Last Updated:January 30, 2026, 19:08 IST
Assam Legislative Assembly Dibrugarh: डिब्रूगढ़ में असम का दूसरा विधानसभा परिसर बनाया जा रहा है. शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 284 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट की नींव रखी. लेकिन, जब गुवाहटी यानी दिसपुर में पहले से विधानसभा मौजूद है तो अब क्यों दूसरा विधानसभा परिसर क्यों बनाया जा रहा है? जानें इसके अंदर की कहानी.
दूसरा विधानसभा परिसर क्यों बनवा रहें हैं हिंमता विस्वा सरमा? Assam Legislative Assembly Dibrugarh: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को असम के डिब्रूगढ़ में ₹1715 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ किया. इसमें सबसे चर्चित ₹284 करोड़ का दूसरा विधानसभा परिसर और विधायक आवास है. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल और स्थानीय सांसद-विधायकों की डिब्रूगढ़ में दूसरे विधानसभा परिसर की नींव रखी गई. गृहमंत्री ने एक्स पर लिखा, ‘पूरी असम विधानसभा को डिब्रूगढ़ लाया जा रहा है, सभी विधायकों के लिए फ्लैट बनेंगे. चाय की राजधानी डिब्रूगढ़ को नई आर्थिक ताकत मिलेगी. देश में बहुत कम जगहों को राज्य की दूसरी राजधानी का सम्मान मिलता है.’
सरकार का दावा है कि अगले तीन साल में डिब्रूगढ़ को असम की दूसरी राजधानी बनाया जाएगा. प्रोजेक्ट दिसंबर 2025 तक शुरू होकर 2027 तक पूरा होगा. नया विधानसभा भवन तीन मंजिला होगा. इसमें 160 विधायकों की क्षमता, 9 मंजिला विधायक हॉस्टल, 800 सीटों का ऑडिटोरियम और सुरक्षा बलों के लिए बैरक शामिल हैं. साल में दो विधानसभा सत्र यहां होंगे. सरकार इसे विकेंद्रीकरण, पूर्वोत्तर के विकास और क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने की रणनीति बता रही है.
क्या है गणित
इस फैसले के पीछे राजनीतिक गणित भी दिखता है. डिब्रूगढ़ एक हिंदू बहुल शहर है, जहां जनसंख्या का लगभग 90% हिंदू है. वहीं, गुवाहाटी में मुस्लिम आबादी काफी ज्यादा (लगभग 35-40% तक कुछ वार्डों में) है. असम में बीजेपी की सत्ता हिंदू-बहुल इलाकों पर निर्भर रही है. 2021 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने ऊपरी असम (डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, जोरहाट) में मजबूत प्रदर्शन किया था. डिब्रूगढ़ को दूसरी राजधानी बनाना न केवल विकास का प्रतीक है, बल्कि हिंदू वोट बैंक को और मजबूत करना भी है.
ऊपरी असम में पैठ बढ़ाने की राजनीति
यह कदम असम में बीजेपी-अजसू गठबंधन की राजनीति को भी मजबूत करता है. हिमंता बिस्वा सरमा पहले से ही ऊपरी असम में अपनी पकड़ बढ़ा रहे हैं. डिब्रूगढ़ में विधानसभा लाने से स्थानीय अर्थव्यवस्था, रियल एस्टेट, होटल, ट्रांसपोर्ट और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, जो बीजेपी के लिए राजनीतिक लाभ देगा. लेकिन सवाल यह भी है कि क्या गुवाहाटी की राजधानी की स्थिति कमजोर होगी? क्या यह असम के अन्य हिस्सों (जैसे बराक वैली या निचले असम) में असंतोष पैदा करेगा, जहां विकास की मांग पहले से तेज है?
विकास या राजनीति
डिब्रूगढ़ को दूसरी राजधानी बनाने का फैसला विकास और विकेंद्रीकरण बताने से ज्यादा राजनीतिक रणनीति लगता है. यह बीजेपी को ऊपरी असम में मजबूत करने के साथ-साथ हिंदू बहुल क्षेत्रों में अपनी छवि को और चमकाने का मौका देगा. लेकिन असम की जटिल सामाजिक-धार्मिक संरचना को देखते हुए, इस फैसले के दूरगामी परिणाम सामने आने बाकी हैं.
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दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व...और पढ़ें
Location :
Dibrugarh,Assam
First Published :
January 30, 2026, 16:04 IST

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