Last Updated:February 11, 2026, 17:45 IST
IAF Vayu Shakti 2026 Exercise: भारतीय वायुसेना 27 फरवरी 2026 को पोखरण में 'वायुशक्ति-26' अभ्यास के जरिए अपनी विध्वंसक ताकत का प्रदर्शन करेगी. इस युद्धाभ्यास में राफेल, तेजस और प्रचंड हेलिकॉप्टर समेत 120 से ज्यादा विमान हिस्सा लेंगे. पहली बार सी-295 विमान नाइट असॉल्ट लैंडिंग करेगा. पाकिस्तान सीमा के पास होने वाले इस अभ्यास का मकसद वायुसेना की अचूक मारक क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' की मजबूती को दुनिया को दिखाना है.

नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना (IAF) आगामी 27 फरवरी 2026 को राजस्थान के जैसलमेर स्थित पोखरण रेंज में अपनी मारक क्षमता का सबसे बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है. ‘एक्सरसाइज वायुशक्ति-26’ के नाम से होने वाले इस युद्धाभ्यास में वायुसेना अपनी तेज़, सटीक और निर्णायक कार्रवाई की क्षमता को दुनिया के सामने रखेगी. यह अभ्यास न केवल सैन्य ताकत का प्रदर्शन है, बल्कि दुश्मन देशों के लिए एक कड़ा संदेश भी है कि भारत की सुरक्षा के लिए वायुसेना हर पल तैयार है. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एयर मार्शल नागेश कपूर ने बताया कि इस बार का अभ्यास पहले से कहीं ज्यादा आधुनिक और रणनीतिक होने वाला है.
राफेल से लेकर प्रचंड तक, 120 एयरक्राफ्ट दिखाएंगे जलवा
वायुशक्ति-26 में भारतीय वायुसेना के बेड़े के सबसे घातक विमान हिस्सा ले रहे हैं. इसमें कुल 120 से ज्यादा एयरक्राफ्ट शामिल होंगे, जिनमें 77 फाइटर जेट, 43 हेलिकॉप्टर और 8 ट्रांसपोर्ट विमान अपनी ताकत दिखाएंगे. मुख्य आकर्षण राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस, मिराज-2000 और जगुआर जैसे लड़ाकू विमान होंगे. इनके साथ ही स्वदेशी अटैक हेलिकॉप्टर ‘प्रचंड’ और हैवी लिफ्ट हेलिकॉप्टर ‘चिनूक’ भी अपनी युद्ध कौशल का प्रदर्शन करेंगे. यह अभ्यास दिन, शाम और रात यानी हर समय युद्ध लड़ने की हमारी क्षमता को परखेगा.
पहली बार सी-295 की नाइट लैंडिंग और गरुड़ कमांडो का शौर्य
इस युद्धाभ्यास में कई चीजें पहली बार होने जा रही हैं. ‘वायुशक्ति’ के इतिहास में पहली बार सी-295 विमान नाइट असॉल्ट लैंडिंग ड्रिल को अंजाम देगा. इसके अलावा, सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस विमान छोटे और कच्चे रनवे पर लैंड होकर गरुड़ कमांडो को वॉर जोन में उतारेंगे और कुछ ही मिनटों में दोबारा उड़ान भरेंगे. यह ऑपरेशन किसी भी आपात स्थिति में सैनिकों को दुश्मन के इलाके में सुरक्षित उतारने की क्षमता को दर्शाता है. इस दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में इस्तेमाल किए गए आधुनिक हथियारों और लॉयटरिंग एम्युनिशन का भी परीक्षण किया जाएगा.
पाक सीमा पर अभेद्य सुरक्षा चक्र और ‘नोटम’ जारी
चूंकि यह अभ्यास भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहद करीब हो रहा है, इसलिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. वायुसेना ने नियमों के मुताबिक ‘नोटम’ (Notice to Airmen) जारी कर दिया है. इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम के जरिए पूरे एयरस्पेस की निगरानी की जाएगी. किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को रोकने के लिए एंटी-एयरक्राफ्ट और एंटी-ड्रोन सिस्टम की कई लेयर तैयार की गई हैं. यह अभ्यास ‘आत्मनिर्भर भारत’ की सोच को भी मजबूत करता है, क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में स्वदेशी हथियार प्रणालियों का उपयोग किया जा रहा है. 24 फरवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल के बाद 27 फरवरी को फाइनल असॉल्ट के साथ आसमान में भारत की विजयगाथा गूंजेगी.
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दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़...और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
February 11, 2026, 17:45 IST

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