अजब राज की गजब बात, आरोप पत्र मिलने के महज 17 सैंकेड में सस्पेंड हुआ प्रधान!

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Last Updated:August 29, 2025, 13:10 IST

Kota News : कोटा की लाडपुरा पंचायत समिति के प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू को एक बार फिर से सस्पेंड कर दिया गया है. गुड्डू का आरोप है कि उन्हें आरोप-पत्र थमाने के महज 17 सैकेंड के बाद ही निलंबित कर दिया गया. आरोपों का...और पढ़ें

अजब राज की गजब बात, आरोप पत्र मिलने के महज 17 सैंकेड में सस्पेंड हुआ प्रधान!नईमुद्दीन गुड्डू ने 22 अगस्त को ही फिर से लाडपुरा पंचायत समिति प्रधान का पद संभाला था.

हिमांशु मित्तल.

कोटा. राजस्थान की राजनीति में इन दिनों पंचायती राज संस्थाओं में प्रधान और उपप्रधानों को लेकर राजनीति में काफी उथलपुथल मची हुई है. इसका ताजा मामला कोटा जिले में सामने आया है. यह मामला कोटा की लाडपुरा पंचायत समिति से जुड़ा हुआ है. लाडपुरा के कांग्रेस प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू का आरोप है उन्हें आरोप-पत्र देने के महज 17 सैकेंड के भीतर सस्पेंड कर दिया गया. गुड्डू का कहना है कि जबकि आरोप पत्र में उनको जवाब देने के लिए एक माह का समय दिया गया था. हाल ही में कामां की बीजेपी विधायक नौक्षम चौधरी का कांग्रेस के प्रधानों और उपप्रधानों को हटाने को लेकर विवादास्पद बयान सामने आया था. उस पर पार्टी बुरी तरह से घिरी हुई है.

सस्पेंड प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू का कहना है कि भजनलाल सरकार अब बहुत तेजी से कार्य कर रही है. उन्हें आरोप पत्र के देने के सिर्फ 17 सेकंड बाद ही राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया. गुड्डू का दावा है कि उनको 28 अगस्त को दोपहर 3 बजकर 50 मिनिट 15 सेकंड पर मोबाइल पर आरोप पत्र दिया गया था. उसमें आरोपों का जवाब एक माह में देने के लिए निर्देश दिए गए थे. लेकिन आरोप पत्र देने के मात्र 17 सेकंड बाद ही 3 बजकर 50 मिनिट 32 सेकंड पर निलंबित होने का आदेश थमा दिया गया.

विभाग बोला- गुड्डू को दोषी पाया गया है
दरअसल लाडपुरा पंचायत समिति के प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू को 6 दिन बाद एक बार फिर से निलंबित कर दिया गया है. नईमुद्दीन गुड्डू ने पहले के सस्पेंशन के बाद बीते 22 अगस्त को ही पदभार संभाला था. अब ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज के अतिरिक्त आयुक्त और शासन उप सचिव ने अपने आदेश में कहा कि नईमुद्दीन गुड्डू के खिलाफ जांच हुई रिपोर्ट में मनमानीपूर्वक पंचायत राज के नियमों के विरुद्ध कार्य करने की पुष्टि हुई है. उन्हें नियमों के विरुद्ध कार्य करने का दोषी पाया गया है. इस संबंध में आरोपी प्रधान को आरोप पत्र भी जारी किया गया था. उन्हें आदेशित किया गया था कि निलंबन काल के दौरान वे पंचायत समिति के किसी भी कार्य और कार्यवाही में भाग नहीं लेंगे.

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यह है प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू की पूरी कहानी
लाडपुरा प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू को बीते 27 फरवरी 2025 को वित्तीय अनियमित के आरोप में प्रधान पद से निलंबित किया गया था. उसके बाद 20 मार्च को गुड्डू इस पर हाईकोर्ट से स्थगन आदेश ले आए. 21 मार्च को पंचायत समिति में पद की रिज्वाइन करने के दौरान जमकर हंगामा हो गया था. गुड्डू को पदभार ग्रहण नहीं करने दिया गया. उनके समर्थक गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे भारत सिंह को भी कमरे में बंद किया गया था. पदभार ग्रहण नहीं करने पर गुड्डू फिर हाईकोर्ट की डबल बैंच में गए.

22 अगस्त को फिर से प्रधान का पदभार संभाला था
वहां से 31 जुलाई को फिर से गुड्डू के पक्ष में फैसला आ गया. इस आदेश में गुड्डू को 14 अगस्त के पहले पदभार ज्वॉइन करवाने का आदेश दिया गया. इस पर पंचायतीराज विभाग ने 20 अगस्त को उनकी रिज्वॉइनिंग के आदेश दिए. उसके बाद गुड्डू ने 22 अगस्त को फिर से प्रधान का पदभार संभाला. लेकिन 28 अगस्त को फिर से उन्हें निलंबित कर दिया. नईमुद्दीन गुड्डू के साथ हुआ यह वाकया अब सोशल मीडिया में भी जमकर वायरल हो रहा है.

Sandeep Rathore

संदीप ने 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की शुरुआत की. कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर भी रह चुके हैं. 2017 से News18 से जुड़े हैं.

संदीप ने 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की शुरुआत की. कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर भी रह चुके हैं. 2017 से News18 से जुड़े हैं.

Location :

Kota,Kota,Rajasthan

First Published :

August 29, 2025, 13:10 IST

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