धीरेंद्र शास्त्री ने हाल ही में हिंदुओं से अपने पूर्वजों का सम्मान करने और पुष्कर में पिंडदान करने की अपील की. उन्होंने यह भी कहा कि हिंदुओं को कम से कम चार बच्चे पैदा करने चाहिए. उनके इस बयान को कई संतों ने समर्थन दिया है. हालांकि, कुछ मुस्लिम धर्मगुरुओं और संगठनों ने इस बयान का विरोध किया है. उनका कहना है कि ऐसे बयान समाज को बांटने का काम करते हैं. इसी तरह का बयान बीजेपी विधायक बाल मुकुंद आचार्य ने भी दिया था. उस बयान पर भी विवाद हुआ था. कुछ मुस्लिम संगठनों ने उसे आपत्तिजनक बताया था. हिंदू संगठनों का कहना है कि वे जनसंख्या संतुलन की बात कर रहे हैं. उनका दावा है कि हिंदुओं की संख्या घट रही है और मुसलमानों की संख्या बढ़ रही है. दूसरी ओर, मुस्लिम संगठनों का कहना है कि जनसंख्या का मुद्दा धार्मिक आधार पर नहीं उठाया जाना चाहिए. उनका मानना है कि इससे समाज में तनाव बढ़ सकता है. इन बयानों के बाद जनसंख्या, धर्म और राजनीति पर बहस फिर तेज हो गई है. मामला अब सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है.
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