सीतामढ़ी के स्कूल में अंधविश्वास का खेल, तांत्रिक का चावल खाने से 28 बच्चे हुए बीमार

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Last Updated:February 25, 2026, 12:39 IST

कक्षा छह की छात्रा वर्तिका कुमारी के गले से सोने की दुर्गा माता की लॉकेट गुम हो गई थी. सोमवार को विद्यालय खुलने पर छात्रा के परिजन तांत्रिक के कहने पर स्कूल पहुंचे और सभी बच्चों को चावल खिलाने लगे. परिजनों ने बच्चों को यह कहकर डराया कि जिसने लॉकेट चोरी की होगी, उसके मुंह से खून की उल्टी होगी.

सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले के रुन्नीसैदपुर प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय, अथरी में अंधविश्वास के कारण बड़ा हंगामा खड़ा हो गया. खबर के मुताबिक, कक्षा छह की छात्रा वर्तिका कुमारी के गले से सोने की दुर्गा माता की लॉकेट गुम हो गई थी. सोमवार को विद्यालय खुलने पर छात्रा के परिजन तांत्रिक के कहने पर स्कूल पहुंचे और सभी बच्चों को चावल खिलाने लगे. परिजनों ने बच्चों को यह कहकर डराया कि जिसने लॉकेट चोरी की होगी, उसके मुंह से खून की उल्टी होगी और उसकी मौत हो जाएगी. इस चेतावनी से बच्चों में भय का माहौल फैल गया.

चावल खाने वाले कई बच्चों की तबियत खराब
घटना की जानकारी मिलते ही अन्य अभिभावक भी विद्यालय पहुंच गए और जमकर विरोध जताया. उनका आरोप था कि बिना सोचे-समझे बच्चों को तांत्रिक द्वारा दिया गया चावल क्यों खिलाया गया. थोड़ी ही देर में चावल खाने वाले कई बच्चों ने पेट दर्द, सिरदर्द और उल्टी की शिकायत शुरू कर दी. बच्चों की तबीयत बिगड़ने की खबर से स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई. अथरी पंचायत के मुखिया आलोक कुमार ने मामले की सूचना प्रशासन को दी, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई की गई.

28 बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया
प्रशासन की पहल पर तीन एंबुलेंस से 28 बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रुन्नीसैदपुर लाया गया. वहां चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राकेश रंजन, डॉ. नंदनी कुमारी और डॉ. सुनील कुमार ने बच्चों की जांच की, जबकि एएनएम प्रीति कुमारी और विमल कुमारी ने उनकी देखभाल की. हालांकि, चिकित्सकों ने बताया कि सभी बच्चे शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं. उनकी तबीयत पर अंधविश्वास और भय का मानसिक असर पड़ा था. प्राथमिक उपचार और परामर्श के बाद सभी बच्चों को सुरक्षित घर भेज दिया गया.

दोषियों के खिलाफ कार्रवाई
वहीं, बीडीओ धनंजय कुमार ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी. उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की कि बच्चों के बीच किसी भी प्रकार का अंधविश्वास या भय न फैलाएं. यह घटना समाज में व्याप्त अंधविश्वास की गंभीर समस्या को उजागर करती है, जहां बिना किसी ठोस आधार के बच्चों को मानसिक आघात झेलना पड़ा. प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही. अब देखना ये हैं कि प्रशासन इस मुद्दे पर क्या कार्रवाई करता है.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क...और पढ़ें

Location :

Sitamarhi,Bihar

First Published :

February 25, 2026, 12:39 IST

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