Last Updated:March 02, 2026, 16:47 IST
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने 2025-26 के लिए EPF पर 8.25 फीसदी ब्याज दर बरकरार रखी है. यह लगातार दूसरा साल है जब ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इस फैसले से सात करोड़ से ज्यादा खाताधारकों को सीधा फायदा मिलेगा. अब इस दर को लागू करने के लिए वित्त मंत्रालय की अंतिम मंजूरी का इंतजार है.

नई दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने 2025-26 के लिए EPF पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर बनाए रखने का फैसला किया है. यह लगातार दूसरा साल है जब ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया. यह दर 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच जमा होने वाले अंशदान पर लागू होगी. पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में भी यही 8.25 प्रतिशत की दर लागू थी. इस फैसले से करोड़ों नौकरीपेशा लोगों को स्थिर और अनुमानित रिटर्न का भरोसा मिलेगा.
पिछले दशक में धीरे-धीरे कम हुआ रिटर्न
अगर बीते दस वर्षों पर नजर डालें तो EPF की ब्याज दर में हल्की गिरावट देखी गई है. वर्ष 2015-16 में खाताधारकों को 8.8 प्रतिशत का रिटर्न मिला था, जो अब घटकर 8.25 प्रतिशत रह गया है. यानी एक दशक में 0.55 प्रतिशत की कमी आई है. हालांकि यह गिरावट बहुत बड़ी नहीं मानी जा रही, लेकिन यह संकेत जरूर देती है कि सुरक्षित निवेश योजनाओं पर मिलने वाला रिटर्न धीरे-धीरे नीचे आया है. इसके बावजूद EPF आज भी जोखिम रहित और भरोसेमंद निवेश विकल्पों में गिना जाता है.
कभी 8.10 फीसदी तक पहुंची थी दर, अब स्थिति स्थिर
मार्च 2022 में EPFO ने 2021-22 के लिए ब्याज दर घटाकर 8.10 प्रतिशत कर दी थी, जो चार दशकों में सबसे निचला स्तर था. 2020-21 में यह दर 8.5 प्रतिशत थी और उससे पहले 2019-20 में 8.5 प्रतिशत पर लाई गई थी. 2016-17 में 8.65 प्रतिशत और 2017-18 में 8.55 प्रतिशत ब्याज मिला था. 2023-24 में दर को 8.15 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत किया गया था, जिसे अब 2025-26 के लिए भी कायम रखा गया है. इससे साफ है कि हाल के वर्षों में दर में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं हुआ है.
अब वित्त मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार
केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) के फैसले के बाद 2025-26 की ब्याज दर को अंतिम मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय के पास भेजा जाएगा. सरकार की स्वीकृति मिलते ही यह दर सात करोड़ से अधिक खाताधारकों के खातों में क्रेडिट कर दी जाएगी. EPFO हर साल सरकार की मंजूरी के बाद ही ब्याज दर लागू करता है. ऐसे में कर्मचारियों के लिए यह फैसला राहत भरा है, क्योंकि मौजूदा आर्थिक हालात में 8.25 प्रतिशत की स्थिर दर उन्हें सुरक्षित और संतुलित रिटर्न का भरोसा देती है.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in ...और पढ़ें
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New Delhi,Delhi
First Published :
March 02, 2026, 16:47 IST

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