Last Updated:August 29, 2025, 17:23 IST
Minor Girl Give birth in Washroom: कर्नाटक के यादगीर जिले में 9वीं की छात्रा ने स्कूल के टॉयलेट में बच्चे को जन्म दिया. आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने छात्रा की सेहत और उपस्थिति पर ध्यान नहीं दिया.

अभी ढंग से बड़ी तक नहीं हुई थी और मां बन गई…कर्नाटक के यादगिर जिले से एक हैरान और परेशान कर देने वाली घटना सामने आई है. 9वीं क्लास में पढ़ने वाली छात्रा ने स्कूल के बाथरूम में बच्चे को जन्म दिया. छात्रा की उम्र महज 17 साल है. घटना तब पता चली, जब बच्ची बाथरूम में प्रसव से गुजर रही थी. तभी उसकी क्लास की एक बच्ची ने उसे देखा और टीचर्स को घटना के बारे में बताया. आनन-फानन में छात्रा और उसके नवजात बेटे को अस्तपाल पहुंचाया गया. जांच में डॉक्टर्स ने पाया कि दोनों स्वस्थ हैं. रिपोर्ट के मुताबिक छात्रा ने दोपहर 2 बजे बच्चे को जन्म दिया.
FIR में क्या सामने आया?
पुलिस ने इस मामले में अजनाम व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है. माना जा रहा है कि नाबालिग बच्चे के साथ 9 से 10 महीने पहले यौन शोषण हुआ है. वहीं, लड़की ने अब तक इस बारे में बात करने से इनकार कर दिया है कि उसके साथ किसने मारपीट की और क्या किसी को इस घटना के बारे में पता था. एफआईआर के अनुसार, घटना के तुरंत बाद पीड़िता के भाई ने स्कूल से इस बारे में किसी को भी जानकारी देने से इनकार कर दिया था.
कौन है जिम्मेदार?
जब घटना पुलिस तक पहुंची तो उपायुक्त हर्षल भोयर, पुलिस अधीक्षक पृथ्वी शंकर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी लविश ओर्डिया उस अस्पताल पहुंचे जहां नाबालिग लड़की को भर्ती कराया गया था. श्री भोयर ने द हिंदू को बताया कि शुरुआती जांच में स्कूल प्रशासन की ओर से गंभीर चूक सामने आई है.
स्कूल के 4 कर्मचारी निलंबित
कर्नाटक आवासीय शैक्षणिक संस्थान सोसाइटी (केआरईआईएस) ने सरकारी स्कूल के चार कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया है. उन्हें काम में लापरवाही और छात्रा की शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है.
निलंबित कर्मचारियों में प्रधानाचार्या बसम्मा, वार्डन गीता, विज्ञान शिक्षक नरसिंहमूर्ति और शारीरिक शिक्षा शिक्षक श्रीधर शामिल हैं. वहीं, इन चारों के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं.
महीने में सिर्फ 10 दिन स्कूल गई लड़की
निलंबन आदेश में साफ कहा गया है कि स्कूल प्रशासन ने न तो छात्रा की सेहत का ठीक से ख्याल रखा और न ही उसकी क्लास में मौजूदगी पर ध्यान दिया. रिकॉर्ड से पता चला कि इस साल की शुरुआत से लड़की महीने में औसतन सिर्फ 10 दिन ही स्कूल आई थी. इसके बावजूद किसी ने ध्यान नहीं दिया.
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Location :
Yadgir,Karnataka
First Published :
August 29, 2025, 17:23 IST