Maharashtra Nikay Chunav Live: 'इस मुल्क के किरायेदार नहीं, मालिक हैं हम...' महाराष्ट्र निकाय चुनाव में अकबरुद्दीन ओवैसी की हुंकार

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Last Updated:January 13, 2026, 15:59 IST

Maharashtra Nikay Chunav Live Updates: महाराष्ट्र के इन निकाय चुनावों को आगामी लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है. लाडकी बहिन योजना पर रोक और सट्टेबाजी के आरोपों ने शहरी मतदाताओं के बीच नई चर्चा छेड़ दी है. खास तौर से मुंबई और पुणे जैसे शहरों में निर्दलीय और छोटी पार्टियां बड़े दलों का खेल बिगाड़ सकती हैं.

 'इस मुल्क के किरायेदार नहीं, मालिक हैं हम...' अकबरुद्दीन ओवैसी की हुंकारअकबरुद्दीन ओवैसी ने AIMIM समर्थकों से कहा कि अगर हम संगठित नहीं हुए, तो आने वाली नस्लें हमें माफ नहीं करेंगी.

Maharashtra Nikay Chunav 2026 LIVE: महाराष्ट्र के 29 नगर निकायों में चुनाव प्रचार का शोर अब थम गया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर की सड़कों पर मोटरसाइकिल चलाकर अपनी ताकत दिखाई है. उन्होंने दावा किया कि नागपुर और मुंबई समेत पूरे राज्य में फिर से भगवा झंडा लहराएगा. दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि उद्धव की गलतियों के कारण ही शिवसेना का नाम और निशान उनके हाथ से निकल गया. पुणे में एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने अकेले चुनाव लड़ने का साहसिक फैसला लिया है. इसी बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार को बड़ा झटका दिया है. आयोग ने ‘लाडकी बहिन’ योजना की अग्रिम किस्त जारी करने पर रोक लगा दी है. विपक्ष ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया था. मुंबई में नवाब मलिक ने राज ठाकरे की नफरत वाली राजनीति की कड़ी आलोचना की है.

आखिर देवेंद्र फडणवीस को नागपुर और मुंबई में जीत का इतना भरोसा क्यों है?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव प्रचार के आखिरी दिन नागपुर में जबरदस्त रोड शो किया. उन्होंने भारत माता चौक से महल क्षेत्र तक मोटरसाइकिल रैली का नेतृत्व किया. इस दौरान लोगों की भारी भीड़ उमड़ी जिससे फडणवीस का उत्साह बढ़ गया. उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि नागपुर में भाजपा-शिवसेना गठबंधन पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ देगा. उनके अनुसार विपक्षी गठबंधन के पास जनता को देने के लिए कोई ठोस विजन नहीं है. फडणवीस ने दावा किया कि भाजपा ने नागपुर की सूरत पूरी तरह बदल दी है. विपक्षी दल केवल खोखली बातें कर रहे हैं और जनता उन्हें नकार देगी. नागपुर महानगर पालिका की 151 सीटों पर 15 जनवरी को मतदान होना है. भाजपा यहाँ 143 और शिवसेना 8 सीटों पर चुनाव लड़ रही है.

क्या उद्धव ठाकरे की राजनीतिक पसंद ही शिवसेना के पतन का असली कारण बनी?

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने उद्धव ठाकरे की वर्तमान स्थिति पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर उद्धव 2019 में भाजपा का साथ नहीं छोड़ते तो आज ‘धनुष-बाण’ उनके पास होता. आठवले के अनुसार उद्धव ने मुख्यमंत्री बनने के लालच में कांग्रेस से हाथ मिलाया. यह फैसला दिवंगत बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा के बिल्कुल खिलाफ था. चुनाव आयोग ने 2023 में एकनाथ शिंदे गुट को असली शिवसेना माना था. इसी कारण उद्धव ठाकरे को अपना नाम और चुनाव चिह्न गंवाना पड़ा. आठवले ने बीएमसी में भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया है. उन्होंने मुंबई नगर निकाय को ‘ठाकरे के चंगुल’ से मुक्त कराने की अपील की. महायुति अब बीएमसी पर पूर्ण नियंत्रण पाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है.

