Last Updated:January 16, 2026, 22:15 IST
Indian Army News: भारतीय सेना ने टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है. दअसल, सेना 'फायर फाइटिंग रोबोट' को अपने बेड़े में शामिल करने का फैसला किया है. ये मानव रहित ग्राउंड व्हीकल उन खतरनाक और जोखिम भरे इलाकों में आग बुझाने का काम करेंगे, जहां जवानों का जाना जानलेवा हो सकता है. ये रोबोट सुरक्षित दूरी से आग पर काबू पाने में सक्षम हैं, जिससे इमरजेंसी स्थितियों में अग्निशमन कर्मियों की सुरक्षा मिलेगा.
इंडियन आर्मी की ताकत बनेगा ये रोबोट. (एआई इमेज)Indian Army Robot: भारतीय सेना को स्मार्ट पावर मिलने जा रहा है. मॉडर्न वार-फेयर में सेना का साथ देने के लिए ये नन्हकू सा रोबोट तहलाका मचाने को तौयार है. सेना न केवल अपनी ताकत बढ़ाने में लगी है बल्कि मॉडर्न वार-फेयर के लिए तैयार कर रही है. सेना हाई-टेक मशीनों और रोबोट्स की ‘स्मार्ट पावर’ भी जुड़ रही है. 16 जनवरी को भारतीय रक्षा क्षेत्र में एक ऐसा क्रांतिकारी फैसला लिया गया, जिसमें आग जैसी भीषण आपदाओं से निपटने के लिए इंसानों की जगह ‘फायर फाइटिंग रोबोट्स’ को मैदान में उतारने का फैसला किया है.
सोचिए, किसी गोला-बारूद के डिपो में या किसी दुर्गम बंकर में भीषण आग लग जाए. वहां किसी जवान को भेजना मौत के मुंह में भेजने जैसा होता है. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. सेना जिस रोबोट को अपने बेड़े में शामिल कर रही है, वह एक मानव रहित ग्राउंड व्हीकल (Unmanned Ground Vehicle) है.
यह रोबोट देखने में कॉम्पैक्ट है, लेकिन इसका काम बेहद बड़ा है. इसे विशेष रूप से उन ‘डेथ जोन्स’ के लिए डिजाइन किया गया है, जहां इंसान का जाना असंभव है. यह रोबोट आग की लपटों के बीच घुसकर, सुरक्षित दूरी से ऑपरेट होते हुए आग को बुझा सकता है. यानी अब आग बुझाने के लिए जवानों को अपनी जान दांव पर नहीं लगानी होगी.
स्वदेशी का कमाल
सबसे गर्व की बात यह है कि सेना को ये हाई-टेक रोबोट कोई विदेशी कंपनी नहीं, बल्कि अपने देश की कंपनी दे रही है. भारतीय सेना ने ‘इनोवेशन फॉर डिफेन्स एक्सीलेंस’ (iDEX) के तहत स्वदेशी कंपनी ‘एम्प्रेसा प्राइवेट लिमिटेड’ के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. यह कदम प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को सच करने की दिशा में एक बड़ी छलांग है.
कैसे काम करेगा यह सिस्टम?
यह रोबोट पूरी तरह रिमोट से कंट्रोल किया जा सकता है. आपातकालीन स्थिति में जब तापमान इतना अधिक हो कि पास जाना नामुमकिन हो, तब यह रोबोट आगे बढ़ेगा. यह न केवल आग बुझाएगा, बल्कि मलबे के बीच रास्ता बनाने और जोखिम भरे मिशनों को अंजाम दे सकता है. यह सेना के अग्निशमन कर्मियों के लिए एक ‘लौह कवच’ की तरह काम करेगा.
स्टार्टअप्स और सेना ने मिलाया हाथ
सेना का यह कदम बताता है कि अब भारतीय फौज सिर्फ पारंपरिक हथियारों पर निर्भर नहीं है. रक्षा मंत्रालय का ‘iDEX’ प्रोग्राम सेना और देश के नए इनोवेटर्स (Startups) के बीच एक मजबूत पुल बन गया है.
About the Author
दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व...और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
January 16, 2026, 22:15 IST

2 hours ago
