DNA Analysis: इससे पहले आपको जानना चाहिए कि मादुरो पर क्या-क्या आरोप लगाए गए हैं. अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने मादुरो पर पर मुख्य रूप से नारको-टेररिज्म, कोकीन की तस्करी, अवैध हथियार रखने और साजिशों के गंभीर आरोप लगाए हैं. ये आरोप पहली बार 2020 में लगाए गए थे.इन आरोपों को लेकर मादुरो पर 50 मिलियन डॉलर यानी लगभग 450 करोड़ रुपये का इनाम रखा गया था. मादुरो को लेकर एक हेलीकॉप्टर अदालत के पास बने हेलिपैड पर उतरा.
हेलीकॉप्टर से बाहर आते ही उन्हें तुरंत एक वैन में बैठाया गया और वहां से सीधे अदालत ले जाया गया. सुनवाई के दौरान मादुरो और उनकी पत्नी एक साथ थे. दोनों ने हेडफोन लगाए थे ताकि अदालत में कही जा रही बातों को अपनी भाषा में समझ सकें. जज ने दोनों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को पढ़कर सुनाया. इसके बाद मादुरो ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताया. मादुरो ने स्पेनिश भाषा में दावा किया कि उनका अपहरण किया गया है और वो अभी भी वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति हैं. उन्होंने कोर्ट में अपने खिलाफ लगे ड्रग्स और हथियार तस्करी से जुड़े सभी आरोपों से इनकार किया. मादुरो ने ये भी कहा कि वो निर्दोष और एक सभ्य इंसान हैं.
अदालत की कार्यवाही
जज ने मादुरो को बीच में टोकते हुए कहा कि बेगुनाही साबित करने के लिए समय और जगह तय की जाएगी. मादुरो की पत्नी ने भी खुद को वेनेज़ुएला की प्रथम महिला बताया और सभी आरोपों से इनकार किया. कुल मिलाकर 40 मिनट तक अदालत की कार्यवाही चली. अब इस मामले में अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी. यानी 2 महीने से भी ज्यादा समय तक मादुरो को धरती का नर्क कही जाने वाली ब्रुकलिन जेल में रहना होगा. मादुरो के खिलाफ सुनवाई के दौरान अदालत के बाहर सैकड़ों लोग जमा थे. कुछ लोग अमेरिका की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे तो दूसरी ओर मादुरो विरोधी भी वहां मौजूद थे.
मादुरो के वकील कौन?
अब आपको मादुरो के वकील के बारे में भी ध्यान से समझना चाहिए. अमेरिका में मादुरो के केस की पैरवी वही वकील कर रहे हैं जिन्होंने विकीलीक्स संस्थापक जूलियन असांजे को अमेरिका के कानूनी शिकंजे से छुड़ाया था. वाशिंगटन स्थित प्रतिष्ठित वक़ील बैरी जे. पोलक अब मादुरो के मुख्य वकील हैं. पोलक को राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून का विशेषज्ञ माना जाता है. उनका कानूनी करियर 3 दशक से ज्यादा लंबा है. उन्होंने कई कॉर्पोरेट दिग्गजों, राजनेताओं और विवादित अंतरराष्ट्रीय आरोपियों का सफल बचाव किया है. जूलियन असांजे को अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोपी बनाया था. लेकिन पोलक की रणनीति से अमेरिकी न्याय विभाग को झुकना पड़ा. इस जीत ने पोलक को पूरी दुनिया में अमेरिका को चुनौती देने वाला वकील बना दिया. विशेषज्ञों का मानना है कि पोलक मादुरो के मामले में अपहरण और आरोपों को लेकर जोरदार बहस करेंगे. निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी अमेरिका में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं.
मादुरो गुएरा कौन?
वहीं वेनेज़ुएला में मादुरो के बेटे ने ट्रंप के खिलाफ अभियान शुरू किया है. राष्ट्रपति के रूप में निकोलस मादुरो की करीबी डेल्सी रोड्रिगेज़ के सत्ता संभालने के बाद मादुरो के बेटे ने ट्रंप के खिलाफ हुंकार भरी है. मादुरो के बेटे मादुरो गुएरा ने अमेरिकी कार्रवाई को वेनेजुएला की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन बताते हुए दुनिया को चेतावनी दी. मादुरो के बेटे वेनेज़ुएला में प्रिंस के नाम से जाने जाते हैं. 35 साल के गुएरा निकोलस मादुरो और उनकी पहली पत्नी के इकलौते बेटे हैं. काफी कम उम्र से वो सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं. 2017 में ट्रंप को धमकी देने की वजह से वो सुर्खियों में आए थे. उस समय उन्होंने ट्रंप को व्हाइट हाउस पर कब्जा करने की धमकी दी थी. माना जा रहा है कि मादुरो के बेटे भविष्य में वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति बन सकते हैं.
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मादुरो की गिरफ्तार
मादुरो के बेटे ने जहां दुनिया को अमेरिकी साम्राज्यवाद के बारे में आगाह किया. वहीं उन्होंने अपने पिता की गिरफ्तारी के पीछे गद्दारी का भी संकेत दिया है. मादुरो के बेटे के मुताबिक इतिहास बताएगा कि गद्दार कौन थे. उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन इस बयान के बाद कई तरह की अटकलें लगने लगी हैं. मादुरो की गिरफ्तारी के पीछे उनके किसी भरोसेमंद सुरक्षाकर्मी का हाथ बताया जा रहा है. निकोलस मादुरो किसी भी जगह पर 2 दिन से ज्यादा नहीं रुकते थे और पिछले छह महीने में कई बार ऐसा हुआ, जब उन्होंने 4 से 5 घंटे बाद ही अपने ठिकाने को बदल दिया. लेकिन इसके बावजूद अमेरिका ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इससे पता चलता है कि मादुरो के किसी नजदीकी ने जानकारी लीक की थी.
रूस, चीन क्या बोले?
एक मीडिया रिपोर्ट में ये दावा भी किया गया है कि वेनेज़ुएला की उपराष्ट्रपति रहीं डेल्सी रोड्रिगेज ने मादुरो को धोखा दिया. उन्होंने कुछ महीने पहले कतर में अमेरिकी अधिकारियों के साथ सीक्रेट मीटिंग की थी. हालांकि डेल्सी रोड्रिगेज पर मादुरो के बेटे ने भरोसा जताया है. मादुरो की गिरफ्तारी को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी चर्चा हुई. कोलंबिया के अनुरोध पर बुलाई गई आपात बैठक में रूस और चीन ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा की. रूस ने अमेरिका की कार्रवाई को ‘सशस्त्र आक्रमण’ करार दिया और मादुरो और उनकी पत्नी को तुरंत रिहा करने की मांग की. दूसरी तरफ चीन ने अमेरिका की कार्रवाई को एकतरफा, अवैध और दबाव बनाने वाला बताया. लेकिन अमेरिका ने रूस और चीन की दलीलों को खारिज कर दिया. अमेरिका के मुताबिक उसकी कार्रवाई ड्रग तस्करी और नारको-टेररिज्म के खिलाफ है.

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