Area 51 Real Truth: एरिया 51 को दुनिया की सबसे रहस्यमयी जगहों में गिना जाता है. यह अमेरिका के नेवादा में मौजूद एक बेहद गोपनीय सैन्य ठिकाना है. सालों तक सरकार ने इसके अस्तित्व से इनकार किया था, लेकिन 2013 में सीआईए ने पहली बार माना कि यह एक सैन्य अड्डा है. हालांकि एलियंस और यूएफओ से जुड़ी कई कहानियां इस जगह को और भी रहस्यमय बना देती हैं. आइए आपको विस्तार से बताते हैं.
एरिया 51 कहां है और क्या है?
एरिया 51 अमेरिका में स्थित है. यह लास वेगास शहर से करीब 134 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में पड़ता है. सरकारी कागजों में इसे नेवादा टेस्ट एंड ट्रेनिंग रेंज कहा जाता है. इसे ग्रूम लेक और होम एयरपोर्ट के नाम से भी जाना जाता है. इसकी शुरुआत साल 1955 में हुई थी. उस समय सीआईए ने यहां U-2 जासूसी विमान की टेस्टिंग के लिए इसे तैयार किया था. कोल्ड वार के दौर में यह जगह बेहद अहम मानी जाती थी.
एलियंस और UFO की कहानियां क्यों जुड़ीं?
कोल्ड वार के समय यहां U-2 और बाद में SR-71 ब्लैकबर्ड जैसे खास जासूसी विमानों का टेस्ट होता था. ये विमान आम जहाजों से बहुत ज्यादा ऊंचाई साथ ही करीब 70000 फीट या उससे भी ऊपर उड़ते थे. जब लोगों ने आसमान में इन चमकते जहाजों को देखा तो कई लोगों ने उन्हें UFO समझ लिया था.
1989 में बॉब लजार नाम के एक व्यक्ति ने दावा किया कि उन्होंने एरिया 51 में एलियन तकनीक पर काम किया है. उनके इस दावे के बाद एलियन से जुड़ी बातें और फैल गईं थी. इसके अलावा 1947 की रोजवेल घटना भी अक्सर एरिया 51 से जोड़ी जाती है. उस घटना में कथित तौर पर एक अज्ञात वस्तु के गिरने की बात कही गई थी. अफवाहें फैलीं कि उसका मलबा और एलियन के शव एरिया 51 में छिपाए गए हैं.
क्या है असली सच्चाई?
कई सालों तक अमेरिकी सरकार ने एरिया 51 के बारे में खुलकर कुछ नहीं कहा लेकिन साल 2013 में सीआईए ने आधिकारिक तौर पर माना कि यह एक सैन्य ठिकाना है. आज भी इस जगह का इस्तेमाल एडवांस हथियारों, स्टील्थ विमानों और ड्रोन की टेस्टिंग के लिए किया जाता है. यहां सुरक्षा बेहद कड़ी है. इलाके की सीमा पर हथियारबंद गार्ड तैनात रहते हैं, जिन्हें लोग कैमो ड्यूड्स कहते हैं. इसके ऊपर की हवाई सीमा है जिसे R-4808N कहा जाता है उसमें बिना अनुमति उड़ान भरना सख्त मना है.
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