भारत-चीन संबंध सुधारने के लिए चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने RSS-BJP के साथ की बैठक

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Last Updated:January 13, 2026, 14:51 IST

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने आरएसएस और भाजपा से मुलाकात कर भारत-चीन संबंध सुधार, संवाद और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया. गलवान के बाद यह पहली बड़ी कूटनीतिक पहल है.

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने आरएसएस -भाजपा के साथ की बैठकचीन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधिमंडल (सीपीसी) ने मंगलवार को आरएसएस और भाजपा मुख्यालय पहुंचा.

नई दिल्ली. चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधिमंडल (सीपीसी) ने मंगलवार को आरएसएस मुख्यालय में सांसद दत्तात्रेय होसबाले से मुलाकात की. सोमवार को भाजपा मुख्यालय में भी सीपीसी का दूसरा दल पहुंचा था. ये बैठकें भारत-चीन संबंधों में सुधार के संकेत दे रही हैं. मंगलवार सुबह 11 बजे आरएसएस मुख्यालय में सीपीसी प्रतिनिधिमंडल ने आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबाले से करीब एक घंटे बात की. सूत्रों के अनुसार यह शिष्टाचार भेंट थी, जिसका अनुरोध चीन की तरफ से आया था.

सोमवार को सीपीसी का छह सदस्यीय दल भाजपा मुख्यालय पहुंचा. इसकी अगुवाई उप-मंत्री सुन हैयान ने की. भाजपा की तरफ राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने स्वागत किया. चर्चा में दोनों पार्टियों के बीच संवाद बढ़ाने और पार्टी-टू-पार्टी संबंधों को मजबूत करने पर जोर रहा. चीन के राजदूत शू फेइहोंग भी मौजूद रहे.

भाजपा के विदेश विभाग प्रमुख विजय चौथाईवाले ने इसे अंतर-दलीय संबंधों को मजबूत करने वाला कदम बताया. अरुण सिंह ने X पर लिखा कि दोनों पक्षों ने संपर्क बढ़ाने पर सहमति जताई. 2020 गलवान झड़प के बाद पहली बड़ी कूटनीतिक गतिविधि है. अक्टूबर 2024 ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद सीमा पर शांति, कूटनीति और सैन्य बातचीत बढ़ाने पर सहमति बनी थी. कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर शुरू होगी और सीधी उड़ानें बहाल होंगी.

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने हाल ही में भारत के साथ अच्छे संबंधों का वादा किया. सीपीसी का आईडीसीपीसी विभाग 1951 से विश्व स्तर पर पार्टी संबंध संभालता है. भाजपा -सीपीसी के बीच 2000 के दशक से बातचीत चल रही है.

ये मुलाकातें दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में अहम कदम हैं. गलवान के बाद तनावपूर्ण संबंधों में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है. सीमा विवाद के बावजूद आर्थिक, सांस्कृतिक और कूटनीतिक सहयोग बढ़ाने की कोशिशें तेज हो गई हैं. आरएसएस के साथ बैठक विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पहली बार हो रही है. दोनों पक्षों ने भविष्य में नियमित संवाद जारी रखने का वादा किया है.

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Sharad Pandeyविशेष संवाददाता

करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्‍यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज...और पढ़ें

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New Delhi,New Delhi,Delhi

First Published :

January 13, 2026, 14:51 IST

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चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने आरएसएस -भाजपा के साथ की बैठक

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