Donald Trump Reply Court Decision on Tariff Dispute: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनके पास कांग्रेस को बायपास करने और विदेशी उत्पादों पर व्यापक कर लगाने की लगभग असीमित शक्ति है. लेकिन अब अमेरिकी कोर्ट में हुई एक अपील ने उनके रास्ते में बड़ी रुकावट डाल दी है. शुक्रवार को यूएस कोर्ट ऑफ अपील्स फॉर द फेडरल सर्किट ने फैसला सुनाया कि ट्रंप ने नेशनल इमरजेंसी घोषित करके और दुनिया के कई देशों पर व्यापक आयात कर लगाकर अपनी सीमा को पार कर दी है. वहीं अब अमेरिकी प्रेसीडेंट का कोर्ट के फैसले पर जवाब आया है.
शनिवार (30 अगस्त) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी कोर्ट के उस फैसले , जिसमें कोर्ट ने उनकी टैरिफ नीतियों को गैरकानूनी करार देते हुए फटकार लगाई थी; पर जोरदार पलटवार किया और कहा कि उनकी देश के सभी देशों के लिए टैरिफ पॉलिसी अब भी बरकरार है और वे इस मामले को लेकर अब कोर्ट के इस फैसले को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज करेंगे. ट्रंप ने कहा कि अगर ऐसा हो गया तो अमेरिका को बड़ी आपदा का सामना करना पड़ेगा.
सोशल मीडिया पर कोर्ट को ट्रंप का जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'सभी टैरिफ अब भी लागू हैं! एक पक्षपात करने वाली कोर्ट ने बिलकुल गलत तरीके से ये आदेश दिया कि हमारे टैरिफ हटाए जाने चाहिए, लेकिन आखिरकार में जीत अमेरिका की ही होगी. अगर टैरिफ हटाए गए तो अमेरिका के लिए ये डिजास्टर जैसी स्थिति होगी. टैरिफ हटाए गए तो अमेरिका इकोनॉमिक रूप से काफी कमजोर हो जाएगा. लेबर डे वीकेंड पर हमें इस बात को याद रखना होगा कि टैरिफ हमारे मजदूरों और 'मेड इन अमेरिका' प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों के लिए सबसे बड़ा हथियार है. सुप्रीम कोर्ट की मदद से हम देशहित के लिए टैरिफ का इस्तेमाल करेंगे और देश को और भी मजबूत बनाएंगे.'
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ट्रंप को मिला सुप्रीम कोर्ट में अपील का मौका
यह फैसला न्यूयॉर्क के एक विशेष संघीय व्यापार कोर्ट के मई के निर्णय को काफी हद तक बरकरार रखता है. लेकिन 7-4 के अपील कोर्ट के फैसले ने उस हिस्से को खारिज कर दिया जिसमें करों को तुरंत रद्द करने की बात थी, जिससे ट्रंप प्रशासन को यूएस सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का समय मिल गया. कोर्ट का यह फैसला ट्रंप के लिए एक बड़ा झटका था, जिनकी अनिश्चित व्यापार नीतियों ने वित्तीय बाजारों को हिलाकर रख दिया, व्यवसायों को अनिश्चितता में डाल दिया और कीमतों में वृद्धि और धीमी आर्थिक वृद्धि की आशंकाओं को बढ़ा दिया.
जिन देशों ने ट्रंप की बात नहीं मानी उन पर भारी टैरिफ लगे
कोर्ट का निर्णय उन करों पर केंद्रित है जो ट्रंप ने अप्रैल में लगभग सभी अमेरिकी व्यापारिक साझेदारों पर और उससे पहले चीन, मैक्सिको और कनाडा पर लगाए थे. ट्रंप ने 2 अप्रैल को तथाकथित पारस्परिक टैरिफ लगाए, जो उन देशों पर 50% तक थे जिनके साथ अमेरिका का व्यापार घाटा है और लगभग बाकी सभी पर 10% मूलभूत टैरिफ. कुछ देशों ने ऐसा किया जिसमें यूनाइटेड किंगडम, जापान और यूरोपीय संघ शामिल हैं और ट्रंप के साथ असमान सौदे किए ताकि और बड़े करों से बचा जा सके. जो देश नहीं झुके या जिन्होंने ट्रंप का गुस्सा भड़काया उन्हें इस महीने की शुरुआत में और भारी करों का सामना करना पड़ा.
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