ऐसा वाहन जो जमीन पर भागता है, पानी में तैरता है, बाढ़ में बचा रहा लोगों की जान

5 hours ago

Last Updated:August 30, 2025, 08:14 IST

एक्स पर कई ऐसे वीडियो आए हैं, जिसमें बहुत बड़े पहियों वाले विशेष वाहनों से भारतीय सेना पंजाब की बाढ़ में उतरकर लोगों को बचा रही है. ये वाहन मेक इन इंडिया हैं.

ऐसा वाहन जो जमीन पर भागता है, पानी में तैरता है, बाढ़ में बचा रहा लोगों की जान

क्या आपको मालूम है कि भारतीय सेना किस विशेष वाहनों से पंजाब के बाढ़ के पानी में उतर लोगों की जान बचा रही है. ये वाहन आराम से पानी में घुसकर रास्ता बनाते हुए पीड़ित तक पहुंचते हैं और वहां से सेना उन्हें निकालकर सुरक्षित जगह तक ले आती है. इन वाहनों को अगर देखें तो खास तरीके से बख्तरबंद वाहन लगते हैं, जिसके पहिए काफी बड़े ऊंचे और पानी हटाने वाले हैं.

इन वाहनों को एडवांस एंफीबियस आल टेरेन वाहन कहते हैं. नाम है एटोर एन1200(एटीवी). पंजाब के अमृतसर और अन्य जिलों में भयानक बाढ़ में सेना अपने साथ एडवांस एम्फीबियस ऑल-टेरेन वाहन (ATV) ATOR N1200 लेकर आई है, जो यहां दिन-रात काम कर रहे हैं. इन वाहनों की खासियत ये है कि ये गहरे पानी में उतर सकता है तो कीचड़ भरी जमीन में घुस सकता है तो ऊबड़-खाबड़ इलाकों में आसानी से चलकर फंसे हुए लोगों को निकाल सकता है.

ये जमीन और पानी दोनों पर चलता है और बर्फ में भी

ये वाहन सेना की तकनीकी क्षमता को तो जाहिर करता ही है बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ पहल का सफल उदाहरण भी है.एटोर एन1200 को स्पेशलिस्ट मोबिलिटी वाहन भी कहा जाता है. ये एक एम्फीबियस ऑल-टेरेन वाहन है. ‘एम्फीबियस’ का मतलब है कि यह जमीन और पानी दोनों पर चल सकता है, जबकि ‘ऑल-टेरेन’ से तात्पर्य है कि यह किसी भी प्रकार की जमीन चाहे बर्फ, रेगिस्तान, दलदल, पहाड़ या नदी पर बिना रुके आगे बढ़ सकता है.

इसके ड्राइवर केबिन में स्टीयरिंग व्हील नहीं होता. दो लीवर होते हैं, जो बाएं और दाएं पहियों को कंट्रोल करते हैं. ऐसे स्टीयरिंग को स्किड स्टीयरिंग कहते हैं. ये लीवर स्टीयरिंग और ब्रेक दोनों का काम करते हैं. भारत में इस ATV की कीमत करीब ₹2 करोड़ है.

पंजाब की बाढ़ में इसका इस्तेमाल

यह वाहन मूल रूप से यूक्रेन के शेर्प एन 1200 का भारतीय संस्करण है, जिसे भारतीय जरूरतों के अनुसार बदला गया है. भारतीय सेना ने इसे 2024 में अपने बेड़े में शामिल किया. पहली बार ये गणतंत्र दिवस परेड में नजर आया. तब से ये सिक्किम, लद्दाख जैसे कठिन इलाकों में तैनात है. अब पंजाब की बाढ़ में इसका उपयोग हो रहा है.

बाढ़ में उतरकर बचा रहा है लोगों की जान

अमृतसर में सतलुज, ब्यास और रावी नदियों के उफान से हजारों लोग फंस गए थे. एटोर एन1200 ने गहरे पानी में उतरकर सैकड़ों ग्रामीणों, बच्चों और बुजुर्गों को बचाया. गुरदासपुर के जवाहर नवोदय विद्यालय से लगभग 400 छात्रों और स्टाफ को निकालने में इसने खास भूमिका निभाई.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इसके वीडियो

यह वाहन सेना की ‘ह्यूमनिटेरियन असिस्टेंस एंड डिजास्टर रिलीफ’ गतिविधियों का हिस्सा है. सोशल मीडिया पर इस वाहन के वीडियो वायरल हो रहे हैं. जहां ये पानी को चीरते हुए आगे बढ़ रहा है, जहां साधारण वाहन असफल हो जाते हैं, वहां ये न केवल बचाव में सहायक है, बल्कि भोजन, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाने में भी उपयोगी है.

