यूरोप बूढ़ा हो रहा है! ग्रीस के मंत्री का अलार्म-‘हमें भारतीय युवाओं की सख्त जरूरत’

1 hour ago

India eu forum 2026: ग्रीस के रक्षा मंत्री निकोस डेंडियास ने कहा है कि यूरोप में कानूनी प्रवासन के लिए भारतीय उपमहाद्वीप एक बेहतरीन ऑप्शन बन सकता है. उन्होंने यह बात नई दिल्ली में आयोजित इंडिया-ईयू फोरम 2026 में कही थी. उन्होंने बताया कि यूरोप की आबादी तेजी से बूढ़ी हो रही है. कई देशों में जनसंख्या वृद्धि लगभग शून्य या नकारात्मक हो चुकी है. ऐसे में यूरोप को बड़ी संख्या में युवा कामगारों की जरूरत है. डेंडियास ने कहा कि दुनिया में माइग्रेशन कोई नई बात नहीं है. ये पहले भी होता रहा है और आगे भी जारी रहेगा. लेकिन अब जरूरत है कि यूरोप एक संतुलित और व्यवस्थित नीति बनाए. ताकि माइग्रेशन सभी के लिए फायदेमंद हो सके.

योजना बनाना जरूरी
ग्रीक रक्षा मंत्री ने कहा कि यूरोप के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कानूनी प्रवासन को इस तरह तैयार किया जाए जिससे लाभ केवल यूरोप को ही नहीं बल्कि जिन देशों से लोग जा रहे हैं उन्हें भी मिले. उन्होंने साफ किया कि केवल लोगों को बुला लेना समाधान नहीं है. सही योजना बनाना जरूरी है. उन्होंने बताया कि भारतीय उपमहाद्वीप की आबादी युवा है. यहां बड़ी संख्या में काम करने की उम्र के लोग हैं. यही वजह है कि भविष्य में यूरोप के लिए यह क्षेत्र सबसे अच्छा साझेदार बन सकता है. उन्होंने कहा कि यूरोप में युवाओं की कमी लगातार बढ़ रही है. इस खालीपन को भरने के लिए संगठित और कानूनी माइग्रेशन जरूरी है.

मानव तस्करी से लोग कमा रहे हैं भारी पैसा
डेंडियास ने अवैध प्रवासन पर भी गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि गैरकानूनी तरीके से लोगों को ले जाने का धंधा पूरी दुनिया में फैल चुका है. यह एक संगठित अपराध बन गया है. मानव तस्करी से जुड़े गिरोह भारी पैसा कमा रहे हैं. उन्होंने इसे पूरी तरह से अस्थिर करने वाली स्थिति बताया. उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत सहयोग की जरूरत है. केवल एक या दो देशों के प्रयास काफी नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि कानूनी और सुरक्षित रास्ते बनाए बिना अवैध प्रवासन को रोका नहीं जा सकता है.

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ग्रीस के रक्षा मंत्री ने भारत और ग्रीस के ऐतिहासिक रिश्तों का भी जिक्र किया है. उन्होंने कहा कि भारत ग्रीक सभ्यता और मिथकों का भी एक हिस्सा रहा है. उन्होंने याद दिलाया कि सिकंदर महान भारत की सीमाओं तक पहुंचे थे. बाद में उनकी सेना के विद्रोह के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा था. उन्होंने कहा कि ग्रीस और भारत के बीच संबंध एक तरह से अधूरा वादा रहे हैं. लेकिन आज के दौर में यह वादा पूरा किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि भारत और यूरोप के बीच बढ़ता सहयोग इस ऐतिहासिक रिश्ते को नई दिशा दे सकता है.

इंडिया-ईयू फोरम 2026 के दौरान आया ये बयान
यह बयान इंडिया-ईयू फोरम 2026 के दौरान सामने आया है. यह दो दिन का कार्यक्रम 6 और 7 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित किया गया था. इस फोरम का आयोजन विदेश मंत्रालय ने अनंता सेंटर के साथ मिलकर किया है. इसमें भारत और यूरोपीय संघ के 200 से ज्यादा वरिष्ठ अधिकारी, नीति विशेषज्ञ और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उद्घाटन सत्र को संबोधित किया. केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी विशेष सत्र में शामिल हुए. यह मंच हाल ही में हुए भारत-ईयू शिखर सम्मेलन और फ्री ट्रे़ड समझौते के बाद आयोजित हुआ. इसमें व्यापार, सुरक्षा, तकनीक और भू-राजनीति जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई है.

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