Agriculture Business Idea: बिहार के किसान अब पारंपरिक फसलों के बजाय उन फसलों की ओर रुख कर रहे हैं. जिनकी डिमांड साल भर रहती है. दरभंगा के हायाघाट के किसानों ने मेथी की खेती को एक बेहतरीन 'टू-इन-वन' बिजनेस मॉडल में बदल दिया है. किसान कमलेंदु झा बताते हैं कि मेथी की खासियत यह है कि इसका पौधा और बीज, दोनों ही बाजार में हाथों-हाथ बिकते हैं. डबल कमाई का फॉर्मूला मेथी की फसल शुरुआती दौर में बेहद कोमल होती है. जिसे 'साग' के रूप में खेतों से ही ₹40 प्रति किलो के भाव पर बेच दिया जाता है. इसके बाद बची हुई फसल को बड़ा होने दिया जाता है. जिससे मिलने वाले 'मेथी दाने' की किचन मसालों और औषधि के रूप में भारी मांग रहती है. शुगर-बीपी के मरीजों के लिए 'अमृत' शहरी क्षेत्रों में मेथी की बंपर डिमांड का मुख्य कारण इसके औषधीय गुण हैं. ब्लड शुगर और बीपी को नियंत्रित करने में प्रभावशाली होने के कारण लोग इसे 'सुपरफूड' की तरह खरीदते हैं. कम लागत और दोहरी कमाई के कारण दरभंगा के किसानों के लिए मेथी अब एक 'कैश क्रॉप' बन चुकी है.
Video: पौधा बना साग, बीज बना औषधि! किसानों के लिए बेहतरीन 'टू-इन-वन' बिजनेस मॉडल
1 hour ago
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