Last Updated:January 15, 2026, 12:47 IST
YouTube New Feature : यूट्यूब ने पैरेंट कंट्रोल को और प्रभावी बनाने के लिए नया फीचर जारी किया है. अब पैरेंट अपने बच्चों के हाथ में बेफिक्र होकर मोबाइल थमा सकेंगे, क्योंकि उनके रील देखने पर पांबदी लगाई जा सकेगी.
यूट्यूब ने पैरेंट कंट्रोल फीचर को अपडेट किया है. नई दिल्ली. अगर आप भी अपने बच्चों के हाथ में मोबाइल देने से इसलिए डरते हैं कि वे यू्ट्यूब पर शॉर्ट वीडियो देखने में समय गंवाएंगे और उस पर आने वाली ऐसी-वैसी सामग्री देखेंगे तो अब बेफिक्र हो जाएं. YouTube ने माता-पिता के हाथ में डिवाइस का कंट्रोल और उस पर लिमिट तय करने के लिए नया टूल दिया है. गूगल के स्वामित्व वाले इस ऐप ने कुछ नए फीचर शामिल किए हैं, जिसकी मदद से अभिभावक यह तय कर सकेंगे कि उनके बच्चे शॉर्ट वीडियो देखने में कितना समय बिता सकते हैं.
YouTube का यह नया फीचर अपडेट सिद्धांत और क्रिएटर गाइड के साथ आया है, जिससे बच्चों के उम्र के हिसाब से कंटेंट आएगा और फीचर में सेटिंग करने के बाद बच्चों को सिर्फ उसी तरह की चीजें दिखाई जाएंगी जो उनकी उम्र के लिए सही होंगी. इसके अलावा कंपनी ने साइन अप प्रक्रिया को भी अपडेट किया है, ताकि माता-पिता अपने बच्चों के लिए आसानी से अलग अकाउंट बना सकें. नया फीचर शुरू भी हो चुका है, जिसका इस्तेमाल पैरेंट अभी से कर सकते हैं.
कैसे काम करेगा पैरेंट कंट्रोल फीचर
YouTube ने अपने अपडेट की जानकारी में बताया है कि माता-पिता अब किशोर बच्चों के लिए भी कंटेंट को कस्टमाइज कर सकेंगे, ताकि वे उसी सामग्री को देख सकें जो उनके लिए हितकारी हो. साथ ही पैरेंट ही यह तय कर सकेंगे कि उनके बच्चे कितना समय YouTube के शॉर्ट वीडियो वाले ऑप्शन पर बिता सकते हैं. एक बार टाइम लिमिट सेट करने के बाद समय बीतते ही अपने आप कंटेंट आना बंद हो जाएगा. पैरेंट चाहें तो इसे जीरो भी कर सकते हैं, ताकि बच्चे शॉर्ट वीडियो देख ही न सकें.
अधिकतम 2 घंटे की अनुमति
यह अभिभावकों के हाथ में होगा कि उनका बच्चा YouTube पर कितने देर शॉर्ट वीडियो देख सकता है. अगर मोबाइल बच्चे के हाथ में है और वह पैरेंट के सामने नहीं है तो इसमें जीरो लिमिट लगाई जा सकती है. इससे बच्चा चाहकर भी शॉर्ट वीडियो नहीं देख सकेगा. हालांकि, अगर आप लंबी यात्रा में हैं और चाहते हैं कि सफर के दौरान बच्चे का मनोरंजन भी होता रहे तो अधिकतम 60 मिनट की अनुमति दी जा सकती है. शॉर्ट वीडियो देखने के लिए पैरेंट 15 मिनट, 30 मिनट, 45 मिनट, 1 घंटा या फिर 2 घंटे का विकल्प सेट कर सकते हैं. इतना ही नहीं, ऐप में मौजूद सुपरवाइज्ड फीचर के जरिये अभिभावक कस्टम बेडटाइम और टेक ए ब्रेक जैसे रिमाइंडर भी लगा सकते हैं, जो समय बीतने के बाद उन्हें अलर्ट करेगा कि अब बच्चे को मोबाइल बंद करने के लिए कह सकते हैं.
उम्र के अनुसार मिलेगा कंटेंट
YouTube ने अपने नए फीचर में बच्चों की उम्र के हिसाब से कंटेंट देने का भी विकल्प शामिल किया है. मसलन, किशोरों के लिए ज्ञानवर्धक सामग्री को लेकर एक क्रिएटर गाइड लाने की बात कही है. इसके जरिये YouTube किशोरों को खान अकादमी, क्रैशकोर्स या फिर TED-Ed जैसे शैक्षिक प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले एजुकेशनल कंटेंट देखने की सिफारिश करेगा.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि...और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
January 15, 2026, 12:47 IST

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