Last Updated:February 09, 2026, 16:19 IST
GK, Indian Passport Colors Meaning and Power: क्या आप जानते हैं कि नीले, सफेद और Maroon पासपोर्ट में क्या अंतर है? जानिए भारतीय पासपोर्ट के रंगों के पीछे छिपा असली 'पावर गेम', डिप्लोमैटिक पासपोर्ट के फायदे और उन देशों की लिस्ट, जहां जाने के लिए भारतीयों को वीजा नहीं चाहिए.

नई दिल्ली (General Knowledge, Indian Passport Colors). क्या आपने कभी गौर किया है कि एयरपोर्ट पर कुछ लोगों के पास नीले रंग का पासपोर्ट होता है, जबकि कुछ खास लोग सफेद या Maroon रंग का पासपोर्ट लेकर निकलते हैं? विदेश यात्रा के लिए पासपोर्ट होना जरूरी है. इसका रंग आपकी पहचान और दुनिया में आपकी ताकत को बयां करता है. भारत सरकार मुख्य रूप से 3 रंगों के पासपोर्ट जारी करती है, जो आम नागरिक से लेकर देश के सबसे बड़े कूटनीतिज्ञों तक के लिए अलग-अलग होते हैं.
पासपोर्ट का रंग तय करता है कि आपको किस देश में कितनी आसानी से एंट्री मिलेगी और इमिग्रेशन काउंटर पर आपकी जांच कैसे होगी. विदेश जाने का सपना देखने वाले युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए पासपोर्ट के इन रंगों के पीछे की जनरल नॉलेज समझना जरूरी है. जहां नीला पासपोर्ट आपकी भारतीय नागरिकता का प्रमाण है, वहीं मरून रंग का पासपोर्ट वो VVIP सुविधाएं दिलाता है, जिसकी कल्पना कोई आम इंसान नहीं कर सकता. जनरल नॉलेज में जानिए पासपोर्ट के रंगों में छिपे रहस्य.
Indian Passport Colors Meaning and Power: पासपोर्ट के रंगों का ‘पावर गेम’
पासपोर्ट के बिना विदेश में एंट्री संभव नहीं है. जानिए भारतीय पासपोर्ट के किस रंग का क्या मतलब है और आपके पास कौन सा होना चाहिए.
1. नीला पासपोर्ट (Personal Passport – Type P)
यह भारत का सबसे आम पासपोर्ट है, जिसे ‘Type P’ (P यानी Personal) कहा जाता है. यह देश के आम नागरिकों के लिए जारी किया जाता है. इसका नीला रंग इसे अन्य देशों के आधिकारिक पासपोर्ट से अलग दिखाने के लिए चुना गया है. यह पासपोर्ट धारक को विदेश में नौकरी, शिक्षा या पर्यटन के लिए जाने की अनुमति देता है.
2. सफेद पासपोर्ट (Official Passport – Type S)
सफेद रंग का पासपोर्ट हर किसी को नहीं मिलता. यह सरकारी अधिकारियों के लिए होता है जो सरकारी काम से विदेश यात्रा करते हैं. इसे ‘Type S’ (S यानी Service) कहा जाता है. सफेद पासपोर्ट धारकों को एयरपोर्ट पर कुछ विशेष सुविधाएं मिलती हैं और इमिग्रेशन अधिकारी उनके साथ आधिकारिक प्रतिनिधि की तरह व्यवहार करते हैं.
3. मरून पासपोर्ट (Diplomatic Passport – Type D)
यह भारत का सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट है. इसे ‘डिप्लोमैटिक पासपोर्ट’ कहा जाता है. इस रंग का पासपोर्ट सिर्फ भारतीय राजनयिकों (IFS), सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को जारी किया जाता है.
इसकी शक्ति: मरून पासपोर्ट धारकों को विदेश जाने के लिए वीजा की जरूरत नहीं पड़ती. इसके अलावा, उन्हें एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन की लंबी कतारों से छूट मिलती है और विदेशों में ‘डिप्लोमैटिक इम्यूनिटी’ (राजनयिक छूट) प्राप्त होती है, जिससे उन पर कानूनी कार्रवाई के नियम काफी फ्लेक्सिबल होते हैं.
4. नारंगी पासपोर्ट (Orange Passport)
नारंगी पासपोर्ट उन लोगों के लिए होता है, जिन्होंने केवल 10वीं कक्षा तक की पढ़ाई की है (ECR कैटेगरी). इसका मुख्य उद्देश्य विदेशों में कम पढ़े-लिखे मजदूरों के हितों की रक्षा करना और उन्हें शोषण से बचाना है.
वीजा के बिना किस देश की यात्रा कर सकते हैं?
भारतीय पासपोर्ट की ताकत ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स में लगातार बढ़ रही है. फिलहाल, भारतीय पासपोर्ट धारक थाईलैंड, मॉरीशस, श्रीलंका, भूटान और नेपाल जैसे 60 से अधिक देशों में बिना वीजा (Visa-free) या ‘वीजा-ऑन-अराइवल’ की सुविधा के साथ यात्रा कर सकते हैं. यह इस बात पर निर्भर करता है कि उन देशों के साथ भारत के कूटनीतिक संबंध कैसे हैं.
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First Published :
February 09, 2026, 16:19 IST

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