Last Updated:January 15, 2026, 13:20 IST
केरल के मलम्पूझा स्कूल में अनिल द्वारा छात्रा के यौन उत्पीड़न छिपाने पर प्रधानाध्यापिका निलंबित, पुलिस जांच जारी, शिक्षा विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं.
fशिक्षक ने छात्रा को अपने घर पर शराब पिलाकर शोषण किया था.पलक्कड़(केरल). मलम्पूझा के सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में शिक्षक द्वारा छात्रा के यौन उत्पीड़न की घटना को छिपाने पर प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया गया है. शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए इसे गंभीर लापरवाही बताया है. स्कूल के प्राथमिक संस्कृत शिक्षक अनिल ने एक छात्रा को अपने घर पर शराब पिलाकर शोषण किया था. यह बात प्रधानाध्यापिका को पिछले महीने ही पता चल गई थी. लेकिन उन्होंने न तो पुलिस को सूचना दी. न ही उच्च अधिकारियों को अवगत कराया. इसके बजाय स्कूल प्रबंधन ने मामले को दबाने की कोशिश की.
जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय ने बताया कि सहायक शिक्षा अधिकारी की जांच में स्कूल प्रशासन की चूक सामने आई. पुलिस ने 4 जनवरी को आरोपी अनिल को गिरफ्तार किया. उसके बाद छानबीन में सारा कच्चा-बच्चा खुल गया. कोल्लांगोड के इस शिक्षक ने इसी तरह 6 अन्य छात्राओं का भी शोषण किया था.
पुलिस के विशेष शाखा की रिपोर्ट के आधार पर अब तक 6 मामले दर्ज हो चुके हैं. मलम्पूझा थाने के अधिकारी बताते हैं कि स्कूल छोड़ चुकी छात्राओं से भी शिकायतें मिलने की संभावना है. जाँच में और खुलासे हो सकते हैं. शिक्षा विभाग ने बुधवार को ही प्रधानाध्यापिका के निलंबन का आदेश जारी किया. स्कूल प्रबंधक को भी हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है. ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी.
यह मामला केरल में स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. POCSO कानून के तहत सख्त प्रावधान हैं. फिर भी स्कूल प्रबंधन ने आरोपी को बचाने की कोशिश की. यह न केवल कानून का उल्लंघन है. बल्कि मासूम छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है. अब शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत पुलिस और उच्च अधिकारियों को दें. जागरूकता अभियान चलाने होंगे. ताकि बच्चे अपनी बात खुलकर कह सकें. अभिभावकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
केरल पुलिस ने आरोपी शिक्षक से गहन पूछताछ शुरू कर दी है. और पीड़ित छात्राओं को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है. यह केस स्कूलों में सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देता है. बच्चों का भविष्य दाँव पर नहीं लगाया जा सकता
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Sharad Pandeyविशेष संवाददाता
करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज...और पढ़ें
First Published :
January 15, 2026, 13:20 IST

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