Last Updated:February 18, 2026, 21:11 IST
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली की जमकर तारीफ की है. गोयल ने कहा कि पीएम मोदी एक पिता की तरह हैं, जो कभी किसी को डांटते नहीं और न ही अपनी आवाज ऊंची करते हैं. वह एक बेहतरीन श्रोता हैं जिनकी एकाग्रता शत-प्रतिशत रहती है. गोयल के मुताबिक, पीएम अपनी टीम को मेंटर करते हैं, 'लेटरल थिंकिंग' को बढ़ावा देते हैं और हर मुश्किल परिस्थिति में मार्गदर्शन करते हैं.

भारतीय राजनीति के गलियारों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुशासन और कार्यशैली की चर्चा अक्सर होती है लेकिन केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पीएम के एक ऐसे मानवीय और प्रेरणादायक पक्ष को उजागर किया है जिसे दुनिया कम ही जानती है. पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना एक पिता और अभिभावक से करते हुए कहा कि वह अपनी पूरी टीम को साथ लेकर चलने वाले एक अद्भुत मार्गदर्शक हैं. गोयल के मुताबिक वर्षों तक प्रधानमंत्री रहने के बावजूद मोदी ने कभी किसी पर अपनी आवाज नहीं उठाई और न ही किसी को डांटा है. इसके बजाय वह एक शांत शिक्षक की तरह अपने मंत्रियों का हाथ थामकर उन्हें मुश्किल परिस्थितियों से निकलना सिखाते हैं और उनकी एकाग्रता का स्तर शत-प्रतिशत रहता है.
पिता समान संरक्षण और शांत स्वभाव
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पीएम मोदी की कार्यशैली पर विस्तार से बात करते हुए कहा, “वह एक पिता के समान हैं. प्रधानमंत्री के रूप में अपने इतने वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने कभी किसी को डांटा नहीं है. वह कभी अपनी आवाज ऊंची नहीं करते.” गोयल ने बताया कि जैसे एक अभिभावक अपने बच्चे की उंगली पकड़कर उसे चलना सिखाता है, पीएम मोदी भी अपने मंत्रियों और टीम के सदस्यों के साथ वैसा ही व्यवहार करते हैं. वह ‘हैंड-होल्डिंग’ में विश्वास रखते हैं और हर परिस्थिति में अपनी टीम के पीछे मजबूती से खड़े रहते हैं.
#WATCH | Mumbai | On PM Modi’s mentorship, Union Minister Piyush Goyal says, “He is like a father. He has never scolded anyone during his years as PM. He never raises his voice. Like a parent, he hand-holds. He is a great listener and his concentration is 100%…He is truly a… pic.twitter.com/HsMezuKKLg
एकाग्रता और सुनने की अद्भुत क्षमता
पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री के एक और गुण का विशेष उल्लेख किया—वह है उनकी सुनने की क्षमता. गोयल के अनुसार, “प्रधानमंत्री एक बेहतरीन श्रोता हैं और उनकी एकाग्रता (Concentration) 100% रहती है.” जब भी कोई मंत्री या अधिकारी उनके सामने अपनी बात रखता है तो पीएम उसे पूरी तन्मयता से सुनते हैं. वह न केवल टीम को मेंटर करते हैं बल्कि लेटरल थिंकिंग (आउट ऑफ द बॉक्स सोच) को भी प्रोत्साहित करते हैं. वे जटिल परिस्थितियों में रास्ता दिखाने और बिखरे हुए बिंदुओं को जोड़कर एक स्पष्ट विजन तैयार करने में माहिर हैं.
धैर्य और टीम वर्क की मिसाल
पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री बेहद धैर्यवान हैं और हर सवाल का त्वरित उत्तर देते हैं. वह अपनी टीम को केवल निर्देश नहीं देते बल्कि उन्हें प्रोत्साहित करते हैं कि वे खुद नए समाधान खोजें. गोयल के इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पीएम मोदी की सफलता के पीछे केवल सख्त अनुशासन नहीं, बल्कि एक गहरी सहानुभूति और मेंटरशिप वाली कार्यशैली है, जो उनकी पूरी कैबिनेट को एक सूत्र में पिरोकर रखती है.
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पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और...और पढ़ें
First Published :
February 18, 2026, 21:07 IST

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