Papita farming : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में गर्मी शुरू होते ही बाजारों में पपीते की मांग तेजी से बढ़ जाती है. सेहत के लिए फायदेमंद होने के कारण लोग इसे खूब पसंद करते हैं, जिससे किसानों के लिए इसकी खेती लाभकारी साबित हो रही है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पपीते की खेती में सही मिट्टी, जल निकासी और उन्नत किस्म का चयन बेहद जरूरी है. खासकर रेड लेडी किस्म कम समय में तैयार होकर 13–14 महीनों में फल देना शुरू कर देती है. इसके फल आकार में आकर्षक और स्वाद में मीठे होते हैं, जिससे बाजार में अच्छी कीमत मिलती है. सही तकनीक और देखभाल के साथ किसान कम समय में बेहतर उत्पादन लेकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
Last Updated:March 06, 2026, 11:33 ISTदेश

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