Ajit Pawar NCP News Live: 'जब विजिबिलिटी 3KM थी तो अजित पवार का प्लेन क्रैश कैसे हुआ?' अखिलेश यादव ने उठाए सवाल

1 hour ago

Ajit Pawar NCP News Live: महाराष्ट्र की राजनीति इस समय गहरे शोक और बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद न केवल राज्य की सियासत में एक बड़ा शून्य पैदा हुआ है, बल्कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेतृत्व को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. पार्टी के भीतर सबसे बड़ा सवाल यही है कि अब एनसीपी की कमान किसके हाथ में होगी और कौन अजित पवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाएगा. पार्टी सूत्रों की मानें तो NCP के एक बड़े वर्ग की राय है कि अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को पार्टी अध्यक्ष और विधायका दल का नेता बनाया जाना चाहिए. माना जा रहा है कि इससे न केवल भावनात्मक स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़ने में मदद मिलेगी, बल्कि पवार परिवार की राजनीतिक विरासत भी सुरक्षित रहेगी. हालांकि, तकनीकी और राजनीतिक कारणों से यदि सुनेत्रा पवार को यह जिम्मेदारी नहीं मिलती है, तो पार्टी में दूसरा सबसे मजबूत नाम प्रफुल्ल पटेल का उभरकर सामने आ रहा है. डिप्‍टी चीफ मिनिस्‍टर और फाइनेंस डिपार्टमेंट को लेकर भी चर्चाओं का दौर जारी है. ये दोनों पोर्टफोलियो अजित पवार के पास था.

अजित पवार-NCP पर पल-पल के अपडेट्स

Ajit Pawar NCP News Live: राकांपा नेता छगन भुजबल ने संकेत दिया है कि महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है. कल विधायक दल का नेता चुनने के लिए सभी विधायकों की अहम बैठक बुलाई गई है. भुजबल के अनुसार, ज्यादातर विधायक सुनेत्रा पवार को नेता बनाने के पक्ष में हैं. यदि कल उनके नाम पर मुहर लगती है तो शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां भी कल से ही शुरू हो सकती हैं. अजित पवार के निधन के बाद यह राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव होगा.

Ajit Pawar NCP News Live: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की विमान हादसे में हुई मौत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. गुरसहायगंज में सपा नेता अनिल आर्य के आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने इस घटना को केवल एक इत्तेफाक मानने से इनकार कर दिया. अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर तकनीकी आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब उस समय विजिबिलिटी तीन किलोमीटर तक साफ थी तो फिर इतना बड़ा हादसा कैसे हो गया?. उन्होंने इस पूरे मामले की और संबंधित हवाई जहाज कंपनी की उच्चस्तरीय जांच की पुरजोर मांग की है. अखिलेश यादव ने विमान बनाने वाली कंपनी की कार्यक्षमता पर भी उंगली उठाई. उन्होंने कहा कि इस बात की भी गहन जांच होनी चाहिए कि उस कंपनी ने इतनी कम अवधि में इतने सारे जहाज आखिर कैसे तैयार कर लिए?

Ajit Pawar NCP News Live: एनसीपी (शरदचंद्र पवार) गुट के नेता अनिल देशमुख ने जानकारी दी है कि इस दुखद घड़ी में आगे के सभी निर्णय शरद पवार, सुनेत्रा पवार और उनके परिवार द्वारा लिए जाएंगे. बारामती विमान हादसे के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर है. राजनीतिक मतभेदों को पीछे छोड़ते हुए सभी दिग्गज परिवार को सांत्वना देने और अंतिम विदाई देने पहुंच रहे हैं.

Ajit Pawar NCP News Live: महाराष्ट्र के बारामती में हुए भीषण विमान हादसे के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण बारामती पहुंचे. उन्होंने अजित पवार की पत्‍नी सुनेत्रा पवार के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की. चव्हाण ने हादसे में जान गंवाने वाले एनसीपी नेता अजीत पवार और अन्य क्रू मेंबर्स के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं. इस दौरान वहां का माहौल बेहद भावुक नजर आया. राजनीतिक विश्लेषक इस मुलाकात को केवल शिष्टाचार मान रहे हैं. लेकिन बारामती के इस बदले हुए घटनाक्रम पर पूरे महाराष्ट्र की नजरें टिकी हुई हैं.

Ajit Pawar NCP News Live: वरिष्ठ एनसीपी नेता छगन भुजबल, प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे. इस मुलाकात को राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आगामी रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है, क्‍योंकि अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी में लीडरशिप को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है. सूत्रों के मुताबिक, नेताओं ने मुख्यमंत्री के साथ संगठनात्मक मुद्दों, विधानसभा सत्र की तैयारियों और विकास परियोजनाओं पर चर्चा कर सकते हैं. हाल के दिनों में एनसीपी के भीतर चल रही गतिविधियों के बीच इस बैठक के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं. हालांकि, मुलाकात के एजेंडे को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई बयान जारी नहीं किया गया है. नेताओं की यह मौजूदगी ऐसे समय पर सामने आई है जब राज्य की राजनीति में समीकरण तेजी से बदल रहे हैं. माना जा रहा है कि बैठक में सरकार और सहयोगी दलों के बीच समन्वय को मजबूत करने तथा भविष्य की रणनीति पर भी विचार-विमर्श हुआ.

