Last Updated:February 26, 2026, 19:24 IST
भारत मंडपम में प्रदर्शन करने वाले यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कांग्रेस लगातार समर्थन कर रही है. उनको बब्बर शेर बताया जा रहा है. अब इस मामले में कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने पुलिस की कार्रवाई को अनुचित बताया है. उन्होंने प्रदर्शनकारियों को 'बब्बर शेर' बताते हुए कहा कि सत्ता से सवाल पूछना देशद्रोह नहीं है. शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है.

भारत मंडपम विरोध प्रदर्शन न्यूज: राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस एक्शन शुरू हो चुका है. कांग्रेस इस प्रदर्शन का समर्थन कर रही है. इस कड़ी में अब कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी भी उतर गए हैं. उन्होंने भारत मंडपम में उपद्रव करने वालों का साथ देते हुए, इसे उनका विरोध का अधिकार बताया है. उन्होंने कहा कि भारत मंडपम एक सार्वजनिक स्थान है और वहां किसी को प्रदर्शन करने का अधिकार है. साथ ही उन्होंने दिल्ली पुलिस की सख्त धाराओं कड़ी निंदा की है.
मनु सिंघवी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सरकार और दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने पुलिस की एफआईआर और लगाई गई धाराओं का मजाक उड़ाते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है मानो ये युवा कोई आतंकी हों.
भारत मंडपम किसी की जागीर नहीं
सिंघवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत करते हुए कहा, ‘हम राजनीतिक विरोध पर लगाए जा रहे इन आपराधिक आरोपों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं. यह एक पूरी तरह से अनुचित और असमान प्रक्रिया है.’ उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि भारत मंडपम कोई प्राइवेट प्रॉपर्टी नहीं है, बल्कि यह पब्लिक प्रॉपर्टी है. यहां जाकर विरोध जताना एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे. अगर कोई सरकार से जवाबदेही मांगता है, तो उसे सीधे तौर पर ‘देशद्रोह’ या ‘आपराधिक साजिश’ का नाम नहीं दिया जा सकता.
‘बेचारे बच्चे’ और ‘बब्बर शेर’ का जिक्र
सिंघवी ने अपने बयान में तंज कसते हुए कहा, ‘इन बेचारे बच्चों ने ऐसा कोई अपराध नहीं किया है. उन्होंने विरोध जरूर किया, लेकिन पुलिस को कहां अवरुद्ध किया? पुलिस पर हमला करने का उनका कोई इरादा नहीं था.’ उन्होंने पुलिस द्वारा लगाई गई धाराओं पर हैरानी जताते हुए कहा, ‘एफआईआर में ऐसी धाराएं लगाई गई हैं कि मुझे लग रहा है कि मैं आतंकवाद या देशद्रोह का मुकदमा पढ़ रहा हूं.’ साथ ही उन्होंने हौसला बढ़ाते हुए उन्हें ‘बब्बर शेर’ कहा. उन्होंने कहा, ‘वहां हमारे बब्बर शेर कुछ कह रहे थे. हो सकता है कि सरकार की नजर में उनका तरीका गलत हो, लेकिन हमारे लिए और उनके लिए यह तरीका बिल्कुल सही था. यह फौजदारी का मामला बिल्कुल नहीं है.’
राहुल गांधी के बयान का दिया हवाला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सिंघवी ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के बयानों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने साफ तौर पर कहा है कि आज एक कंप्रोमाइज्ड पीएम के राज में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को कुचला जा रहा है. देश में ऐसा माहौल बना दिया गया है कि अगर आप सत्ता के खिलाफ एक शब्द भी बोलते हैं, तो उसे ‘देश के खिलाफ बोलना’ मान लिया जाता है.
पेपर लीक का उठाया मुद्दा
सिंघवी ने इस पूरे प्रदर्शन की जड़ यानी ‘पेपर लीक’ के मुद्दे को भी जोर-शोर से उठाया. उन्होंने सरकार की नाकामी पर प्रहार करते हुए कहा, ‘आज देश का युवा पेपर लीक जैसी घटनाओं से त्रस्त है. जब इन युवाओं ने अपने हक के लिए आवाज उठाई और सरकार से जवाब मांगा, तो उन्हें बदले में क्या मिला? सिर्फ लाठियां और पुलिसिया कार्रवाई.’
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दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व...और पढ़ें
First Published :
February 26, 2026, 19:24 IST

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