Last Updated:January 30, 2026, 18:32 IST
ओडिशा के जगतसिंहपुर में एक डीएसपी के लाल बालों वाले लुक पर सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया है. यूजर्स ने इसे वर्दी की गरिमा के खिलाफ और गैर-पेशेवर बताया है. मामले को बढ़ता देख आईजी ने अधिकारी को शालीन हेयरस्टाइल रखने की नसीहत दी है. हालांकि विभाग में हेयर कलर को लेकर कोई लिखित नियम नहीं है जिससे अनुशासन और व्यक्तिगत पसंद के बीच नई बहस शुरू हो गई है.
डीएसपी को लेकर महकमा बंट गया है. ओडिशा पुलिस प्रशासन उस समय असहज स्थिति में आ गया जब जगतसिंहपुर जिले के एक डीएसपी रैंक के अधिकारी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं. डीएसपी रश्मि रंजन दास को उनके लाल रंग के बालों के लिए ऑनलाइन बुरी तरह ट्रोल किया जा रहा है. यूजर्स ने उनके इस लुक को गैर-पेशेवर करार दिया और सवाल उठाया कि क्या एक वर्दीधारी अधिकारी को इस तरह का दिखावा शोभा देता है? आलोचकों का तर्क है कि इस तरह के अनकन्वेन्शनल हेयरस्टाइल से खाकी की गंभीरता और अधिकार कम होते हैं. विवाद बढ़ता देख आईजी (सेंट्रल रेंज) सत्यजीत नायक ने जगतसिंहपुर एसपी को निर्देश दिया है कि वे अधिकारी को शालीनता बनाए रखने और वर्दी की गरिमा के अनुरूप हेयरस्टाइल रखने की सलाह दें. हालांकि विभाग ने अभी तक इसके लिए कोई लिखित सर्कुलर जारी नहीं किया है.
महिला कर्मचारियों का समर्थन
इस विवाद ने पुलिस महकमे के भीतर भी एक नई बहस को जन्म दे दिया है. जहां कुछ वरिष्ठ अधिकारी इसे व्यक्तिगत पसंद और आधुनिकता से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि अनुशासन और खाकी की छवि सर्वोपरि होनी चाहिए. महिला पुलिसकर्मियों का एक वर्ग भी इस चर्चा में शामिल है जो अक्सर कॉफी, चॉकलेट, ऐश और गोल्डन जैसे शेड्स का उपयोग करती हैं. उनका तर्क है कि कोई भी कानून या नियम हेयर कलर को प्रतिबंधित नहीं करता है. एक महिला अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि ड्यूटी पूरी जिम्मेदारी से करना प्राथमिकता है, बालों का रंग कोई अपराध नहीं है. फिलहाल, यह मामला अनुशासन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच की एक बारीक रेखा पर खड़ा है.
पुलिस मैनुअल बनाम व्यक्तिगत शालीनता
पुलिस विभाग में अभी तक हेयरस्टाइल या हेयर कलर को लेकर कोई स्पष्ट लिखित आदेश नहीं है. आईजी सत्यजीत नायक का कहना है कि हर चीज लिखित आदेश से नहीं चलती; कांस्टेबल से लेकर वरिष्ठ अधिकारी तक सभी को वर्दी का सम्मान करना चाहिए. चूंकि प्राकृतिक रूप से भी लोगों के बाल भूरे या सफेद हो सकते हैं इसलिए केवल काले बालों का नियम बनाना व्यावहारिक रूप से कठिन है. यह अंततः अधिकारी के स्वयं के विवेक पर निर्भर करता है कि वह अपनी छवि समाज में कैसी पेश करना चाहता है.
सवाल-जवाब
1. ओडिशा के किस पुलिस अधिकारी को ‘लाल बालों’ के लिए ट्रोल किया गया?
जगतसिंहपुर जिले के डीएसपी रश्मि रंजन दास को उनके लाल रंग के बालों वाले लुक के लिए सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया.
2. आईजी सत्यजीत नायक ने इस मामले में क्या निर्देश दिए हैं?
आईजी ने एसपी को निर्देश दिया है कि अधिकारी को वर्दी की गरिमा के अनुसार शालीन हेयरस्टाइल रखने की सलाह दी जाए.
3. क्या पुलिस विभाग में हेयर कलर को लेकर कोई लिखित नियम है?
नहीं, वर्तमान में ओडिशा पुलिस या पुलिस मैनुअल में बालों के रंग को लेकर कोई स्पष्ट प्रतिबंध या लिखित नियम नहीं है.
4. महिला पुलिस अधिकारियों का इस विवाद पर क्या तर्क है?
महिला अधिकारियों का कहना है कि वे अपनी ड्यूटी जिम्मेदारी से निभाती हैं और कोई भी कानून उन्हें बालों को कलर करने से नहीं रोकता.
5. वरिष्ठ अधिकारियों ने हेयर कलर पर प्रतिबंध लगाना मुश्किल क्यों बताया?
अधिकारियों के अनुसार, कई लोगों के बाल प्राकृतिक रूप से भूरे होते हैं या उम्र के साथ सफेद हो जाते हैं, इसलिए केवल काले बालों का आदेश देना संभव नहीं है.
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पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और...और पढ़ें
First Published :
January 30, 2026, 18:32 IST

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