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई में जुटी है.
Delhi Demolition Drive: पत्थरबाजी में जवानों के फटे सिर, दिल्ली पुलिस का दावा
तुर्कमान गेट मस्जिद में अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई पत्थरबाजी में दिल्ली पुलिस के जवान गंभीर रूप से घायल हुए. चांदनी महल थाने में तैनात सिपाही विक्रम और हेड कांस्टेबल जल सिंह इस हिंसा का शिकार हुए. सिपाही विक्रम के सिर पर पत्थर लगने से गहरी चोट आई है, जिसके बाद डॉक्टरों को तीन टांके लगाने पड़े. वहीं, हेड कांस्टेबल जल सिंह के शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं. विक्रम ने न्यूज18 इंडिया को बताया कि जब उनके घायल होने की खबर घर पहुंची, तो परिवार वाले बुरी तरह घबरा गए थे. पुलिस ने इन्हीं जवानों के बयान के आधार पर उपद्रवियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है. फिलहाल पुलिस इलाके में शांति बनाए रखने की कोशिश कर रही है.
Delhi Demolition Drive: आधी रात को बुलडोजर एक्शन क्यों: इमरान प्रतापगढ़ी
तुर्कमान गेट स्थित मस्जिद फैज-ए-इलाही पर हुई कार्रवाई ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है. कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने इस मामले को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार को कटघरे में खड़ा किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब मामला अदालत में लंबित है, तब भी आधी रात को फोर्स लगाकर बुलडोजर चलाया गया. प्रतापगढ़ी ने इसे मुसलमानों को प्रताड़ित करने की साजिश करार दिया. उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सवाल पूछे. इस कार्रवाई के बाद इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है. विपक्षी दल इसे संविधान की मूल भावना के खिलाफ बता रहे हैं. सरकार की इस कार्रवाई पर अब जनता और नेताओं के बीच तीखी बहस छिड़ गई है.
तुर्कमान गेट पर मस्जिद पर हाई डेमोलिशन ड्राइव पर क्या बोले MCD मेयर राजा इकबाल
दिल्ली नगर निगम के मेयर राजा इकबाल ने तुर्कमान गेट के पास हाईकोर्ट के आदेश पर हुए डेमोलिशन ड्राइव पर कहा कि पहले मैं उस जमीन के बारे में बताना चाहता हूं. साल 1940 के अंदर लगभग 900 स्क्वायर मीटर जगह एलएनडीओ द्वारा एक कब्रिस्तान को दी गई, जिसके पेपर्स हैं कमेटी के पास है. समय के बाद उस जगह पर मस्जिद बन गई. मस्जिद बनने के बाद उसके साथ में एक रामलीला ग्राउंड के अंदर बहुत बड़ी इंक्रोचमेंट की ग. अवैध निर्माण था जिसमें एक बैंक्वेट हॉल चलता था और दूसरी फैसिलिटीज चलती थी. यह मुद्दा रामलीला ग्राउंड को क्लियर करवाने का माननीय हाईकोर्ट में गया जिसमें कमेटी की जो उनकी मैनेजमेंट कमेटी थी उनके लोग भी गए. वह अपने डॉक्यूमेंट के साथ गए और ऑनरेबल हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि अवैध निर्माण को हटाया जाए और म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ने अवैध निर्माण को हटाया तो इसलिए जो मानिए हाईकोर्ट का आदेश था. म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने वह आदेश का पालन किया. वह पूरे देश के अंदर कॉर्पोरेशन का काम है अवैध निर्माण को हटाना. आगे से भी जहां पर किसी भी जगह अवैध निर्माण होगा, म्युनिसिपल कारपोरेशन ऐसे काम करती रहेगी. डेमोलिशन ड्राइव को सुबह की बजाए आधी रात में किए जाने पर मेयर ने कहा कि यह रात-दिन वाली कोई बात नहीं. मुद्दा यह था कि अवैध निर्माण को हटाना था, तो अवैध निर्माण को हटा दिया. ड्राइव के दौरान पुलिसकर्मियों पर हुई पत्थरबाजी पर मेयर ने कहा कि जब हम किसी चीज के ऊपर अपना एंगल डिफरेंट करके देखते हैं, क्योंकि धार्मिक नेता हो, राजनीतिक नेता हों. वो अपनी-अपनी रोटियां सेकते हैं वो किस एंगल से लोगों को गुमराह करते हैं. लोगों को आक्रोश पैदा करते हैं. मगर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन का किसी एंगल से कोई मतलब नहीं, हमने केवल जो हमें आदेश था माननीय हाईकोर्ट का, उसका पालन किया. डेमोलिशन से पहले भेजे गए नोटिस पर मेयर ने कहा कि हाईकोर्ट का ऑर्डर है तो हाईकोर्ट ने जो ऑर्डर दिया सब तरह के उसकी लीगैलिटी दी, उसको हमने पूरा किया.
