भारतीय दल ने दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊँची चोटी 'माउंट अकोनकागुआ' पर फहराया तिरंगा

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भारतीय दल ने दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊँची चोटी माउंट अकोनकागुआ पर फहराया तिरंगा

Last Updated:February 25, 2026, 11:24 IST

नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग और जवाहर इंस्टीट्यूट की टीम ने कर्नल हेम चंद्र सिंह के नेतृत्व में माउंट अकोनकागुआ पर 22 फरवरी 2026 को सफल चढ़ाई की, भारत का गौरव बढ़ाया.

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नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (एनआईएम) उत्तरकाशी और जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स (जेआईएम एंड डब्ल्यूएस) पहलगाम ने मिलकर एक छह सदस्यीय संयुक्त पर्वतारोहण अभियान चलाया. इस अभियान में टीम ने दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊँची चोटी माउंट अकोनकागुआ (6961 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की. यह चोटी एशिया के बाहर दुनिया की दूसरी सबसे ऊँची चोटी है. अभियान का नेतृत्व कर्नल हेम चंद्र सिंह ने किया, जो जेआईएम एंड डब्ल्यूएस, पहलगाम के प्रधानाचार्य हैं, और एनआईएम, उत्तरकाशी के प्रधानाचार्य भी शामिल थे.

यह अभियान सम्माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी द्वारा 5 फरवरी 2026 को औपचारिक रूप से झंडी दिखाकर शुरू किया गया. टीम अर्जेंटीना के लिए रवाना हुई और 8 फरवरी 2026 को वहाँ पहुँची, जहाँ से उन्होंने अपना महत्वाकांक्षी अंतरराष्ट्रीय मिशन शुरू किया.

टीम में 6 सदस्य शामिल थे: कर्नल हेम चंद्र सिंह, लीडर / कैप्टन जी संतोष कुमार, उप लीडर / श्री दीप बहादुर साही, सदस्य / श्री विनोद गुसाई, सदस्य / नायब सूबेदार भूपिंदर सिंह, वीएसएम, सदस्य / हवलदार रमेश कुमार, वीएसएम, सदस्य

एंडीज पर्वतों में एक तय अनुकूलन कार्यक्रम के तहत, टीम ने तैयारी के रूप में पहले बोनेते पीक (5050 मीटर) पर चढ़ाई की. इस चढ़ाई से उन्हें ऊँचाई की स्थितियों में ढलने में मदद मिली, जिसके बाद वे माउंट अकोनकागुआ पर ऊँचे कैंपों की ओर बढ़े. टीम को बहुत कठिन मौसम का सामना करना पड़ा, जिसमें तापमान माइनस 20 से माइनस 30 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया और तेज हवाओं ने विदेशी पर्वत श्रृंखलाओं को और चुनौतीपूर्ण बना दिया. इन कठिन परिस्थितियों ने उनके शारीरिक सहनशक्ति और मानसिक मजबूती की हर स्तर पर परीक्षा ली.

इन विपरीत हालातों से बिना डिगे, टीम ने अंतिम चढ़ाई की और 22 फरवरी 2026 को दोपहर 2:10 बजे (1410 घंटे) माउंट अकोनकागुआ (6961 मीटर) की चोटी पर सफलतापूर्वक पहुँच गई. यह उपलब्धि भारत के पर्वतारोहण प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और दोनों प्रमुख संस्थानों द्वारा बनाए रखे गए ऊँचे प्रशिक्षण और पेशेवर मानकों को उजागर करती है. यह सफल चढ़ाई न केवल साहस की भावना और राष्ट्रीय गौरव को दिखाती है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण अभियानों में भारत की बढ़ती उपस्थिति को भी मजबूत करती है.

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Mohit Chauhan

Mohit Chauhan is an experienced Editorial Researcher with over seven years in digital and television journalism. He specializes in Defence, Relations and Strategic Military Affairs, with a strong ...और पढ़ें

Location :

Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh

First Published :

February 25, 2026, 11:24 IST

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