ED vs Mamata Banerjee: ईडी को राहत, अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR स्थगित, ममता बनर्जी को नोटिस

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Last Updated:January 15, 2026, 15:09 IST

सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को राहत दी, ममता बनर्जी और बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया, आईपैक छापे पर अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया गया.

ED को राहत, अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR स्थगित, ममता बनर्जी को नोटिसआईपैक पर ईडी रेड विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसी को राहत दी है.

ED vs Mamata Banerjee: कोलकाता में चुनावी रणनीति बनाने वाली संस्था आईपैक पर ईडी की छापेमारी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पुलिस प्रशासन द्वारा हस्तक्षेप किए जाने संबंधी पूरे विवाद की सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय को बड़ी राहत दी है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में ममता बनर्जी और बंगाल सरकार को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई तीन फरवरी को करने की बात कही है. शीर्ष अदालत ने आदेश दिया कि घटना का सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखा जाएगा. इसके साथ ही ईडी के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को अगली सुनवाई तक स्थगित रखने का आदेश दिया गया.  ई़डी ने अपने काम में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाया खटखटाया था. गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में इस ममले पर जोरदार सुनवाई हुई. इससे पहले दोनों पक्षों की ओर से जमकर अपनी-अपनी दलीलें दी गई.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह बहुत ही गंभीर मुद्दा है कि ईडी और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई में क्षेत्रीय पुलिस हस्तक्षेप कर रही है. संविधान हरेक व्यवस्था को स्वतंत्र तरीके से काम करने की छूट देता है. ऐसे में एक राज्य की एजेंसी या पुलिस को इस तरह की गतिविधि करने की छूट नहीं दी जा सकती. साथ ही अदालत ने कहा कि स्थितियां और बिगड़ने और कानून का राज खत्म हो जाएगा. किसी भी केंद्रीय एजेंसी को किसी पार्टी के चुनावी कार्यक्रम में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है. लेकिन सही तरीके से किसी गैरकानूनी गतिविधि के खिलाफ एक्शन ले सकती है.

अगली सुनवाई 3 फरवरी को

मामले की अगली सुनवाई तीन फरवरी को होगी. इसके साथ सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, पुलिस कमिश्नर, DGP को नोटिस जारी किया. इनसे दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा गया है. पश्चिम बंगाल सरकार और पुलिस को सभी सीसीटीवी समेत अन्य डिवाइस व दस्तावेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया गया है.

कपिल सिब्बल की दलील

बंगाल सरकार की ओर से जानेमाने वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि IPAC में कुछ भी नहीं था सिवाय चुनाव संबंधित दस्तावेजों के. इन कामों से ईडी का कोई संबंध नहीं है. कपिल सिब्बल ने कहा कि ममता बनर्जी, टीएमसी की अध्यक्ष होने के नाते, जेड कैटेगरी की सुरक्षा में हैं, इसलिए यह डीजीपी की जिम्मेदारी थी कि जब वह प्रतीक जैन के परिसर में प्रवेश करें, तो उनका साथ दें. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरफ से कपिल सिब्बल व अन्य की तरफ से वकील अभिषेक मनु सिंघवी द्वारा कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाएं सुनवाई योग्य नहीं हैं. क्योंकि ईडी द्वारा लगातार चुनावों के पहले ऐसी कार्रवाई बार-बार कराई जाती है. कपिल सिब्बल के मुताबिक आई-पैक में चुनाव संबंधी दस्तावेज़ों के इतर कुछ नहीं था. इसका ईडी का कोई लेना देना नहीं था. यहीं नहीं ईडी की तरफ से क्षेत्रीय पुलिस को सूचित नहीं किया गया.

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संतोष कुमार

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...और पढ़ें

First Published :

January 15, 2026, 14:52 IST

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