Pm Modi in Japan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हमने अगले 10 वर्षों में जापान से भारत में 10 ट्रिलियन येन के निवेश का लक्ष्य रखा है. भारत और जापान के लघु और मध्यम उद्यमों और स्टार्टअप्स को जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा. पीएम ने कहा कि आज हमारी चर्चा काफी अहम रही है. हम इस बात पर सहमत हैं कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं और जीवंत लोकतंत्रों के तौर पर हमारी साझेदारी न सिर्फ दोनों देशों के लिए बल्कि वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है.
दो बसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ने तैयार किया 10 साल का रोडमैप
पीएम मोदी ने आगे कहा,'मजबूत लोकतंत्र एक बेहतर दुनिया बनाने में साझेदार होते है आज, हमने अपनी विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी में एक नए और सुनहरे अध्याय की बुनियाद रखी है. हमने अगले दशक के लिए एक रोडमैप तैयार किया है. हमारे दृष्टिकोण के केन्द्र में निवेश, नवाचार, आर्थिक सुरक्षा, पर्यावरण, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, गतिशीलता, लोगों के बीच आदान-प्रदान है.'
#WATCH | Tokyo, Japan: PM Narendra Modi says, "Even in the India-Japan Business Forum, I told the Japanese companies, 'Make in India, Make for the World."
(Video: ANI/DD) pic.twitter.com/KzNN6fw5fN
— ANI (@ANI) August 29, 2025
डिजिटल पार्टनरशिप और AI इनिशिएटिव को बढ़ाया आगे
पीएम मोदी ने कहा,'हम सस्टेनेबल फ्यूल्स इनिशिएटिव और बैटरी सप्लाई चेन पार्टनरशिप भी शुरू कर रहे हैं. हम आर्थिक सुरक्षा सहयोग पहल लॉन्च कर रहे हैं. इसके तहत क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक क्षेत्रों में एक व्यापक पहुंच के साथ आगे बढ़ा जायेगा. पीएम ने कहा कि हाई-टेक्नोलॉजी क्षेत्र में सहयोग हमारी साझा प्राथमिकता है इसी संदर्भ में डिजिटल पार्टनरशिप 2.0 और एआई कोऑपरेशन इनिशिएटिव को आगे बढ़ाया जा रहा है. सेमीकंडक्टर्स और रेयर अर्थ मिनरल्स हमारे एजेंडे में सर्वोच्च स्थान पर रहेंगे.
भारतीय टैलेंट और जापानी प्रतिभा विनिंग कॉम्बिनेशन
पीएम ने कहा कि जापानी तकनीक और भारतीय प्रतिभा एक विनिंग कॉम्बिनेशन है. जहां हम हाई-स्पीड रेल पर काम कर रहे हैं, वहीं नेक्स्ट जेनरेशन मोबिलिटी पार्टनरशिप के अंतर्गत पोर्ट्स, एविएशन और शिपबिल्डिंग जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से प्रगति करेंगे. पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जापान एक फ्री, ओपन, शांतिपूर्ण, समृद्ध और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. आतंकवाद और साइबर सुरक्षा को लेकर हमारी चिंताएं बराबर हैं. रक्षा और समुद्री सुरक्षा से हमारे साझा हित जुड़े हुए हैं. हमने यह फैसला किया है कि डिफेंस इंडस्ट्री और इनोवेशन के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और अधिक सशक्त किया जाएगा.