Last Updated:March 03, 2026, 12:30 IST
Multibagger Stock : शेयर बाजार में मल्टीबैगर' शब्द का असली मतलब समझना है तो सिटी पल्स मल्टीवेंचर्स लिमिटेड (City Pulse Multiventures Ltd) के चार्ट पर नजर डालिए. मनोरंजन की दुनिया से जुड़ी इस कंपनी ने दलाल स्ट्रीट पर ऐसा 'क्लाइमेक्स' दिखाया है कि बड़े-बड़े दिग्गज हैरान हैं. महज 5 साल के भीतर इस शेयर ने निवेशकों करोड़पपति बना दिया है.
सिटी पल्स मल्टीवेंचर्स का शेयर कल हल्की गिरावट के साथ 2853 रुपये पर बंद हुआ. आज से पांच साल पहले इसका भाव केवल 9 रुपये था. पिछले पांच साल में इस शेयर ने निवेशकों को 31605 फीसदी रिटर्न दिया है. पिछले एक साल में भी इस मल्टीबैगर शेयर ने निवेशकों को खूब मुनाफा दिया है और इस अवधि में इस शेयर की कीमत में 133 फीसदी का इजाफा हुआ है.
आज से पांच साल पहले अगर किसी निवेशक ने सिटी पल्स मल्टीवेंचर्स शेयर में एक लाख रुपये ही लगाए होते और अपने निवेश को अब तक बनाए रखता, तो वह मालामाल हो जाता है. आज उसके एक लाख रुपये 31,700,000 रुपये बन गए होते.
साल 2000 में शुरू हुई यह कंपनी मुख्य रूप से गुजरात में 'WOW Cine Pulse' ब्रांड के तहत मल्टीप्लेक्स और मिनीप्लेक्स चलाती है. कंपनी अब एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. यह पारंपरिक सिनेमा हॉल के साथ-साथ अपने ओटीटी प्लेटफॉर्म 'WOWPLEX' के जरिए डिजिटल एंटरटेनमेंट की दुनिया में कदम रख रही है.
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Trendlyne के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी के ताजा शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक, प्रमोटर हिस्सेदारी 12 प्रतिशत पर स्थिर बनी हुई है, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डिंग 88 प्रतिशत है. म्यूचुअल फंड (MF), विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) और अन्य श्रेणी की हिस्सेदारी फिलहाल शून्य दर्ज की गई है. इससे साफ है कि कंपनी में संस्थागत निवेशकों की भागीदारी नहीं है.
ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो सितंबर 2024, मार्च 2025 और सितंबर 2025 तीनों तिमाहियों में प्रमोटर हिस्सेदारी 12 प्रतिशत पर स्थिर रही है. इसी अवधि में एफआईआई और म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी लगातार शून्य रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी में संस्थागत निवेशकों की अनुपस्थिति निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है, क्योंकि इससे शेयर में उतार-चढ़ाव का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक रहता है.
सिटी पल्स मल्टीवेंचर्स के ताजा प्रमुख वित्तीय आंकड़े कंपनी की मिली-जुली तस्वीर पेश करते हैं. कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹3,028 करोड़ है और इसका पीई (TTM) 2,252.3 के ऊंचे स्तर पर बना हुआ है, जो उद्योग औसत से काफी ज्यादा है. पीईजी रेशियो 45.7 और प्राइस टू बुक वैल्यू 32.5 भी उद्योग के मुकाबले काफी ऊंचे हैं, जिससे शेयर के महंगे वैल्यूएशन का संकेत मिलता है.
मुनाफे के मार्जिन की बात करें तो कंपनी इस मामले में मजबूत स्थिति में नजर आती है. तिमाही ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 81.3% और TTM आधार पर 85.4% रहा, जो इसे बाजार में अग्रणी बनाता है. हालांकि, रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 1.5% और रिटर्न ऑन एसेट (ROA) 1.4% उद्योग औसत से कम हैं, जो पूंजी पर कम रिटर्न का संकेत देते हैं.
दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) में कंपनी का राजस्व तिमाही आधार पर 25% बढ़कर 1.48 करोड़ रुपये रहा. नेट प्रॉफिट 70% की उछाल के साथ 0.75 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. सिटी पल्स ने निश्चित रूप से पिछले 5 सालों में पैसा छापने की मशीन की तरह काम किया है, लेकिन प्रमोटर्स की कम हिस्सेदारी और अत्यधिक वैल्यूएशन इसे एक 'हाई रिस्क' स्टॉक बनाते हैं.
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी शेयर के प्रदर्शन के आधार पर है. चूंकि स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिम के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइट इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से सलाह जरूर लें. आपको होने वाले किसी भी नुकसान के लिए News18 हिंदी जिम्मेदार नहीं होगा.)
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First Published :
March 03, 2026, 12:30 IST

1 hour ago
