Aaj Ka Mausam Live: उत्तर भारत की सर्दी इस वक्त अपने सबसे सख्त मिजाज में है और दिल्ली इसकी सबसे बड़ी मिसाल बन गई है. 15 जनवरी की सुबह राजधानी में न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन की सबसे सर्द सुबह रही. पालम में पारा और नीचे 2.3 डिग्री तक चला गया. हैरानी की बात यह है कि पालम में 2010 के बाद पहली बार तापमान इतना नीचे गया है. इससे पहले 7 जनवरी 2013 को यहां न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री रहा था. यानी बीते तीन सीजन—2023, 2024 और 2025—में यह सबसे ठंडी सुबह साबित हुई. बर्फीली हवाओं के चलते सुबह घर से निकलना किसी जोखिम से कम नहीं था और लोग ठिठुरते नजर आए.
कोहरे और शीत लहर ने हालात और बिगाड़ दिए. दिल्ली के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा. पालम में सुबह विजिबिलिटी सिर्फ 50 मीटर दर्ज की गई, जबकि सफदरजंग में 200 मीटर तक पहुंचने में सुबह 8:30 बजे तक का वक्त लगा. AIIMS समेत कई इलाकों में ड्रोन विजुअल्स में घने कोहरे की चादर साफ दिखी. लगातार तीसरे दिन दिल्ली शीत लहर की चपेट में रही और मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है. IMD का अनुमान है कि अगले दो-तीन दिनों तक यही हाल बना रह सकता है. पिछले 15 साल में यह पांचवां मौका है जब 2 से 4 दिन तक लगातार कोल्ड वेव रही है और इस बार सर्दी पुराने रिकॉर्ड तोड़ सकती है. 12 जनवरी को न्यूनतम तापमान 3.2, 13 जनवरी को 3.0 और 14 जनवरी को 3.8 डिग्री दर्ज किया गया, जिससे शाम, रात और सुबह ठिठुरन और गलन वाली सर्दी लोगों की परीक्षा ले रही है.
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की एंट्री
एक तरफ उत्तर भारत गंभीर और सीवियर कोल्ड वेव की चपेट में है, तो दूसरी ओर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की एंट्री से मौसम में नया मोड़ आने वाला है. IMD और स्काइमेट दोनों का कहना है कि 15 से 16 जनवरी तक ठंड अपने चरम पर रहेगी. लेकिन 16 जनवरी के बाद बादल हल्की बारिश और पहाड़ों में बर्फबारी की शुरुआत होगी. इससे तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी तो होगी लेकिन सुबह-शाम कोहरा और नमी लोगों को चैन नहीं लेने देगी. यानी ठंड से राहत की उम्मीद के बीच बारिश का नया टॉर्चर तैयार है.
उत्तर भारत पर क्यों भारी पड़ रही है यह सर्दी
मौसम विभाग के अनुसार मैदानी इलाकों में तापमान पहाड़ी राज्यों जैसा महसूस हो रहा है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में न्यूनतम तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री नीचे दर्ज किया गया. कई शहरों में पारा 3 से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा. IMD के अनुसार यह स्थिति कोल्ड वेव से सीवियर कोल्ड वेव की श्रेणी में आती है जहां शरीर पर ठंड का असर ज्यादा तेज पड़ता है.
16 जनवरी से एक सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करेगा. (फोटो PTI)
दिल्ली-NCR: ठंड, कोहरा और ट्रैफिक का ट्रिपल अटैल
15 जनवरी को दिल्ली में न्यूनतम तापमान करीब 4 डिग्री दर्ज किया गया जो इस सीजन के सबसे निचले स्तरों में से एक है. सुबह के समय घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रही. इसका असर सीधे हवाई और रेल यातायात पर पड़ा. IMD के मुताबिक 16 जनवरी तक दिल्ली में कोल्ड वेव आइसोलेटेड पॉकेट्स में बनी रह सकती है. 17 से 18 जनवरी से तापमान में 3 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन 18 से 19 जनवरी को हल्की बारिश या छींटे पड़ सकते हैं जिससे सुबह की ठंड और बढ़ेगी.
उत्तर प्रदेश और बिहार: सर्दी का पीक पीरियड
यूपी और बिहार इस समय सर्दी के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में घने से घने कोहरे और पूर्वी यूपी और बिहार में घने कोहरे ने हालात मुश्किल बना दिए. लखनऊ, कानपुर, वाराणसी में न्यूनतम तापमान 5 से 8 डिग्री और पटना, गया में 6 से 9 डिग्री के आसपास रहा. दिन का तापमान भी 18 से 22 डिग्री तक सीमित रहा, इससे कोल्ड डे कंडीशंस बनी रहीं. IMD का अनुमान है कि 16 से 19 जनवरी तक पूर्वी यूपी में और 19 जनवरी तक पश्चिमी यूपी में घना कोहरा जारी रह सकता है.
दिल्ली में 18 से 19 जनवरी को हल्की बारिश या छींटे पड़ सकते हैं जिससे सुबह की ठंड और बढ़ेगी. (फोटो PTI)
IMD की नई चेतावनी: किन राज्यों पर असर
IMD ने साफ किया है कि 15 जनवरी तक कई राज्यों में कोल्ड वेव और घने कोहरे की स्थिति बनी रहेगी. पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में सुबह के समय घने कोहरे की मार. राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में कोल्ड वेव के साथ कोहरा. झारखंड और ओडिशा में आइसोलेटेड पॉकेट्स में ठंड का असर. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पहाड़ी इलाकों में कड़ाके की ठंड.वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से क्या बदलेगा?
16 जनवरी से एक सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करेगा. इसके चलते हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में हल्की बारिश संभव है. इससे न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे 3 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी होगी लेकिन नमी बढ़ने से कोहरा जल्दी खत्म नहीं होगा. स्काइमेट के अनुसार कुछ इलाकों में ग्राउंड फ्रॉस्ट की संभावना भी बनी हुई है.
स्वास्थ्य पर असर और सावधानी
इस भीषण ठंड का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों पर पड़ रहा है. डॉक्टरों की सलाह है कि सुबह जल्दी बाहर निकलने से बचें, गर्म कपड़े पहनें और गरम पेय का सेवन करें. कोहरे में ड्राइव करते समय खास सतर्कता जरूरी है.
आगे के दिनों का मौसम: क्या करें, क्या न करें?
सुबह और देर रात गैर-जरूरी यात्रा टालें. कोहरे में वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करें. बच्चों और बुजुर्गों को ठंडी हवा से बचाएं. बारिश की संभावना को देखते हुए छाता और गर्म कपड़े साथ रखें.मौसम विभाग के अनुसार मैदानी इलाकों में तापमान पहाड़ी राज्यों जैसा महसूस हो रहा है. (फोटो PTI)
दक्षिण और उत्तर-पूर्व भारत की तस्वीर
जहां उत्तर भारत ठंड से कांप रहा है, वहीं दक्षिण भारत में मौसम सुखद बना हुआ है. तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और तेलंगाना में मौसम शुष्क है और तापमान सामान्य के आसपास है. वहीं उत्तर-पूर्व भारत में भी ज्यादातर इलाकों में मौसम साफ रहेगा, हालांकि असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में कोहरा परेशानी बढ़ा सकता है. कुल मिलाकर उत्तर भारत में जनवरी 2026 की सर्दी अपने चरम पर है. IMD की चेतावनी साफ है कि कोहरे के साथ अब बारिश भी चुनौती बनेगी. राहत धीरे-धीरे मिलेगी लेकिन फिलहाल सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है.

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