Last Updated:March 09, 2026, 12:37 IST
CJI Suryakant News: सुप्रीम कोर्ट ने लहसुन-प्याज में तामसिक तत्व पर रिसर्च कराने की याचिका खारिज कर कर दी है. हालांकि, याचिका खारिज करने से पहले सीजेआई सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता को खूब फटकार लगाई. उन्होंने याचिका को फालतू बताया और चेताया कि आगे से ऐसी याचिका लाने पर एक्शन होगा.

सुप्रीम कोर्ट में लहसुन-प्याज वाली याचिका पर सीजेआई सूर्यकांत का माथा ठनक गया. सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को लहसुन-प्याज में तामसिक तत्व की रिसर्च कराने की मांग को लेकर याचिका आई थी. इसमें सुप्रीम कोर्ट से रिसर्च के लिए आदेश देने की गुहार लगाई गई थी. जैसे ही सीजेआई सूर्यकांत को यह बात पता चली, वह नाराज हो गए. उन्होंने लगे हाथ याचिकाकर्तो को चेता दिया और इस याचिका को फालतू बताया. उन्होंने इस याचिका पर सुनवाई करने से भी इनकार कर दिया.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अनुच्छेद 32 के तहत दायर उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें प्याज और लहसुन में ‘तामसिक’ या नकारात्मक तत्वों पर रिसर्च कराने और एक कमेटी गठित करने के निर्देश देने की मांग की गई थी.
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कड़े शब्दों में याचिकाकर्ता से पूछा कि आखिर आप जैन समुदाय की भावनाओं को क्यों आहत करना चाहते हैं. इस पर स्वयं पेश हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि यह मुद्दा काफी आम है और हाल ही में गुजरात हाईकोर्ट में एक मामले में खाने में प्याज होने की वजह से तलाक भी हुआ था. यह सुनते ही सीजेआई और भड़क गए.
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कड़ी टिप्पणी की और कहा अगली बार अगर आप इस तरह की फालतू (frivolous) याचिका लेकर आए, तो आपको पता चल जाएगा कि हम क्या करेंगे. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करने से साफ तौर पर इनकार कर दिया.
About the Author
Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho...और पढ़ें
First Published :
March 09, 2026, 12:37 IST

1 day ago