Ajit Pawar NCP News Live: सूत्रों के मुताबिक अजित पवार के पास मौजूद विभागों को किसे सौंपा जाए, इस संबंध में जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को NCP की ओर से पत्र दिए जाने की संभावना है. चूंकि ये विभाग राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के हिस्से के हैं, इसलिए ये विभाग राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को ही मिले, इस मांग को लेकर पार्टी की ओर से पत्र सौंपा जाया सकता है. बता दें कि अजित पवार डिप्‍टी सीएम होने के साथ ही खेल, राज्य उत्पादन शुल्क और वित्त विभाग की जिम्मेदारी भी थी. ये विभाग किनको सौंपा जाएगा, इसका जल्‍द ही खुलासा होने की संभावना है.

प्रफुल्ल पटेल क्‍यों?

सूत्रों का कहना है कि प्रफुल्ल पटेल को संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखने के पीछे कई अहम वजह बताई जा रही हैं. पहली वजह उनकी छवि एक कुशल रणनीतिकार और संकटमोचक नेता के तौर पर है. जब भी पार्टी मुश्किल हालात में रही है, पटेल ने पर्दे के पीछे रहकर रणनीति बनाने और समाधान निकालने में अहम भूमिका निभाई है. दूसरी बड़ी वजह उनका दिल्ली से मजबूत संपर्क और राष्ट्रीय राजनीति में गहरी पैठ मानी जा रही है. प्रफुल्ल पटेल ने 2004 से 2011 तक संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री के रूप में काम किया था. इस दौरान उन्होंने न केवल भारतीय विमानन क्षेत्र के आधुनिकीकरण में अहम योगदान दिया, बल्कि एयर इंडिया के विस्तार की दिशा में भी कई फैसले लिए. उनके काम के लिए उन्हें ‘एविएशन मिनिस्टर ऑफ द ईयर’ और ‘रिफॉर्मर ऑफ द ईयर’ जैसे पुरस्कार भी मिले. इसके अलावा उन्होंने भारी उद्योग और सार्वजनिक उपक्रम जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाली है, जिससे उनकी प्रशासनिक क्षमता और अनुभव का अंदाजा लगाया जा सकता है.

NCP विभाजन के समय क्‍या थी पटेल की भूमिका?

एनसीपी सूत्रों के अनुसार, पार्टी के विभाजन के समय कानूनी लड़ाई और चुनाव आयोग से जुड़े मामलों को संभालने में भी प्रफुल्ल पटेल की भूमिका बेहद अहम रही. वह लंबे समय तक शरद पवार के करीबी रणनीतिकार माने जाते रहे हैं और पार्टी के भीतर तथा बाहर दोनों स्तरों पर उनकी पकड़ मजबूत रही है. यही वजह है कि वह शरद पवार के राजनीतिक दांव-पेंच को समझते हुए समय रहते उसका जवाब देने में सक्षम रहे. पटेल की ताकत केवल राजनीति तक सीमित नहीं है. उनका कॉरपोरेट जगत में भी अच्छा प्रभाव माना जाता है. पार्टी के लिए संसाधन जुटाने से लेकर गठबंधन साझेदारों के साथ कठिन बातचीत तक, उन्हें एक कुशल वार्ताकार और मैनेजर के रूप में देखा जाता है. यही कारण है कि एनसीपी के कई वरिष्ठ नेता उन्हें ऐसे समय में पार्टी की कमान सौंपने के पक्ष में हैं, जब महाराष्ट्र की राजनीति जटिल समीकरणों से गुजर रही है.

लंबा और प्रभावशाली राजनीतिक सफर

प्रफुल्ल पटेल का राजनीतिक सफर भी काफी लंबा और प्रभावशाली रहा है. वह चार बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और छह बार राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं. उन्होंने 1991, 1996, 1998 और 2009 में भंडारा-गोंदिया लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया, जबकि 2000, 2006, 2014, 2016, 2022 और हाल ही में 2024 में राज्यसभा पहुंचे. इतने लंबे संसदीय अनुभव के चलते उन्हें एक परिपक्व और संतुलित नेता माना जाता है. एनसीपी के भीतर फिलहाल दो तरह की राय सामने आ रही है. एक धड़ा चाहता है कि सुनेत्रा पवार को आगे लाकर पार्टी में भावनात्मक एकजुटता का संदेश दिया जाए, जबकि दूसरा वर्ग मानता है कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में केवल एक अनुभवी और रणनीतिकार नेता ही पार्टी को सही दिशा में आगे बढ़ा सकता है और इस भूमिका के लिए प्रफुल्ल पटेल सबसे उपयुक्त हैं. कुछ नेताओं ने सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का सुझाव भी दिया है, ताकि सरकार और संगठन दोनों में संतुलन बना रहे.

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