Last Updated:January 05, 2026, 16:30 IST
ONGC Gas Leak: आंध्र प्रदेश के कोनसीमा जिले में ओएनजीसी के तेल कुएं में गैस लीक के बाद भीषण आग लग गई. इरुसुमंडा गांव में मरम्मत के दौरान यह बड़ा ब्लास्ट हुआ. प्रशासन ने सुरक्षा के लिए तीन गांवों को खाली करा लिया है. लोगों को बिजली और चूल्हा न जलाने की सलाह दी गई है.

हैदराबाद: आंध्र प्रदेश के कोनसीमा जिले में ओएनजीसी (ONGC) के एक तेल कुएं में जबरदस्त गैस रिसाव के बाद भीषण आग लग गई. यह हादसा राजोल इलाके के इरुसुमंडा गांव में हुआ है. रिपेयरिंग के दौरान हुए एक धमाके ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया. आसमान में सैकड़ों फीट ऊपर तक उठती आग की लपटों और धुएं के गुबार को देखकर ग्रामीणों में चीख-पुकार मच गई. प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए आसपास के तीन गांवों को खाली करा लिया है. लोगों को घरों में बिजली और गैस चूल्हे न जलाने की सख्त हिदायत दी गई है. ओएनजीसी की एक्सपर्ट टीमें और फायर ब्रिगेड मौके पर आग बुझाने की कोशिशों में जुटी हैं. फिलहाल किसी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है लेकिन स्थिति अभी भी काफी तनावपूर्ण बनी हुई है.
इरुसुमंडा गांव में कैसे शुरू हुआ यह खौफनाक मंजर?
ओएनजीसी के इस कुएं में मेंटेनेंस का काम चल रहा था. अचानक कुएं से भारी मात्रा में कच्चा तेल और गैस बाहर निकलने लगी. देखते ही देखते गैस ने आग पकड़ ली और लपटें बेकाबू हो गईं. स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट करवाई. ग्रामीणों से तुरंत घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया. लोग अपने मवेशियों को लेकर खेतों की तरफ भागने लगे. कोहरे की तरह फैली गैस ने विजिबिलिटी को भी कम कर दिया है.
हादसे पर ONGC का बयान.
क्या प्रशासन ने समय रहते लोगों को सुरक्षित निकाल लिया?
धमाके के तुरंत बाद राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए. पंचायत अधिकारियों ने मिलकर गांवों को खाली कराने का मोर्चा संभाला. कलेक्टर और पुलिस के आला अधिकारी ऑपरेशन की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. इलाके की बिजली काट दी गई है ताकि कोई बड़ा स्पार्क न हो. ग्रामीणों को बताया गया है कि जब तक गैस का दबाव कम नहीं होता खतरा बना रहेगा. रिलीफ कैंप्स में लोगों के रुकने का इंतजाम किया जा रहा है.
ओएनजीसी की एक्सपर्ट टीम आग पर काबू पाने के लिए क्या कर रही है?
ओएनजीसी के इंजीनियर्स ब्लोआउट को कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे हैं. हाई प्रेशर फायर पंप्स की मदद से लपटों को ठंडा किया जा रहा है. कुएं के मुंह को सील करने के लिए विशेष उपकरणों का इस्तेमाल होगा. यह इलाका कृष्णा गोदावरी बेसिन का हिस्सा है जहां गैस का दबाव काफी ज्यादा रहता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि गैस पूरी तरह जलने या प्रेशर कम होने के बाद ही स्थिति सामान्य होगी. फिलहाल पूरी साइट को कॉर्डन ऑफ कर दिया गया है.
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दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़...और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
January 05, 2026, 16:27 IST

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