Last Updated:January 05, 2026, 06:23 IST
पश्चिम बंगाल में भाजपा अपने एक नेता के बयान से बैकफुट पर आ गई है.Bengal Chunav: पश्चिम बंगाल में भाजपा डैमेज कंट्रोल के मोड में आ गई है. पार्टी के एक केंद्रीय नेता की अवैध बांग्लादेशियों और मतदाता सूची में नाम शामिल करने संबंधी टिप्पणी से मामला बिगड़ा है. भाजपा की राज्य इकाई परेशान है. दरअसल, भाजपा नेता की इस टिप्पणी ने मतुआ बहुल इलाकों में तृणमूल कांग्रेस को नया हथियार दे दिया. दरअसल, विवाद की शुरुआत तब हुई जब भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने कोलकाता में पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत आए किसी भी व्यक्ति का नाम, चाहे वह किसी भी जाति या धर्म का हो, मतदाता सूची में नहीं होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि जो भी बांग्लादेश से अवैध रूप से आया है, उसका नाम जाति-धर्म से ऊपर उठकर वोटर लिस्ट में नहीं होना चाहिए. यह बयान ऐसे समय में आया है जब शरणार्थी बहुल क्षेत्रों में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) को लेकर पहले से ही चिंता का माहौल है. मतुआ समुदाय के एक बड़े वर्ग को आशंका है कि चुनाव से पहले उनके नाम सूची से हटाए जा सकते हैं. पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य ने तुरंत पार्टी को आर्य के बयान से अलग कर लिया और इसे उनका व्यक्तिगत राय बताया.
पार्टी ने खुद के बयान से अलग किया
उन्होंने कहा कि हम उनके बयान का समर्थन नहीं करते. यह भाजपा की आधिकारिक नीति नहीं है और पूरी तरह इसके विपरीत है. हम उनकी इस टिप्पणी का समर्थन नहीं करते. भट्टाचार्य ने आगे कहा कि ऐसे मेहमान बंगाल भाजपा में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए स्वागत योग्य नहीं हैं. उन्होंने यह भी बताया कि राज्य इकाई ने केंद्रीय नेतृत्व को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि ऐसे नेताओं को बंगाल भेजकर मीडिया से संबोधित नहीं कराया जाए.
एक असामान्य कदम में बंगाल भाजपा ने आर्य की प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो लिंक अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से हटा दिया है. ध्यान देने योग्य बात यह है कि आर्य ने यह प्रेस कॉन्फ्रेंस राज्य के कुछ नेताओं के साथ मिलकर की थी. आर्य का बयान बंगाल में भाजपा की व्यापक राजनीतिक रणनीति से पूरी तरह उलट है. पार्टी बार-बार आश्वासन देती रही है कि कोई भी मतुआ सूची से बाहर नहीं रहेगा और नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत सभी पात्र शरणार्थी नागरिकता प्राप्त कर मतदाता सूची में अपना स्थान वापस पा लेंगे.
एक पार्टी पदाधिकारी ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व ने मतुआ और नामशूद्र समुदायों को पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी हालिया कोलकाता यात्रा के दौरान सार्वजनिक रूप से कहा था कि शरणार्थियों में किसी तरह का डर नहीं होना चाहिए. इसी कारण आर्य की टिप्पणी को नीति नहीं, बल्कि अपवाद माना जा रहा है. उन्होंने निजी तौर पर स्वीकार किया कि इस बयान से संवेदनशील राजनीतिक समय में अनावश्यक भ्रम पैदा हो गया है.
भाजपा हुई असहज
पार्टी के अंदर भी असहजता साफ दिखी. भाजपा नेता सजल घोष ने खुलकर आर्य से असहमति जताई और कहा कि बांग्लादेश से आए सभी लोगों को स्वतः अवैध नहीं कहा जा सकता. उन्होंने कहा कि हम बांग्लादेश से आए हर व्यक्ति को अवैध नहीं कहते. हिंदू शरणार्थी शरणार्थी हैं, घुसपैठिए नहीं. सरकार की घोषित नीति है कि पात्र गैर-मुस्लिमों को नागरिकता दी जाएगी.
तृणमूल ने मौके को लपक लिया
तृणमूल कांग्रेस ने इस मौके को तुरंत लपक लिया. पार्टी प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि क्या राज्य के भाजपा नेता केंद्रीय नेतृत्व पर सवाल उठाने की हिम्मत रखते हैं. ये भाजपा का असली चेहरा है. इनका निशाना बंगाली हैं और सबसे ज्यादा नुकसान मतुआ समुदाय का होगा. उन्होंने संकेत दिया कि सत्तारूढ़ पार्टी मतुआ बहुल क्षेत्रों में इस बयान को बड़े पैमाने पर प्रचारित करेगी. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना बंगाल भाजपा को मुश्किल स्थिति में डाल सकती है.
कोलकाता के एक राजनीतिक विश्लेषक ने कहा कि आर्य का बयान पार्टी के शरणार्थी समुदायों तक पहुंच बनाने की रणनीति के खिलाफ है. वीडियो को जल्दबाजी में हटाना पार्टी की शर्मिंदगी की गहराई दिखाता है. मतदाता सूची संशोधन पहले से ही राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा है. भाजपा नेताओं को आशंका है कि तृणमूल कांग्रेस इस विवाद को हथियार बनाकर मतुआ मतदाताओं में असुरक्षा की भावना भड़काएगी. दक्षिण बंगाल में मतुआ वोट भाजपा की चुनावी गणित के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...और पढ़ें
First Published :
January 05, 2026, 06:23 IST

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