बंगाल की खाड़ी का डेंजर सिग्नल! 50KM की आंधी, आसमानी बिजली और डूबेंगे 7 राज्य; IMD का महा-अलर्ट

2 hours ago

Aaj Ka Mausam Live: ठंड की विदाई हो गई है और लोग अब गर्मी का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन गर्मी की दस्तक से पहले मौसम अब नए खतरे की ओर इशारा कर रहा है. बंगाल की खाड़ी से उठी हलचल ने मौसम का पूरा समीकरण बदल दिया है. अचानक बदले मौसम ने कई राज्यों की चिंता बढ़ा दी है. कहीं तेज बारिश की चेतावनी है तो कहीं 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है. आसमान से बिजली गिरने और समंदर में ऊंची लहरों का खतरा अलग. मौसम विभाग (IMD) ने साफ कहा है कि अगले कुछ दिन सामान्य नहीं रहने वाले. पहाड़ से लेकर दक्षिण भारत तक मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है.

मौसम विभाग ने 20 से 24 फरवरी के बीच देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. खास तौर पर बंगाल की खाड़ी और दक्षिणी समुद्री इलाकों में मौसम खतरनाक हो सकता है. हिमाचल से तमिलनाडु तक मौसम का असर दिखेगा. यानी सर्दी गई जरूर है, लेकिन मौसम का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ. सात राज्यों में विशेष चेतावनी दी गई है. बारिश के कारण कई राज्यों में तापमान में गिरावट होगी.

मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना. (फाइल फोटो PTI)
देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और समुद्री सिस्टम के कारण मौसम तेजी से बदल रहा है. मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में बारिश का दौर देखने को मिलेगा. कई इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं. इससे तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है और मौसम ठंडा महसूस होगा. वहीं दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और श्रीलंका तट के आसपास समुद्र उफान पर रह सकता है. मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग का कहना है कि तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है.

दिल्ली-NCR में अचानक करवट लेगा मौसम

दिल्ली-NCR में 20 फरवरी को मौसम अचानक करवट ले सकता है. भारतीय IMD के अनुसार क्षेत्र में तेज बारिश, गरज-चमक और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना है. दिनभर बादल छाए रह सकते हैं और दोपहर या शाम के समय बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है. अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है. बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज होगी. वहीं तेज हवाओं के कारण प्रदूषण स्तर में अस्थायी सुधार होने की उम्मीद है, लेकिन ट्रैफिक और उड़ानों पर हल्का असर पड़ सकता है. अगले दो दिनों में मौसम धीरे-धीरे साफ होगा, हालांकि ठंडी हवाएं चलती रहेंगी और सुबह-शाम मौसम सुहावना बना रहेगा.

UP और उत्तराखंड के मौसम का हाल

उत्तर प्रदेश में फिलहाल भारी बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं है, लेकिन हाल के पश्चिमी विक्षोभ के असर से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस हो रही है, जबकि दिन में धूप निकलने से मौसम संतुलित बना हुआ है. पश्चिमी और मध्य यूपी के कुछ जिलों में बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बूंदाबांदी की संभावना भी बनी हुई है. वहीं उत्तराखंड में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने वाला है. 22 से 24 फरवरी के बीच देहरादून, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ समेत कई जिलों में बारिश का अनुमान है. ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है, इससे तापमान तेजी से गिर सकता है. पर्यटकों और यात्रियों को पहाड़ी मार्गों पर फिसलन और कोहरे से सावधान रहने की सलाह दी गई है.

बिहार-झारखंड में बारिश के आसार

बिहार में मौसम मिलाजुला बना रहेगा. दिन के समय हल्की धूप निकलने से तापमान सामान्य रहेगा, लेकिन सुबह और शाम ठंडी हवाओं के कारण हल्की ठंड महसूस हो सकती है. उत्तर और पूर्वी बिहार के कुछ जिलों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है. मौसम विभाग ने किसानों को फसल कटाई और भंडारण के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है. झारखंड में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने के संकेत हैं. 24 फरवरी के आसपास कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है. रांची, बोकारो, धनबाद और जमशेदपुर में तेज हवाएं चल सकती हैं. अचानक मौसम बदलने से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होगी.

हिमाचल और कश्मीर का मौसम

हिमाचल प्रदेश में 23 फरवरी के आसपास मौसम फिर सक्रिय हो सकता है. शिमला, कुल्लू, मनाली और कांगड़ा में बारिश की संभावना है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी हो सकती है. बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट आएगी और ठंड का असर बढ़ जाएगा. पर्यटकों को मौसम अपडेट देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है. जम्मू-कश्मीर में भी बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी संभव है. श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों में ठंडी हवाएं चलेंगी, जिससे न्यूनतम तापमान नीचे जा सकता है. पहाड़ी रास्तों पर फिसलन और विजिबिलिटी कम होने की संभावना है.

मध्य प्रदेश और राजस्थान का क्या रहेगा हाल

मध्य प्रदेश के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा. भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर संभाग में हल्के बादल छा सकते हैं और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना जताई गई है. ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में 30–40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे दिन का तापमान थोड़ा कम महसूस होगा. राजस्थान में फिलहाल बारिश की संभावना कम है, लेकिन मौसम में बदलाव का असर यहां भी दिखेगा. जयपुर, कोटा और उदयपुर में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है. दिन में धूप रहेगी लेकिन शाम और रात के समय ठंडी हवाएं चलने से मौसम सुहावना रहेगा.

तमिलनाडु का मौसम

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की गई है. चेन्नई और आसपास के तटीय इलाकों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. मौसम विभाग के अनुसार समुद्री नमी बढ़ने से उमस भी महसूस हो सकती है. उत्तरी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में सुबह के समय कोहरा छाने की संभावना है, इससे हाईवे पर विजिबिलिटी प्रभावित हो सकती है. समुद्र में तेज हवाएं और ऊंची लहरें उठने की आशंका के चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है.

मौसम अचानक क्यों बदला?

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से पूरे देश में मौसम अस्थिर हुआ है. समुद्री नमी उत्तर भारत तक पहुंच रही है, जिससे बारिश और आंधी की स्थिति बन रही है.

किन राज्यों में सबसे ज्यादा असर होगा?

दक्षिण भारत के तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि उत्तराखंड और हिमाचल में बारिश और ठंड बढ़ सकती है. पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है.

क्या तापमान गिरेगा?

हां, बारिश और बादलों के कारण कई राज्यों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक कम हो सकता है. इससे अचानक ठंड का अहसास हो सकता है, खासकर सुबह और रात के समय.

मछुआरों को चेतावनी क्यों दी गई है?

बंगाल की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में तेज हवाएं और ऊंची लहरें उठने की संभावना है. ऐसे में समुद्र में जाना खतरनाक हो सकता है, इसलिए मछुआरों को फिलहाल समुद्र से दूर रहने को कहा गया है.

क्या ट्रैवल प्लान पर असर पड़ेगा?

पहाड़ी राज्यों में बारिश और फिसलन बढ़ सकती है. पर्यटकों को यात्रा से पहले मौसम अपडेट जरूर देखने की सलाह दी गई है, खासकर उत्तराखंड और हिमाचल जाने वालों को.

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