डेमोलिशन के दौरान क्या मस्जिद पर भी कुछ प्रभाव हुआ, इसपर बोलते हुए राजा इकबाल ने कहा कि जो लोगों में भ्रम फैलाया गया है, अफवाह फैलाई गई कि किसी तरह का हम जो धार्मिक स्थल है उसको डेमोलिश करने जा रहे हैं, ऐसा कुछ भी नहीं है. अब लोगों में शांति है क्योंकि लोगों ने देखा किसी भी तरह का ऐसा काम नहीं किया गया और किसी भी हमने जो धार्मिक स्थल है उसको टच नहीं किया. हमने केवल अवैध जो था निर्माण था, जहां पर बैंकेट हॉल चल रहा था, केवल उसी को हटाया. अब ऑलमोस्ट काम हो चुका है और मलबा पड़ा हुआ है, वो मलबा भी वहां से हट जाएगा.
Delhi Demolition Drive: पत्थरबाजी के आरोपियों की हुई पहचान
दिल्ली मस्जिद बुलडोजर एक्शन लाइव: फैज-ए-इलाही मस्जिद एरिया में अतिक्रमण हटाने गई एमसीडी और पुलिस की टीम पर पत्थरबाजी करने वालों की पहचान कर ली गई है. हिरासत में लिए गए आरोपियों के नाम सार्वजनिक किए गए हैं. वे इस प्रकार हैं -:
आदिल कासिफ
मोहम्मद कैफ
मोहम्मद आरिब
उजैफ
अजीम
इरफान
(ये सभी पत्थरबाजी में शामिल थे)
इसके अलावा अदनान और समीर ने WhatsApp पर वीडियो और ऑडियो नोट सर्कुलेट किया था.
Delhi Demolition Drive: अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी किसकी? अमानतुल्ला खान ने बताया
दिल्ली मस्जिद बुलडोजर एक्शन लाइव: आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक और पूर्व दिल्ली वक्फ बोर्ड अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान ने फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास हुई कार्रवाई को लेकर नगर निगम और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं. अमानतुल्लाह ख़ान ने कहा कि हाईकोर्ट पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि मस्जिद के आसपास की 123 जमीन वक्फ की है, इसके बावजूद इतनी जल्दबाज़ी में कार्रवाई क्यों की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों को सुकून से जीने नहीं दिया जा रहा और एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि उसी परिसर में एक मंदिर भी मौजूद है, लेकिन उस पर कभी किसी मुस्लिम ने सवाल नहीं उठाया. आप विधायक ने कहा कि अगर अतिक्रमण था भी, तो उसे हटाने की जिम्मेदारी वक्फ बोर्ड की थी न कि नगर निगम की. उन्होंने दावा किया कि नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में की गई यह कार्रवाई पूरी तरह अवैध है और इसके खिलाफ आवाज़ उठाई जाएगी.
Delhi Demolition Drive: डॉक्यूमेंट जामा मस्जिद के भी नहीं हैं तो उसको भी तोड़ देंगे क्या - अमानतुल्ला खान
दिल्ली मस्जिद बुलडोजर एक्शन लाइव: तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाओ अभियान पर राजनीतिक बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है. आम आदमी पार्टी के नेता अमानतुल्ला खान ने कहा कि ये अतिक्रमण कैसे हुआ…यह वक्फ की जमीन है. उन्होंने आगे कहा कि वक्फ ऑडिट करता है, मैं भी इसका चेयरपर्सन था. बकायदा उसका ऑडिट होता रहा है. आप नेता ने कहा कि डॉक्यूमेंट जामा मस्जिद के भी नहीं हैं तो उसको भी तोड़ देंगे क्या? पत्थरबाजी के सवाल पर बोले कि क्या बल का प्रयोग करना सही था…वहां लोगों को बताते वो खुद हटा लेते.
