Last Updated:April 10, 2015, 11:09 IST
अमेरिका ने कहा कि वह सोवियत हथियारों को मॉस्को के रेड स्क्वायर पर प्रदर्शित करने की योजना से चिंतित नहीं है।

07 मई 2008
रॉयटर्स
वॉशिंगटन। अमेरिका ने कहा है कि वह सोवियत जमाने के सैन्य हथियारों को मॉस्को के ऐतिहासिक रेड स्क्वायर पर प्रदर्शित करने की रूस की योजना से बिल्कुल भी चिंतित नहीं है।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के प्रेस सचिव ज्यॉफ मोरेल ने मंगलवार को यहां कहा, "अगर रूस अपने पुराने सैन्य उपकरणों को निकालकर उन्हें जांचना चाहता है, तो वह शौक से ऐसा कर सकता है। हम इसका स्वागत करते हैं"।
उल्ल्खेनीय है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने इस शुक्रवार को होने वाली वार्षिक परेड के दौरान भारी सैन्य हथियारों को प्रदर्शित करने की परंपरा को पुनर्जीवित करने का आदेश दिया है।
द्वितीय विश्व युद्ध में सन 1945 में नाजी जर्मनी पर सोवियत संघ की जीत की याद में हर वर्ष रेड स्क्वायर पर परेड आयोजित की जाती है। लेकिन सोवियत संघ के विघटन से एक वर्ष पहले, यानि 1990 से इस परेड में भारी हथियारों को प्रदर्शित नहीं किया जाता है।
रूस को फिर से बुलंदी पर पहुंचाने के लिए प्रयासरत पुतिन ने सोवियत जमाने की कई परंपराओं को फिर से बहाल किया है।

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