Last Updated:March 10, 2026, 19:52 IST
केंद्र सरकार ने मदुरै एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिया है. सरकार ने बताया कि ये फैसला दक्षिणी तमिलनाडु में पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा के लिए किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. सरकार का कहना है कि इससे खासतौर पर धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा होगा.

नई दिल्ली/मदुरै: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को केंद्रीय कैबिनेट ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है. इसमें तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को आधिकारिक तौर पर इंटरनेशनल एयरपोर्ट घोषित किया गया है. मंदिरों के शहर के रूप में विख्यात मदुरै के लिए यह केवल एक प्रशासनिक दर्जा नहीं है, बल्कि दक्षिण तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था और राजनीति की दिशा बदलने वाला एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है.
कैबिनेट के बयान के अनुसार, मदुरै हवाई अड्डा राज्य के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण हवाई अड्डों में से एक है. इसे अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलने से न केवल सिंगापुर, दुबई और कोलंबो जैसे शहरों के लिए सीधी कनेक्टिविटी बढ़ेगी, बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी जबरदस्त पंख लगेंगे. नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य 2047 तक देश में 350 हवाई अड्डे स्थापित करना है, और मदुरै इस विजन का एक अहम हिस्सा है.
इसके पीछे का राजनीतिक कारण?
मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने की मांग दशकों पुरानी है, लेकिन इस समय लिया गया यह फैसला सीधे तौर पर तमिलनाडु की चुनावी बिसात से जुड़ा नजर आता है. आइए समझते हैं इसके पीछे के 3 मुख्य राजनीतिक कारण:
दक्षिण तमिलनाडु थेवर समुदाय का गढ़: मदुरै को थूथुकुडी और कन्याकुमारी जैसे जिलों के लिए आर्थिक केंद्र माना जाता है. यहां थेवर और अन्य प्रभावशाली समुदायों की बड़ी आबादी है. इस फैसले के जरिए भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि वह क्षेत्रीय विकास के लिए गंभीर है, जिससे आगामी चुनावों में उसे वोट बैंक मजबूत करने में मदद मिल सकती है.
द्रमुक (DMK) के कार्ड की काट: अक्सर विपक्षी दल केंद्र सरकार पर तमिलनाडु की अनदेखी का आरोप लगाते रहे हैं. मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल बनाना केंद्र की ओर से एक बड़ा जवाबी हमला है, जो यह साबित करता है कि डबल इंजन की सोच या केंद्र का सहयोग राज्य के विकास के लिए कितना जरूरी है.
‘उड़ान’ योजना और तमिल गौरव: पीएम मोदी अक्सर तमिल भाषा और संस्कृति जैसे मदुरै की मीनाक्षी अम्मान मंदिर विरासत का जिक्र वैश्विक मंचों पर करते हैं. एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देकर केंद्र ने तमिल गौरव और विकास दोनों को एक साथ साधने की कोशिश की गई है.
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दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व...और पढ़ें
First Published :
March 10, 2026, 19:52 IST

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