Last Updated:February 18, 2026, 19:59 IST
नई दिल्ली में आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने ‘म्यूनिसिपल बॉन्ड्स अनपैक्ड’ बैठक आयोजित की, जिसमें श्रीनिवास कटिकिथाला, डी. थारा, प्रमोद राव, सुप्रियो बनर्जी और डॉ. धीरज जैन शामिल हुए.

नई दिल्ली. आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने आज एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की. इस बैठक का नाम ‘म्यूनिसिपल बॉन्ड्स अनपैक्ड’ इंटरमीडियरीज के साथ संवाद’ था.’ इसका मकसद शहरों के लिए म्यूनिसिपल बॉन्ड्स (नगर निकाय बॉन्ड) के बाजार को मजबूत करना और शहरी स्थानीय निकायों को वैकल्पिक तरीके से फंड जुटाने में मदद करना था. बैठक में भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, बाजार नियामक, क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां, ट्रांजेक्शन सलाहकार और विशेषज्ञ शामिल हुए.
बैठक में कैसे शहरों को कैपिटल मार्केट से आसानी से पैसा मिल सके और यह काम लंबे समय तक चल सके, इस पर चर्चा हुई. मंत्रालय के सचिव श्रीनिवास कटिकिथाला ने कहा कि सरकार शहरों को मजबूत बनाने के लिए नए-नए फाइनेंसिंग तरीके अपनाना चाहती है. म्यूनिसिपल बॉन्ड्स शहरों की सड़क, पानी, सीवेज जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने का एक अच्छा जरिया हैं.
अतिरिक्त सचिव डी. थारा ने बताया कि अब तक कुछ शहरों ने बॉन्ड जारी किए हैं, लेकिन और ज्यादा शहरों को इसमें शामिल करने के लिए उनकी वित्तीय स्थिति सुधारनी होगी, पारदर्शिता बढ़ानी होगी और संस्थागत ढांचा मजबूत करना होगा. बैठक में सेबी के पूर्व कार्यकारी निदेशक प्रमोद राव ने नियम-कायदों की बात की. सीआरए के उपाध्यक्ष सुप्रियो बनर्जी ने कहा कि यूएलबीएस को अनुशासन, सही समय पर रिपोर्टिंग और मजबूत आय के स्रोत बनाने चाहिए ताकि उनकी क्रेडिट रेटिंग अच्छी हो.
कार्यक्रम की अध्यक्षता एनआईएसएम के प्रोफेसर डॉ. धीरज जैन ने की. सभी ने सहमति जताई कि म्यूनिसिपल बॉन्ड्स से शहरों को ज्यादा संसाधन मिलेंगे, वे खुद पर निर्भर बनेंगे और सरकार का सतत शहरीकरण का सपना पूरा होगा. निवेशकों का भरोसा बढ़ाने, प्रक्रिया को आसान बनाने और ज्यादा शहरों को शामिल करने पर चर्चा हुई. मंत्रालय मंत्रालय ने कहा कि वह सभी पक्षों के साथ मिलकर मजबूत म्यूनिसिपल फाइनेंस सिस्टम बनाएगा ताकि तेजी से बढ़ते शहरीकरण की जरूरतों को पूरा किया जा सके.
Location :
New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
February 18, 2026, 19:59 IST

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