वीडियो में 21 तोपों की सलामी देने की पूरी रिहर्सल दिखाई दे रही है. यह ड्रिल खास मौकों पर दी जाने वाली सम्मान की सलामी से पहले की जाती है, ताकि हर तोप तय समय और सही तालमेल के साथ दागी जा सके. मैदान में तैनात जवान पूरी एकाग्रता के साथ अपनी-अपनी पोजीशन पर नजर आते हैं. ड्रिल के दौरान देखा जा सकता है कि तोपों को एक सीध में लगाया गया है और हर फायर के बीच तय सेकंड का अंतर रखा जा रहा है. कमांड मिलते ही जवान एक साथ मूवमेंट करते हैं और पूरी प्रक्रिया बेहद अनुशासन में पूरी की जाती है. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना होता है कि असली समारोह के वक्त कोई भी गलती न हो.
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1 hour ago