Delhi Demolition Drive: तुर्कमान गेट में शख्स की मौत, जानाजे में 20-25 लोगों को जाने की ही अनुमति
दिल्ली मस्जिद बुलडोजर एक्शन लाइव: तुर्कमान गेट के पास एक गली में किसी की मौत हुई है, जिसे सुपुर्दे-खाक किया जाना है. इसलिए स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से इस मामले में जानकारी ली और उसके बाद अब शव को कब्रिस्तान की तरफ ले जाया जा रहा है. प्रशासन ने शवयात्रा में मात्र 20 से 25 लोगों को ही जाने की परमिशन दी है.
Delhi Demolition Drive: वायरल वीडियो से खुला पत्थरबाजी की साजिश का राज, एक्शन में पुलिस
दिल्ली मस्जिद बुलडोजर एक्शन लाइव: दिल्ली के तुर्कमान गेट और फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया. इस दौरान पुलिस और नगर निगम की टीम पर पत्थरबाजी की गई. अब इसको लेकर सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं. इनमें से तीन वीडियो पुलिस के हाथ लगे हैं. पुलिस इन वीडियो के आधार पर पत्थरबाजों की पहचान की जा रही है. वीडियो के आधार पर कुछ लोगों को पूछताछ के लिए भी बुलाया गया है. ऐसे ही एक वीडियो में यह कहते हुए सुना जा सकता है कि ‘घर पर बैठने से कुछ नहीं होगा, घर से बाहर आओ…पूरी रात काली करो…मस्जिद पर पहुंचो.’ अब इन वीडियो के आधार पर पहचान की जा रही है.
Delhi Demolition Drive: 'दोषियों को दंडित किया जाएगा', रेखा गुप्ता सरकार का ऐलान- कुछ को गिरफ्तार किया है
दिल्ली मस्जिद बुलडोजर एक्शन लाइव: तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने और मंगलवार को हुई पत्थरबाजी की घटना पर दिल्ली कैबिनेट मंत्री आशीष सूद ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है. उन्होंने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. मस्जिद के इर्द-गिर्द जो व्यवसायिक प्रतिष्ठान बने थे, उनके खिलाफ कोर्ट का निर्देश था. उस कोर्ट के निर्देश पर ये कार्रवाई हो रही है. इस कार्रवाई को रोकना गलत है. दोषियों को दंडित किया जाएगा और कुछ दोषियों को गिरफ्तार भी किया गया है.’
Delhi Demolition Drive: तुर्कमान गेट इलाके में अवैध कब्जे की किसने की थी शिकायत?
दिल्ली मस्जिद बुलडोजर एक्शन लाइव: MCD के लैंड एंड एस्टेट विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सेव इंडिया फाउंडेशन की शिकायत पर जांच में सामने आया कि रामलीला ग्राउंड की सरकारी जमीन पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किया गया है. जांच में खुलासा हुआ कि इस जमीन का इस्तेमाल बिना अनुमति मस्जिद/मरकज़, बैंक्वेट हॉल, निजी डायग्नोस्टिक सेंटर, पैथोलॉजी लैब और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है. संयुक्त सर्वे में पाया गया कि करीब 2512 वर्ग फीट सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण, लगभग 36,428 वर्ग फीट रामलीला ग्राउंड की जमीन पर कब्जा कर पार्किंग और निजी व्यावसायिक गतिविधियां ऑपरेट की जा रही थीं. इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने MCD को अतिक्रमण हटाने और अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए. इसके बाद 24 नवंबर 2025 को डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में सुनवाई भी की गई, जिसमें DDA, L&DO और दिल्ली वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधि शामिल हुए थे.
Delhi Demolition Drive: तुर्कमान गेट इलाके में रात में क्यों किया गया बुलडोजर एक्शन? DCP ने बताया
दिल्ली मस्जिद बुलडोजर एक्शन लाइव: सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी ने तुर्कमान गेट इलाके से प्रस्थान करते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट की. डीसीपी ने बताया कि इलाके में अतिक्रमण को लेकर काफी समय से लगातार नोटिस दिए जा रहे थे. हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बाद ही यह कार्रवाई की गई. डीसीपी के अनुसार, कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक जाम की स्थिति खराब न हो, इसको ध्यान में रखते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रात के समय की गई. पुलिस और प्रशासन की टीमें पूरे इलाके में मौजूद रहीं और हालात पर लगातार नजर रखी गई. उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी की गई और कानूनी प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास किया गया. ऐसे लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. फिलहाल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि पूरे मामले की तफ्तीश जारी है. डीसीपी ने कहा कि पुलिस पूरे इलाके का मुआयना कर रही है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न फैले और शांति बनी रहे. उन्होंने आम लोगों से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है. पुलिस ने साफ किया कि अदालत के आदेशों का पालन कराना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है.

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