किसानों, मछुआरों के हितों से समझौता नहीं... PM का बयान और बिहार चुनाव कनेक्शन

3 weeks ago

Last Updated:August 07, 2025, 12:15 IST

PM Narendara Modi On US Tariff: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के टैरिफ विवाद पर कहा कि भारत किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के हितों से समझौता नहीं करेगा. बिहार चुनाव में यह बयान महत्वपूर्ण है, खासकर ग्राम...और पढ़ें

किसानों, मछुआरों के हितों से समझौता नहीं... PM का बयान और बिहार चुनाव कनेक्शनपीएम मोदी का बयान बिहार चुनाव में एक खास वर्ग के मतदाताओं को प्रभावित कर सकता है.

PM Narendara Modi On US Tariff: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के साथ टैरिफ विवाद पर अपना रुख साफ कर दिया है. उन्होंने स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि भारत अपने किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगा. यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद आया है. बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक है, और इस बयान का राज्य की राजनीति पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है. बिहार की एक बड़ी आबादी कृषि और पशुपालन पर निर्भर है. ऐसे में माना जा रहा है कि पीएम का यह रुख इस वर्ग को प्रभावित कर सकता है.

बिहार में लगभग 70 फीसदी आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि, पशुपालन और मछली पालन पर निर्भर है. पीएम मोदी का यह बयान बिहार के ग्रामीण मतदाताओं के बीच एक मजबूत संदेश देता है. पीएम ने अपने बयान में किसानों और संबंधित समुदायों के हितों को सर्वोपरि बताया. पीएम ने यह बात ऐसे समय में कही है जब विपक्षी दल कांग्रेस और राजद मोदी सरकार पर विदेश नीति और आर्थिक मोर्चे पर विफल होने का आरोप लगाती है.

बिहार की 70 फीसदी आबादी किसान

पीएम का बयान बिहार के संदर्भ में इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य में किसान और पशुपालक मतदाता एक बड़ा वोट बैंक हैं. 2021 में किसान आंदोलन के दौरान मोदी सरकार को कृषि कानूनों को वापस लेना पड़ा था, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा की छवि को कुछ हद तक प्रभावित किया. इस बार पीएम ने कहा कि वह भारी कीमत चुकाने को तैयार हैं, लेकिन किसानों के हितों से समझौता नहीं होगा. यह बयान किसान मतदाताओं को यह विश्वास दिलाने की कोशिश है कि सरकार उनकी आजीविका की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.

निषाद समुदाय को प्रभावित करने की कोशिश

पीएम मोदी का यह बयान बिहार में निषाद समुदाय को प्रभावित करने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है. राज्य में कुल जनसंख्या के करीब पांच फीसदी निषाद समुदाय के लोग हैं. इस समुदाय में मल्लाह, बिंद, केवट सहित 20 से जातियां शामिल हैं. ये मुख्य रूप से उत्तरी बिहार के जिलों जैसे मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, खगड़िया और वैशाली में विशेष रूप से प्रभावी हैं. विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के नेता मुकेश सहनी ने दावा किया है कि यह समुदाय करीब 10 फीसदी है. निषाद समुदाय की यह संख्यात्मक ताकत बिहार की जाति आधारित राजनीति में इसे एक महत्वपूर्ण वोट बैंक बनाती है. ऐसे में पीएम मोदी का मछुआरे समुदाय को लेकर दिया गया बयान काफी मायने रखता है.

हालांकि, विपक्ष इस बयान को सरकार की कूटनीतिक विफलता के रूप में पेश कर रहा है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया है कि टैरिफ भारत की अर्थव्यवस्था को तबाह कर देंगे और यह मोदी की ट्रंप के साथ दोस्ती का परिणाम है. बिहार में आरजेडी और कांग्रेस गठबंधन इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश कर सकता है, खासकर दलित, मुस्लिम और यादव मतदाताओं के बीच जो उनके पारंपरिक समर्थक हैं. पीएम मोदी का बयान और उनकी राष्ट्रीय छवि विपक्ष के इस नैरेटिव को कमजोर कर सकती है, क्योंकि यह बिहार के मतदाताओं को यह संदेश देता है कि सरकार वैश्विक दबाव के बावजूद उनके हितों को प्राथमिकता दे रही है. इससे मछुआरे और किसान समुदाय में एक खास संदेश जाएगा कि मोदी की सरकार ट्रंप के दबाव के आगे नहीं झुक रही है.

संतोष कुमार

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...और पढ़ें

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...

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First Published :

August 07, 2025, 12:15 IST

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