Last Updated:February 01, 2026, 14:29 IST
Pulkit Garg IAS Story: चित्रकूट के डीएम आईएएस पुलकित गर्ग ने अपनी बेटी का दाखिला सरकारी आंगनवाड़ी केंद्र में कराकर मिसाल पेश की है. उन्होंने वीआईपी कल्चर छोड़ सरकारी व्यवस्था पर भरोसा जताया है. इस सादगी भरे कदम की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है.
Pulkit Garg IAS Story: आईएएस पुलकित गर्ग एक खास फैसले के चलते चर्चा में हैंनई दिल्ली (Pulkit Garg IAS Story). उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के डीएम पुलकित गर्ग ने एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने न केवल प्रशासनिक हलकों में बल्कि आम जनता के बीच भी नई चर्चा छेड़ दी है. आईएएस अधिकारी पुलकित गर्ग ने अपनी नन्ही बेटी का दाखिला किसी महंगे प्राइवेट स्कूल या हाई-फाई प्ले-स्कूल में कराने के बजाय सरकारी आंगनवाड़ी केंद्र में कराया है. किसी जिले के सबसे बड़े अधिकारी ने सरकारी व्यवस्था पर भरोसा जताकर समाज को बड़ा संदेश दिया है.
डीएम पुलकित गर्ग का यह फैसला सरकारी शिक्षा तंत्र और आंगनवाड़ी केंद्रों के प्रति आम लोगों के नजरिए को बदलने वाला है. चित्रकूट के सदर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले इस आंगनवाड़ी केंद्र में उनकी बेटी अन्य ग्रामीण बच्चों के साथ खेल-खेल में शिक्षा ग्रहण करेगी. आईएएस पुलकित गर्ग का कहना है कि आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पर्याप्त रिसोर्स और प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद है. इस पहल से सरकारी कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा और लोग सरकारी सुविधाओं को दोयम दर्जे का समझना बंद कर देंगे.
आईएएस पुलकित गर्ग कौन हैं?
आईएएस पुलकित गर्ग 2016 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी हैं. उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2015 में ऑल इंडिया 27वीं रैंक हासिल की थी. उन्होंने IIT दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है. पुलकित गर्ग के पिता प्रदीप गर्ग हरियाणा ग्रामीण बैंक में मैनेजर हैं. आईएएस पुलकित गर्ग की पत्नी भारतीय स्टेट बैंक में अधिकारी हैं. आईएएस पुलकित गर्ग ने अपनी 3.5 साल की बेटी शिया का एडमिशन मुख्यालय के धनुष चौराहा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में कराया है.
प्राइवेट स्कूल के बजाय सरकारी व्यवस्था पर भरोसा
आमतौर पर देखा जाता है कि आईएएस अफसर या उच्च पदों पर बैठे अन्य अधिकारियों के बच्चे शहर के बड़े कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ाई करते हैं. लेकिन 2016 बैच के आईएएस अधिकारी पुलकित गर्ग ने इस परंपरा को तोड़ दिया. उन्होंने अपनी बेटी का रजिस्ट्रेशन चित्रकूट के एक साधारण सरकारी आंगनवाड़ी केंद्र में करवाया है. चित्रकूट के डीएम पुलकित गर्ग के इस फैसले से साफ हो गया है कि अगर इच्छाशक्ति हो तो सरकारी तंत्र को भी आदर्श बनाया जा सकता है.
आम बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर पढ़ेगी ‘कलेक्टर की बिटिया’
आंगनवाड़ी केंद्र में दाखिले के बाद डीएम पुलकित गर्ग की बेटी अब जिले के सामान्य परिवार के बच्चों के साथ समय बिताएगी. वहां वह वही पौष्टिक आहार (पंजीरी/दलिया) और खेल-कूद की गतिविधियों का हिस्सा बनेगी, जो अन्य बच्चों के लिए उपलब्ध हैं. आईएएस पुलकित गर्ग का मानना है कि इससे बच्चों में Social Harmony की भावना पैदा होती है और वे जमीनी हकीकत से जुड़कर बड़े होते हैं. आईएएस पुलकित गर्ग पिछले साल खुद भी सरकारी स्कूल में बच्चों के साथ बैठकर मिड डे मील खा चुके हैं.
सरकारी योजनाओं को मिलेगा नया बल
जब किसी जिले का मुखिया खुद सरकारी सेवाओं का इस्तेमाल करता है तो पूरी मशीनरी सतर्क हो जाती है. डीएम की बेटी के आंगनवाड़ी जाने से अब जिले के अन्य केंद्रों की स्थिति में भी सुधार की उम्मीद जगी है. इससे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा है और उन्हें लगता है कि उनके काम को अब सीधे तौर पर पहचाना जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी समय-समय पर सरकारी स्कूलों और आंगनवाड़ियों के कायाकल्प पर जोर देते रहे हैं.
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With more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academic sys...और पढ़ें
First Published :
February 01, 2026, 14:29 IST

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