Last Updated:February 18, 2026, 19:29 IST
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने PACL मनी लॉन्ड्रिंग केस में 10,021.46 करोड़ रुपये की 247 अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया है. यह कार्रवाई पंजाब के मोहाली, जीरकपुर और रूपनगर जैसे इलाकों में की गई है. करीब 48,000 करोड़ रुपये के इस घोटाले में अब तक कुल 17,610 करोड़ की संपत्ति अटैच हो चुकी है.

नई दिल्ली: ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने PACL मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. दिल्ली जोनल ऑफिस-II ने इस केस से जुड़ी 247 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है. इन संपत्तियों की मार्केट वैल्यू लगभग 10,021.46 करोड़ रुपये आंकी गई है. जांच एजेंसी ने यह कदम प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत उठाया है. यह कार्रवाई उन करोड़ों निवेशकों के लिए एक उम्मीद की किरण बनकर आई है, जिनका पैसा सालों से इस स्कीम में फंसा हुआ है. कुर्क की गई ज्यादातर संपत्तियां पंजाब के एसएएस नगर, रूपनगर, जीरकपुर और मोहाली जैसे प्राइम लोकेशन्स पर स्थित हैं. ईडी की इस कार्रवाई से उन जालसाजों में हड़कंप मच गया है, जो निवेशकों की खून-पसीने की कमाई को हड़पकर बैठे थे.
क्या है PACL घोटाला और कैसे हुई ठगी?
इस पूरे मामले की जड़ें साल 2014 में दर्ज हुई सीबीआई की एफआईआर से जुड़ी हैं. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था. जांच में सामने आया कि आरोपियों ने देशभर में अवैध कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम चलाई थी. इसके जरिए मासूम निवेशकों से करीब 48,000 करोड़ रुपये जुटाए गए थे. निवेशकों को लुभाने के लिए कृषि भूमि की खरीद-बिक्री और किस्तों में निवेश का लालच दिया गया था. लोगों से एग्रीमेंट और पावर ऑफ अटॉर्नी जैसे भ्रामक कागजों पर साइन कराए गए, लेकिन हकीकत में उन्हें कभी जमीन मिली ही नहीं.
ईडी की जांच में क्या नए खुलासे हुए?
जांच के दौरान यह बात साफ हुई कि ठगी की रकम को छिपाने के लिए फर्जी फ्रंट कंपनियां बनाई गई थीं. इन कंपनियों के जरिए रिवर्स सेल ट्रांजैक्शंस किए गए ताकि पैसे के लेन-देन को कानूनी दिखाया जा सके. सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में पूर्व मुख्य न्यायाधीश आर.एम. लोढ़ा की अध्यक्षता में एक कमेटी भी बनाई थी. इस कमेटी का काम पीएसीएल की संपत्तियां बेचकर निवेशकों का पैसा लौटाना था. हालांकि, जांच में पता चला कि कुछ लोग अभी भी इन संपत्तियों को अवैध तरीके से ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहे थे. तलाशी के दौरान ईडी को खाली सेल डीड और साइन किए हुए चेक बरामद हुए हैं.
अब तक कितनी संपत्ति हो चुकी है कुर्क?
प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में साल 2016 से ही एक्टिव है. एजेंसी ने 2018 में पहली चार्जशीट दाखिल की थी, जिसके बाद 2022 से 2026 के बीच तीन सप्लीमेंट्री चार्जशीट और पेश की गईं. ताजा कार्रवाई को मिलाकर अब तक देश और विदेश में कुल 17,610 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति कुर्क की जा चुकी है. स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने इन सभी शिकायतों पर संज्ञान ले लिया है. ईडी का कहना है कि निवेशकों के पैसे की रिकवरी के लिए जांच अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां या कुर्की संभव है.
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दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़...और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
February 18, 2026, 19:28 IST

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