ये वाहन वास्तव में पानी में तैरता. मतलब ये जमीन पर भी चल सकता है और पानी पर तैर भी सकता है. और अगर बर्फ में जाए तो उसे भी तोड़ता चलता है.

एटोर एन1200 की डिजाइन इसे एक ‘बीस्ट ऑन व्हील्स’ बनाती है. इसका आकार कॉम्पैक्ट है – लंबाई 3.98 मीटर, चौड़ाई 2.57 मीटर, ऊंचाई 2.846 मीटर लेकिन क्षमता जबरदस्त. यह 1200 किलोग्राम तक का पेलोड उठा सकता है. 9 लोगों (ड्राइवर सहित 8 यात्री) को ले जा सकता है. इसकी टोइंग कैपेसिटी 2350 किलोग्राम है यानी यह भारी सामान या अन्य वाहनों को खींच सकता है.

ये 61 घंटे तक लगातार काम कर सकता है

इसके सबसे प्रमुख फीचर हैं इसके विशाल टायर, जो 1.8 मीटर ऊंचे और कम दबाव वाले हैं. ये टायर जमीन पर ट्रैक्शन प्रदान करते हैं. पानी में फ्लोटेशन डिवाइस तथा प्रोपेलर के रूप में काम करते हैं. यह 1 मीटर ऊंची बर्फ या बर्फीली सतह को तोड़ सकता है. इसका ईंधन टैंक 232 लीटर का है, जिसमें अतिरिक्त 90 लीटर का विकल्प है, जो 61 घंटे तक की ऑपरेशनल रेंज देता है.

वैसे इसकी ईंधन की खपत ज्यादा है. हर घंटा करीब 6 लीटर. यह -40°C से +45°C तक के तापमान में काम कर सकता है. कोहरे, तूफान, भारी बारिश या बर्फबारी में भी प्रभावी रहता है.इसकी जमीन पर 40 किमी/घंटा रहती है तो पानी में 6 किमी/घंटा.

चाहे घने जंगल हों, उबड़-खाबड़ ज़मीनें, बजरी, पीट, दलदल, बर्फ, झील या नदी, ये वाहन हर जगह चल सकता है.

एटोर एन1200 कैसे काम करता है?

ATOR N1200 का काम करने का तरीका इसकी हाइब्रिड डिजाइन पर आधारित है. जमीन पर इसके बड़े टायर घर्षण पैदा करते हैं, जो ऊबड़-खाबड़ रास्तों, रेतीले मैदानों या बर्फीली सतहों पर आसान बनाते हैं. पानी में प्रवेश करते ही टायर फ्लोट करते हैं, तब रोटेशन से प्रोपेलर की तरह काम करते हैं, जिससे वाहन तैरता और आगे बढ़ता है। इसका फ्लैट-बॉटम डिजाइन पानी में स्थिरता प्रदान करता है.

यह बर्फ तोड़ने के लिए आगे-पीछे हिल सकता है. सैन्य उपयोग में, यह सैनिकों और सामान को दुर्गम क्षेत्रों में पहुंचाता है, जैसे हिमालयी सीमाओं पर. बाढ़ में, यह पानी में उतरकर लोगों को निकालता है, जहां नावें या ट्रक असफल हो जाते हैं. अमृतसर में सेना ने इसे NDRF और SDRF के साथ तालमेल में उपयोग किया, जहां यह गहरे पानी में ग्रामीणों को सुरक्षित ले जा रहा है.

Sanjay Srivastavaडिप्टी एडीटर

लेखक न्यूज18 में डिप्टी एडीटर हैं. प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में काम करने का 30 सालों से ज्यादा का अनुभव. लंबे पत्रकारिता जीवन में लोकल रिपोर्टिंग से लेकर खेल पत्रकारिता का अनुभव. रिसर्च जैसे विषयों में खास...और पढ़ें

लेखक न्यूज18 में डिप्टी एडीटर हैं. प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में काम करने का 30 सालों से ज्यादा का अनुभव. लंबे पत्रकारिता जीवन में लोकल रिपोर्टिंग से लेकर खेल पत्रकारिता का अनुभव. रिसर्च जैसे विषयों में खास...

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Location :

Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh

First Published :

August 28, 2025, 18:47 IST

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