3 साल में 4 प्रधानमंत्री... क्या फिर अस्थिरता में डूबेगा जापान? ताकाइची के लिए 'करो या मरो' का चुनाव!

1 hour ago

Japan lower house election 2026: जापान में रविवार को निचले सदन के लिए आम चुनाव की वोटिंग शुरू हो गई है. इस चुनाव को प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची की नेतृत्व क्षमता को जनमत संग्रह की तरह देखा जा रहा है. इसका मतलब ये है कि जब किसी बड़े फैसले पर सरकार खुद फैसला न लेकर सीधे जनता से राय लेती है. मतदाता लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार और विपक्षी गठबंधन के बीच फैसला कर रहे हैं. एलडीपी ने जापान इनोवेशन पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाई है. दोनों दलों का लक्ष्य 465 सीटों वाले सदन में साधारण बहुमत हासिल करना है. एलडीपी चाहती है कि वह अकेले दम पर भी बहुमत के करीब पहुंचे. अगर पार्टी अपने दम पर 233 या उससे ज्यादा सीटें जीत लेती है तो ताकाइची की स्थिति बहुत मजबूत हो जाएगी. इससे उनकी पकड़ निचले सदन में और मजबूत हो जाएगी.

देना पड़ सकता है पीएम ताकाइची को इस्तीफा?
लेकिन अगर एलडीपी और जापान इनोवेशन पार्टी का गठबंधन बहुमत हासिल नहीं कर पाता है तो प्रधानमंत्री ताकाइची पर इस्तीफे का दबाव बन सकता है. ऐसा होने पर जापान एक बार फिर राजनीतिक अस्थिरता के दौर में जा सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक पिछले लगभग तीन साल में देश चार प्रधानमंत्री देख चुका है. चुनाव से पहले आए मीडिया सर्वे में कहा गया था कि एलडीपी अकेले बहुमत हासिल कर सकती है. वहीं विपक्षी सेंट्रिस्ट रिफॉर्म अलायंस को नुकसान होने की आशंका जताई गई थी. यह गठबंधन हाल ही में बना है. इसमें कांस्टीट्यूशनल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ जापान और कोमेतो शामिल हैं.

विवादों में घिरी हैं ताकाइची 
चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री ताकाइची कई विवादों में भी घिरी थी. उनके कुछ बयानों को कमजोर येन के समर्थन से जोड़कर देखा गया. खाद्य पदार्थों पर उपभोग कर घटाने को लेकर पार्टी का रुख भी साफ नहीं माना गया. इसके अलावा जापान और अमेरिका के रिश्तों पर दिए गए कुछ बयानों पर भी सवाल उठे. इसके बावजूद एलडीपी के पक्ष में माहौल बना रहा. ताकाइची ने प्रचार के दौरान अहम उद्योगों में सरकारी खर्च बढ़ाने का वादा किया. उन्होंने जापान की वैश्विक आर्थिक स्थिती को दोबारा मजबूत करने की बात कही है. उन्होंने इमिग्रेशन नीति को और सख्त करने का भी संकेत दिया है.

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ये चुनाव इनोवेशन पार्टी के लिए जरूरी
जापान इनोवेशन पार्टी के लिए यह चुनाव बहुत अहम माना जा रहा है. यह पार्टी अब तक ओसाका तक ही ज्यादा मजबूत रही है. वह देशभर में अपनी पकड़ बढ़ाने की कोशिश कर रही है. इस बार एलडीपी और जापान इनोवेशन पार्टी ने कई सीटों पर उम्मीदवारों का तालमेल नहीं किया है. ओसाका की सभी 19 सीटों पर दोनों दल आमने सामने हैं. इसी दौरान ओसाका में स्थानीय चुनाव भी हो रहे हैं. पार्टी नेता हिरोफुमी योशिमुरा और मेयर हिदेयूकी योकोयामा एक खास प्रशासनिक प्रस्ताव के लिए जनता का समर्थन मांग रहे हैं. पार्टी का मकसद ओसाका को जापान की वैकल्पिक राजधानी के रूप में विकसित करना है.

समय से पहले चुनाव कराने पर उठा सवाल
विपक्षी गठबंधन सेंट्रिस्ट रिफॉर्म अलायंस ने 200 से ज्यादा एकल सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं. फिर भी उसे कुल मिलाकर नुकसान होने का अनुमान है. गठबंधन का लक्ष्य निचले सदन में सबसे बड़ा विपक्षी दल बनना है. विपक्ष ने समय से पहले चुनाव कराने के फैसले पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि सांसदों का कार्यकाल अभी पूरा भी नहीं हुआ था. साथ ही उन्होंने बाजार में उतार चढ़ाव का हवाला देते हुए ताकाइची की आर्थिक नीतियों पर चिंता जताई है. इस चुनाव में कुल 465 सीटों के लिए वोटिंग हो रही है. इनमें 289 सीटें सीधे चुनाव से और 176 आनुपातिक प्रतिनिधित्व से तय होंगी. मौसम भी बड़ा मुद्दा बना. पूर्वी और उत्तरी जापान में कड़ाके की ठंड और भारी बर्फबारी के बीच प्रचार करना पड़ा. यह 36 साल बाद पहला मौका है जब सर्दियों में निचले सदन का चुनाव कराया गया है.

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