पुणे में एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने अकेले चुनाव लड़ने का जोखिम क्यों उठाया?

पुणे नगर निगम चुनाव में शिवसेना नेता नीलम गोरहे ने अपनी रणनीति स्पष्ट की है. यहाँ शिवसेना और भाजपा के बीच सीटों के बंटवारे पर सहमति नहीं बन पाई. भाजपा केवल 12 सीटें देने पर अड़ी थी जबकि शिवसेना 25 सीटों की मांग कर रही थी. नीलम गोरहे ने कहा कि स्वाभिमान और गरिमा के लिए अकेले लड़ना जरूरी था. शिवसेना अब पुणे के सभी वार्डों में अपनी ताकत का आकलन कर रही है. उन्हें उम्मीद है कि पार्टी पुणे के विकास और निर्णय लेने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएगी. पार्टी के घोषणापत्र में पर्यावरण संरक्षण और पहाड़ियों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है. चुनाव के बाद गठबंधन की संभावना पर उन्होंने कहा कि फैसला एकनाथ शिंदे लेंगे. शिवसेना अपने एजेंडे को स्वीकार करने वाले दलों के साथ बातचीत के लिए तैयार है.

चुनाव आयोग ने लाडकी बहिन योजना के 3000 रुपये के भुगतान पर रोक क्यों लगाई?

राज्य निर्वाचन आयोग ने ‘लाडकी बहिन’ योजना की जनवरी की किस्त पर रोक लगा दी है. सरकार मकर संक्रांति के अवसर पर लाभार्थियों को 3000 रुपये अग्रिम देने वाली थी. विपक्ष ने इसकी शिकायत आयोग से की थी और इसे मतदाताओं को लुभाने का प्रयास बताया. आयोग ने स्पष्ट किया कि नियमित किस्तें दी जा सकती हैं लेकिन अग्रिम भुगतान नहीं होगा. मुख्यमंत्री फडणवीस ने दलील दी कि यह एक सतत योजना है और आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है. हालांकि कांग्रेस ने इसे मतदान से ठीक पहले अनुचित लाभ देने की कोशिश करार दिया. इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है. विधानसभा चुनाव में इस योजना ने महायुति की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी. अब निकाय चुनाव में इस पर रोक लगना सरकार के लिए एक झटका माना जा रहा है.

क्या नवाब मलिक और सचिन सावंत के आरोपों से मुंबई की राजनीति गरमा गई है?

एनसीपी नेता नवाब मलिक ने राज ठाकरे पर नफरत और बंटवारे की राजनीति करने का आरोप लगाया है. मलिक ने कहा कि राज ठाकरे कभी उत्तर भारतीयों तो कभी मुस्लिमों को निशाना बनाते हैं. ऐसी राजनीति लंबे समय तक नहीं चलती और जनता इसे समझ चुकी है. उन्होंने भाजपा पर चुनाव के ध्रुवीकरण करने का भी गंभीर आरोप लगाया. उधर कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा पर सीधा हमला बोला है. उन्होंने एक तस्वीर साझा कर आरोप लगाया कि लोढ़ा ने सट्टेबाजी के आरोपी सोनू जलान की मदद ली है. सोनू जलान के संबंध अंडरवर्ल्ड और बड़े सट्टा रैकेट से होने के संकेत मिले थे. कांग्रेस ने सवाल उठाया कि चुनाव प्रचार में ऐसे संदिग्ध लोगों का इस्तेमाल क्यों हो रहा है. इन आरोपों ने मतदान से ठीक पहले सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है.

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Saad Omar

An accomplished digital Journalist with more than 13 years of experience in Journalism. Done Post Graduate in Journalism from Indian Institute of Mass Comunication, Delhi. After Working with PTI, NDTV and Aaj T...और पढ़ें

Location :

Mumbai,Maharashtra

First Published :

January 13, 2026, 09:32 IST

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