Last Updated:March 10, 2026, 17:39 IST
भारत का एक पड़ोसी देश ऐसा भी है जहां हिंदू और बौद्ध मंदिर तो हैं लेकिन वहां ना मस्जिद बनाने की अनुमति है और ना चर्च की. एक छोटा सा पड़ोसी देश ऐसा भी है जहां केवल मस्जिद है, कोई मंदिर नहीं है और ना ही बनाया जा सकता है.
भारत का एक पड़ोसी देश है. प्राकृतिक तौर पर बहुत सुंदर और हराभरा. वहां की हवा भी बहुत शुद्ध रहती है. वहां बहुत से बौद्ध मंदिर हैं. साथ ही कुछ दर्जन हिंदू मंदिर लेकिन ये देश मस्जिद और चर्च बनाने को साफ मना कर देता है. क्योंकि उसकी सरकारी पॉलिसी में ही ऐसा प्रावधान है. (AI News18 Image)
इस पड़ोसी देश का नाम भूटान है. वो एक बौद्ध देश है. वहां ज्यादातर लोग बौद्ध धर्म को ही मानने वाले हैं. वहां कई हिंदू मंदिर भी मौजूद हैं लेकिन सरकारी नीतियों के कारण कोई आधिकारिक मस्जिद, चर्च या अन्य गैर-बौद्ध हिंदू पूजा स्थल नहीं हैं और ना ही बन सकते हैं. वैसे भूटान में 5000-7000 लोगों की मुस्लिम आबादी रहती है. उसको अपने घरों पर ही नमाज अदा करनी पड़ती है. विशेष अवसरों पर वहां के मुस्लिम भारत की सीमा पर पड़ने वाले जयगांव में आ जाते हैं., जहां एक एक मस्जिद है, जिसका उपयोग विशेष अवसरों पर होता है. (AI News18 Image)
भूटान आधिकारिक तौर पर बौद्ध और हिंदू धर्म को मान्यता भी देता है. वहां इस्लाम या ईसाई धर्म को मान्यता नहीं मिली है, लिहाजा वहां क्रिश्चियन मिशनरी भी नहीं है, ना ही ईसाई धर्म का कोई प्रचार प्रसार. भूटान की राजधानी थिंपू में एक सामुदायिक प्रार्थना कक्ष भी, जहां मुस्लिम साथ में नमाज अदा करते हैं. (AI News18 Image)
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भूटान के पूरे क्षेत्र में बौद्ध मठों की सटीक संख्या उपलब्ध नहीं है, लेकिन अनुमानित रूप से 10,000 से अधिक मठ, मंदिर और धार्मिक स्थल हैं, जिनमें से अधिकांश वज्रयान बौद्ध परंपरा से जुड़े हैं. देश की 75% आबादी बौद्ध है, जिसके कारण हर घाटी और पहाड़ी पर मठ बिखरे हुए हैं. भूटान के ज्यादातर हिंदू मंदिर देश के दक्षिणी हिस्से में हैं. (AI News18 Image)
भारत के एक और पड़ोसी देश म्यांमार में हिंदू मंदिर है तो बौद्ध मठ और मंदिर भी लेकिन वहां साथ में मस्जिदें भी हैं. म्यांमार में लगभग 157 से 700 तक मस्जिदें हैं, जो मुख्य रूप से यांगून, मंडले, राखाइन राज्य और मोन राज्य में स्थित हैं. 2025 के भूकंप में 60 मस्जिदें क्षतिग्रस्त हुईं, लेकिन इस्लाम का अंत नहीं हुआ. (AI News18 Image)
बांग्लादेश में हजारों हिंदू मंदिर और लाखों मस्जिदें हैं. बांग्लादेश में हिंदू आबादी करीब 8% होने के बावजूद देश में अनुमानित 20,000 से 30,000 छोटे-बड़े हिंदू मंदिर हैं, जिनमें ढाकेश्वरी को राष्ट्रीय मंदिर का दर्जा हासिल है तो जसोरेश्वरी शक्तिपीठ, कांताजी मंदिर और आदिनाथ प्रमुख मंदिर हैं. वैसे कई मंदिर हालिया हिंसा से प्रभावित हुए हैं. बांग्लादेश में 2-3 लाख मस्जिदें हैं. (AI News18 Image)
हां, मालदीव भारत का ऐसा पड़ोसी देश है जहां कोई हिंदू मंदिर, बौद्ध मठ या चर्च नहीं है, केवल मस्जिदें हैं. मालदीव का संविधान इस्लाम को राज्य धर्म घोषित करता है और गैर-इस्लामिक धार्मिक स्थलों का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है. 12वीं सदी से पहले यहां बौद्ध और हिंदू मंदिर थे, लेकिन इस्लाम अपनाने के बाद इन्हें नष्ट कर मस्जिदें बना दी गईं. यहां पर 1,000 से अधिक मस्जिदें हैं. (AI News18 Image)
पाकिस्तान में हिंदू मंदिरों, बौद्ध मठों, चर्चों की संख्या सीमित है, जबकि मस्जिदें लाखों में हैं. वहां कुल 1,285 हिंदू मंदिर हैं, लेकिन केवल 37 ही सक्रिय हैं. बाकी जर्जर या बंद हैं. सिंध में सबसे अधिक 11 सक्रिय मंदिर हैं. बहुत कम बौद्ध मठ बचे हैं. सक्रिय बौद्ध मठों की संख्या 5-10 से भी कम है. करीब 2,000 ईसाई चर्च हैं, ये मुख्य रूप से पंजाब और कराची में हैं. यहां करीब 10 लाख मस्जिदें हैं. आजादी के समय 1947 में इनकी संख्या 3-4 लाख ही थी. (AI News18 Image)
श्रीलंका में मोटे तौर पर बौद्ध मठ प्रमुख हैं, साथ ही हिंदू मंदिर, चर्च और मस्जिदें भी मौजूद हैं.यहां करीब 6,000 बौद्ध मठ हैं, जिनमें 15,000 भिक्षु रहते हैं; हाल ही में 11 नए पवित्र स्थल घोषित कर कुल 142 हो गए. हिंदू मंदिर भी हजारों में हैं,यहां करीब 25 लाख की हिंदू आबादी रहती है. करीब 1500 चर्च हैं. 7.4% ईसाई हैं, ज्यादा रोमन कैथोलिक. मस्जिदें भी हजारों में हैं . (AI News18 Image)
भारत में करीब 20 लाख छोटे बड़े मंदिर हैं. इसमें सबसे ज्यादा मंदिर तमिलनाडु में हैं, इनकी संख्या तीन लाख है. यहां करीब 3-7 लाख मस्जिदें हैं, जो निजी वक्फ बोर्डों द्वारा प्रबंधित हैं. करीब 35,000-50,000 चर्च हैं, ज्यादातर चर्च दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में हैं. सैकड़ों प्रमुख बौद्ध मठ हैं. (AI News18 Image)
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First Published :
March 10, 2026, 17:39 IST

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